मुझे 'बिंबो' कहें या नाचने वाली, लेकिन मैं हमेशा बोलूंगी: सोनम कपूर

Navodayatimesनई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सीधे मुद्दे की बात की जाए तो मुझे चाहे 'बिंबो' कहें या नाचने वाली, लेकिन ये बात सच है मैं एक बहुत आत्मनिर्भर महिला हूं।

मुझे अपनी अच्छी समझ है और आपको मुझे ये बताने की ज़रूरत नहीं है कि मैं कौन हूं। अगर मेरे पास आत्मसम्मान नहीं होता तो मेरे अंदर हिम्मत नहीं होती वो करने की जो मैं करती हूं, वो पहनने की जो मैं पहनती हूं और वो कहने की जो मैं कहती हूं। हमें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और उसी के लिए खुश होना चाहिए।

ट्रोल्स सेक्सिस्ट और आलोचनात्मक हो सकते हैं। लेकिन मुझे पता है कि मैं स्मार्ट हूं और राय व्यक्त करने में सक्षम हूं। मैं एक सफल महिला हूं, एक नारीवादी, एक ह्यूमनिस्ट, एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हूं और मैं ये गर्व और संतोष की एक महान भावना के साथ कहती हूं: मुझे हर एक दिन एक परी कथा की तरह जीवन जीने के लिए मिलता है।

मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैंप वाल्क करती हूं। मैं पढ़ने की बड़ी शौकीन हूं और मेरे पास पुस्तकों से भरा पुस्तकालय भी है। मैं समाचार भी पढ़ती हूं, एक व्यस्त भारतीय हूं और किसी भी मुद्दे पर किसी से भी चर्चा करने में बहुत सक्षम हूं। सिर्फ इसलिए कि मैं एक अभिनेत्री हूं, इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे पास राय नहीं हो सकती।

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मैंने अक्सर अपने विचार रखे हैं। मैंने तब बात की जब संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' के सेट को तोड़ दिया गया। मैंने मांस पर रोक लगाने के खिलाफ बात की है। मैंने अपने सहयोगियों का पक्ष लिया है। जब सोनाक्षी सिन्हा को मोटा होने के लिए शर्मिंदा किया गया या एक अद्भुत प्रतिभाशाली अभिनेत्री अनुष्का शर्मा पर उंगली उठाई गई। क्योंकि लोगों को लगता है कि उन्हें हमारे आकार या हमारे प्रेमी के बारे में टिप्पणी करने का अधिकार है।

मैं हमेशा अपने विचार रखूंगी। मैं एक बिमबो नहीं हूं जब आप उस शब्द का प्रयोग करते हैं, तो यह आपकी सोच बताता है न कि मेरे बारे में। मुझे लगता है सोशल मीडिया बहुत प्रभावी है। मेरी ऑनलाइन उपस्थिति के कारण मुझे विज्ञापन मिले हैं, यह मेरी सहायता करता है दान करने में उन चैरिटी को जिन्हें मैं सपोर्ट करती हूं या उन अभियान को जो मैं अपनी फिल्मों से शुरू करती हूं जैसे 'नीरजा' से किया था।

लोग सोचते हैं कि हमारे पास दिमाग नहीं है क्योंकि हम तैयार होते हैं और सुंदर दिखते हैं। शुक्र है मैं अपने लुक्स के साथ अपने दिमाग से भी खुश हूं। मैंने बचपन में कथक सीखा है और मुझे डांस करना पसंद है। मैं भारतीय इतिहास की एक छात्रा हूं और भारत जो है उस पर गर्व करके बड़ी हुई हूं।

उन खूबसूरत फिल्मों के बारे में सोचें जो स्वतंत्रता के बाद बनाई गई, जब जश्न का भाव था। उस समय लोग सवाल से डरा नहीं करते थे। उस समय लोगों को विचार रखने का डर नहीं था क्योंकि हम ऐसे राष्ट्र नहीं थे, जहां आपको राजनीतिक रूप से सही होना पड़े। अब जब हम सरकार की आलोचना करते हैं, तो आप हम पर झपटते हैं। मैं सरकार की आलोचना क्यों नहीं कर सकती? क्या ये लोकतंत्र नहीं है?

