विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर अध्यापकों का कटेगा वेतन

Navodayatimesनई दिल्ली/ब्यूरो। यूपी बोर्ड में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यूपी बोर्ड के स्कूलों में क्लास 9 से 12 तक के छात्रों के 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

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इसके साथ ही शासन ने जिला विद्यालय निरीक्षका राज सिंह यादव को निर्देश जारी किया है कि शिक्षकों के पढ़ाने का स्तर भी जांचा जाएगा। समय समय पर छात्रों से बातचीत कर पता करने के लिए कहा कि कहीं कम उपस्थिति का कारण शिक्षकों का पढ़ाने का स्तर तो नही हैं। ऐसी स्थिति में वेतन काटने की कार्रवाई होगी। 

जिला विद्यालय निरीक्षक राज सिंह यादव ने बताया कि शासन से मिले निर्देश के संबंध में प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों और स्टॉफ की उपस्थिति बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू करने की भी बात कही गई है, लेकिन इसके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है।

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शासन ने सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने पर काफी जोर दिया है। इसके लिए बोर्ड ने यह निर्देश दिया है कि डीआईओएस अपने स्तर से शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की कोशिश करें। इसके साथ ही हर सभी स्कूलों की साल भर की रिपोर्ट भी मांगी गई है। रिपोर्ट में छात्रों की एटेंडेंस भी मांगी गई है। वहीं, कम एटेंडेंस वालों छात्रों पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी स्कूलों से मांगी गई है।

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