नोटिफिकेशन लागू होने से छात्रों को मिलेगा प्रोविजनल सर्टिफिकेट

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नई दिल्ली,(ब्यूरो):  जेएनयू में एमफिल और पीएचडी दाखिले की नई नीति को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच विवि प्रशासन ने नोटिफिकेशन लागू करने को विवि की बाध्यता बताया है। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यूजीसी के नियमों के मुताबिक 5 मई नोटिफिकेशन को लागू करने से विवि छात्रों को प्रोविजनल सार्टिफिकेट देने में सक्षम हो जाएगा।

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जेएनयू प्रशासन ने एमफिल और पीएचडी दाखिले को लेकर यूजीसी नोटिफिकेशन लागू किया है। इसके बाद दाखिले के लिए 100 फीसदी साक्षात्कार हो जाएगा, लेकिन छात्र विवि प्रशासन के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस बीच विवि ने यूजीसी के नियमों का जिक्र करते हुए स्पष्टीकरण जारी किया है। विवि के स्पष्टीकरण के मुताबिक, यूजीसी ने एमफिल पीएचडी दाखिले के न्यूनतम मानक के लिए 5 मई को नोटिफिकेशन जारी किया था।

जिसे यूजीसी ने 5 जुलाई 2016 के अपने गजट में प्रकाशित किया। उसके बाद विवि ने 7 और 20 अक्तूबर को आयोजित विद्वत परिषद (एसी) बैठक में यूजीसी 5 मई के नोटिफिकेशन को पास किया। जिसके बाद 22 नवम्बर को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में स्वीकार किया गया। इसके बाद मौजूदा प्रावधानों के प्रस्तावित संसाधनों में तुलानात्मक विवरण के लिए 26 दिसम्बर को आयोजित एसी बैठक में इस प्रस्ताव को रखा गया। जहां इसे पास कराने के बाद 3 जनवरी को आयोजित कार्यकारी परिषद बैठक में इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया।

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इसके बाद विवि छात्रों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट देने में सक्षम हो जाएगी। विवि द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार यह बात उल्लेखनीय है कि जेएनयू ने 2009 का नोटिफिकेशन आंशिक तौर पर 2012 में लागू किया था। जिस कारण 2009-2012 बैच में पीएचडी करने वाले छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शैक्षणिक संस्थानों में उनके नौकरी के आवेदनों को इसलिए निरस्त कर दिया जा रहा है कि जेएनयू में यूजीसी का 2009 नोटिफिकेशन पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ है। 

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