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इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैंने नरेंद्र मोदी के लिए वोट दिया या नहीं। किसी भी तरह से हमारे पास सवाल पूछने का अधिकार है। मुझे भारतीय होने पर गर्व है। मैं अपने देश से प्यार करती हूं लेकिन केवल कुछ ही लोगों के लिए ऐसा है और वो लोग बेहद बड़े हैं दिल से, न कि मैं। मैं 'राष्ट्र विरोधी' बन जाती हूं क्योंकि मैं सवाल पूछती हूं या गंभीरता को चुनना चाहती हूं।

राष्ट्रीय गान को एक और बार सुनें। याद करो वो लाईन जो बचपन में सुनी थी 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई...' मैं हिंदू हूं लेकिन मेरे सबसे अच्छे दोस्त मुस्लिम हैं और मैं उन्हें ये नहीं बता रही हूं कि हिंदू होना उनसे कुछ बेहतर है। न ही वो मुझे ऐसा कोई ज्ञान दे रहे हैं। मैं एक शाकाहारी हूं। मैं अंडे भी नहीं खाती, लेकिन मुझे कोई समस्या नहीं है कि कोई और क्या खाता है। आप किसी और के लिए कैसे चुन सकते हैं?

आप किसी की चुनाव की स्वतंत्रता कैसे छीन सकते हैं? सच्चाई यह है कि लोग हमें आदर्श बनाते हैं। मेरे ट्विटर पर 10 मिलियन फॉलोयर हैं और भले ही उनमें से 10% ट्रोल करने वाले हैं। लेकिन अभी भी नौ मिलियन लोग हैं जिन्हें मैं जवाबदेह महसूस करती हूं। मैं उन्हें एक राय देने के लिए हूं, वो मेरे दिमाग में झांकना चाहते हैं। यही कारण है कि मैं बोलती हूं।

पक्ष लेना महत्वपूर्ण है और मैं ऐसा बिना किसी डर के करती हूं। किसी पक्ष को नहीं मानना कायरता है। मैं मानती हूं कि ऐसा कई बार हो चुका है जब मैंने लोगों के बुरे बर्ताव के बारे में प्रतिक्रिया दी है। हां मैं लोगों के जाल में फंसी हूं, लेकिन मैंने बाद में माफी भी मांगी है।

जब लेखक शोभा डे ने कहा कि सोनम कपूर सेक्स अपिल में कम हैं। तो मेरे माता-पिता ने मुझे एहसास करवाया कि मुझे उनके बारे में 60 साल की पॉर्न राईटर नहीं लिखना चाहिए था। मुझे खुशी है कि मेरे पिता अनिल कपूर ने मुझे अच्छा-बुरा समझने में मदद की है। मुझे खुशी है कि उन्होंने मुझे आईना दिखाया है।

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जब आप सोशल मीडिया पर होते हैं तो संवेदनशीलता एक महत्वपूर्ण विशेषता है। मैंने सामान्य होना सीखा है। मैंने उन लोगों के साथ प्रयास करना सीखा है, जो महत्वपूर्ण हैं ताकि मैं खुद के आसपास दीवार न खड़ी कर लूं। लेकिन ट्रोलर को और बुद्धिमान होना चाहिए।

मेरे लिए उन्हें ब्लॉक करना और उनकी रिपोर्ट करना आसान है और मैंने वह किया है। लेकिन मैं माफी भी देती हूं क्योंकि आप नहीं जानते कि आप क्या करते हैं। कोशिश करें और अपनी कट्टर मानसिकता से बाहर निकलें। वरना आप अनपढ़, अशिक्षित उग्रवादियों से ज्यादा कुछ भी नहीं हैं।

आपकी,
गर्व से नाचने-वाली

PS: आपको भी नाच-गाना करने की कोशिश करनी चाहिए। मजा आता है, दिल खुश रहता है और दिमाग थंठा।

सोनम कपूर ने ये ट्रोल करने वालों के खिलाफ एक ब्लॉग लिखकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। सोनम कई बार अपने बयानों के कारण विवाद में आ चुकी हैं जिस कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है। 

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