Tuesday, Jan 23, 2018

केंद्र व दिल्ली सरकार की खींचतान में रोक मेट्रो फेज चार का काम, नहीं मिली मंजूरी

  • Updated on 1/12/2018

नई दिल्ली/ब्यूरो। करीब दो वर्ष पीछे चल रहे मेट्रो फेज चार का काम कब शुरू होगा इस बारे में अबतक स्थिति साफ नहीं है। वर्ष 2017 से 2021 में पूरा होनेवाले इस फेज को लेकर अबतक केंद्र व दिल्ली सरकार की मंजूरी तक नहीं मिली है। कुल छह कॉरीडोर में से जनवरी में दो कॉरीडोर के लिए कंसलटेंट नियुक्त की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें मजलिस पार्क से आरके आश्रम और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ मेट्रो रूट के लिए कंसलटेंट जनवरी में नियुक्त किए जाएंगे।

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इस कार्य के लिए 77 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है जिसमें सिविल और बिल्डिंग वर्क किया जाएगा। नियमानुसार बजट पूर्व में मिलने की स्थिति में फेज चार का काम 2016 में ही शुरू किया जाना था। लेकिन केंद्र व दिल्ली सरकार की आपसी खींचतान के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल सकी। अब फेज चार के लिए दिल्ली सरकार की ओर से केवल सैद्धांतिक मंजूरी ही मिली है।

फेज चार में देरी अधिक होने और जमीन का अधिग्रहण नहीं होने से कुल बजट में करीब छह हजार करोड़ रुपए से अधिक बजट बढऩे का अनुमान है।  2017-2021 तक पूरा होनेवाले फेज चार को लेकर प्रमुख छह कोरीडोर के लिए 103 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट का निर्माण होना था। लेकिन अभी तक फेज तीन के कई रूटों का काम पूरा नहीं हुआ है।  

क्या हैं अड़चने

- केेंद्र व दिल्ली सरकार से मंजूरी नहीं मिलने से वर्ष 2016 में काम शुरू नहीं हुआ  

- करीब 55 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। लेकिन मंजूरी न मिलने और जमीन अधिग्रहण व अन्य कार्यांे में देरी से दस फीसदी अधिक बजट बढ़ गया।  

फेज चार में क्या होगा खास 

- चौथे चरण में 79 स्टेशन में से 50 स्टेशन एलिवेटेड और 29 अंडरग्राउंड 

- चौथा चरण पूरा होने पर दिल्ली व एनसीआर के करीब 60 लाख लोगों को लाभ 

- इंद्रलोक-दिल्ली गेट-इंद्रप्रस्थ एक मात्र लाइन अंडरग्राउंड होगी

- चौथे चरण में दो कॉरीडोर रिठाला-बवाना-नरेला और मुकुंदपुर बुराड़ी मौजपुर कॉरीडोर एलिवेटेड

चौथे चरण में बनने वाले कॉरिडोर की लंबाई

रिठाला-बवाना-नरेला                        21.73 किमी.
जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम             28.92 किमी.
मुकुंदपुर-मौजपुर                             12.54 किमी.
इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ                             12.58 किमी.
ऐरोसिटी तुगलकाबाद                       20.20 किमी.
लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक            7.96 किमी.
टोटल-103.93 किमी.

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मेट्रो का शहर में बढ़ेगा दायरा 

शहर में मेट्रो के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। नोएडा सेक्टर -62 से वैशाली के रास्ते मोहननगर तक मेट्रो कॉरिडोर बनाने की डीपीआर एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। डीएमआरसी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को सात दिन में डीपीआर जमा करने का आश्वासन दिया है। डीपीआर मिलते ही उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद फेज-3 के अन्र्तगत नोएडा और वैशाली से मोहन नगर मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है। 

2016 में बना था प्रस्ताव 

वर्ष 2016 में जीडीए बोर्ड की बैठक में वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर तक 5 किलोमीटर और नोएडा सेक्टर-62 से वैशाली तक 4.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस पर जीडीए ने डीएमआरसी को मई 2016 को पत्र भेज दोनों कॉरिडोर का डीपीआर तैयार करने को कहा था। डीएमआरसी ने इसके लिए फीस व सॢवस टैक्स जोड़कर 109.25 लाख रुपए मांगे थे। इसमें से जीडीए ने 32.275 लाख रुपए की किस्त डीएमआरसी को जारी कर दिए थे। हालांकि डीएमआरसी को दिसम्बर 2017 तक ही डीपीआर देनी थी।

बनेंगे कुल 8 स्टेशन 

नोएडा से वैशाली होते हुए मोहन नगर तक प्रस्तावित मेट्रो दो अलग-अलग भागों में तैयार होगी। नोएडा से वैशाली और वैशाली से मोहननगर दोनों कॉरिडोर पर चार-चार स्टेशन बनाए जाने हैं । मुख्य अभियंता वीएन सिंह ने बताया कि इस योजना को 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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