बैसाखी 2017 स्पेशल, जानें क्यों कहते हैं इसे किसानो का त्यौहार

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल।  भारत त्यौहारों और विविधताओ का देश है।  यहां अनेको धर्म के लोग रहते है  और अपने अपने त्यौहारों को मनाते है ।

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आपको बता दें कि आज है वैसाखी का त्यौहार, वैसाखी को त्यौहार 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। पूरे पंजाब के साथ यह त्यौहार पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है।

हर जगह पर इस वैसाखी को अलग अलग नामो से मनाया जाता है। जैसे असम में बिहू, बंगील में नबा  वर्ष, केरल में पूरम विशु से इस त्यौहार को मनाते है। 

दरअसल इस समय में रबी की फसल पकने के  प्रतीक के रूप मे मनाया जाता है। इस समय रबी की फसल पूरी तरह पक चुकी होती है और किसान  फसल के पकने की खुशी मे इस त्यौहार को  मनाते है।

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13 अप्रैल 1966 को सिख के 10 वे  गुरू श्री गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, इसके साथ ही इस दिन को त्यौहार के रूप मे मनाना भी शुरू किया था। इसके अलावा आज ही के दिन पंजाबी नये साल की  शुरूआत होती है।

आज के दिन को मौसम मे बदलाव का प्रतीक भी माना जाता है। अप्रैल के महिने मे सर्दी खत्म हो जाती है और गर्मी अपनी दस्तक दे चुकी होती है। मौसम को कुदरती बदलाव भी इस त्यौहार को मनाने का एक बड़ा कारण है।

व्यापारियों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। लाग इस दिन पूजा करके अपने बिजनेस को शुरूआत करते है। इस दिन देवी दुर्गा और भगवान शंकर की पूजा होती है। 

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