बस के पहिए जाम, आम जनता परेशान

Navodayatimesनई दिल्ली/ब्यूरो। प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग द्वारा प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में सोमवार सायं को रोडवेज बसों का चक्का जाम मंगलवार पूरी तरह से सफल रहा। सोमवार से ही धरना पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों ने गुडग़ांव डिपो से कोई भी बस नहीं निकलने दी।

गुड़गांव: रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम

बस डिपो के अधिकारियों के धरना पर बैठे कर्मचारियों को रोडवेज बसों का संचालन करने के लिए कहा, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। यूनियन के नेताओं के अगले आदेश का इंतजार कर्मचारियों को दिनभर रहा। गुडग़ांव जिला में न कोई ऑडनरी और न ही कोई सिटी बस चली। वॉल्वो बसों के बारे में तो सोचो ही मत।  

बता दें कि सोमवार की सायं 5 बजे के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने यहां डिपो में हड़ताल शुरू कर दी थी। अपनी मांगों को लेकर यहां बस अड्डा परिसर में एकत्रित होकर कर्मचारियों ने बसों के संचालन पर रोक लगानी शुरू कर दी। देखते ही देखते बस अड्डा और वर्कशॉप में बसों की संख्या बढ़ गई और नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने मांगों का समर्थन किया।    

वर्कशॉप के गेट पर धरने पर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान संदीप दलाल ने कहा कि प्राइवेट बसों को परमिट देकर सरकार रोडवेज विभाग को पीछे धकेलना चाहती है। सरकार को इस मामले में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। अन्य रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्राइवेट बसों के लिए परमिट देकर सरकार रोडवेज विभाग के साथ अन्याय कर रही है। जब तक प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानेगी, तब तक रोडवेज बसों का चक्का जाम रहेगा। चाहें कुछ भी हो जाए हम धरना देते रहेंगे।

करीब 15 लाख के नुकसान का अनुमान  

सोमवार की सायं और मंगलवार को रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से गुडग़ांव बस डिपो को लगभग 15 लाख रुपए का नुकसान होने की संभावना है। क्योंकि एक दिन में गुडग़ांव बस डिपो की आमदनी 12 से 13 लाख रुपए है। जिसमें वॉल्वो बसें, ऑडनरी बसें और सिटी बसें शामिल हैं।

बाइक लेकर ट्रैक पार करने वालों पर कार्रवाई

ऐसे में सोमवार सायं 5 बजे के बाद और मंगलवार को पूरा दिन बसें नहीं चलने से रोडवेज विभाग को नुकसान पहुंचा है। बसों का चक्का जाम होने के कारण वॉल्वो की एडवांस बुकिंग करवा रखी थी, उनको अब रद्द करना पड़ रहा है। क्योंकि चक्का जाम के कारण वॉल्वो बसों का भी संचालन नहीं हो पा रहा।

जब सिर पर बैग रखकर घूमे यात्री... 

रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम किए जाने पर यात्रियों को अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए अन्य ट्रासंपोर्ट साधनों का सहारा लेना पड़ा। जिससे यात्रियों को काफी समस्याएं झेलनी पड़ीं। यहां तक की उनको अपना सामान सिर पर रखकर घूमना पड़ा। जिस कारण प्राइवेट ट्रांसपोर्ट संचालकों की दिनभर चांदी रही। 

रोडवेज बसों का चक्का जाम होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे, ऐसे में लोग जान को जोखिम में डालकर प्राइवेट बसों की छतों पर बैठकर सफर करते दिखे। रोजाना अल सुबह कई बसें रोहतक, चंडीगढ़ सहित अन्य रूटों पर जाती हैं। जिनमें कामकाजी और नौकरी करने वाले लोग सफर करते हैं।

सुबह-सुबह काफी संख्या में लोग बस स्टैंड पहुंचे। लेकिन यहां पर बसें नहीं मिलने के कारण कई लोग वापिस लौट गए। वहीं कई लोग ट्रेन पकडऩे के लिए गुडग़ांव रेलवे स्टेशन और दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के लिए रवाना हुए।

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