मोदी के फरमान से मंत्री-विधायकों के चेहरे मुरझाए

Navodayatimesनई दिल्ली/बंसल/पांडेय।  मोदी कैबिनेट के लालबत्ती संबंधी नए फरमान से हरियाणा के मंत्री-विधायकों व अफसरों के चेहरे मुरझा गए हैं। बुधवार को सत्ता के गलियारे में लालबत्ती कल्चर खत्म करने की चर्चाएं होती रही। दबी जुबान से प्रदेश के कुछ अफसरों व नेताओं ने इसका स्वागत किया तो कइयों ने इसे महज ड्रामा करार दिया।

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मोदी कैबिनेट के फैसले के कुछ देर बाद देश के कई मंत्रियों ने अपनी-अपनी गाडिय़ों से लालबत्ती उतार दी, लेकिन हरियाणा में इसका कोई असर नहीं दिखा। वैसे तो केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 1 मई तक का समय दिया गया है, लेकिन हरियाणा में किस तरह से नया नियम प्रभावी होगा, इस पर अगले कुछ दिनों में फैसला हो सकता है। फिलहाल इस फैसले से लालबत्ती कार की चाह रखने वाले भाजपा नेताओं की इच्छाएं अब दब जाएंगी। 

पूर्व की हुड्डा सरकार के समय सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के बाद विधायकों व अफसरों को लालबत्ती की जगह पीली बत्ती लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया गया जो अब पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। मोदी सरकार ने सिर्फ चार वी.आई.पी. को ही लालबत्ती का हकदार माना है। मोदी कैबिनेट का लालबत्ती संबंधी फरमान हरियाणा में शत-प्रतिशत लागू होना तय हैं।

सूत्रों की माने तो अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस संबंध में मंत्रियों व अफसरों की मीटिंग बुलाकर फैसला ले सकते हैं। एक मई के तय समय के पहले हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री-विधायक, चेयरमैन सहित सभी अफसरों की गाडिय़ों में किसी तरह की बत्ती नजर नहीं आएगी। 

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परिहवन विभाग की ओर से पहले भेजा गया था प्रपोजल
पड़ोसी राज्य पंजाब में कैप्टन अमरेंद्र सिंह की सरकार की ओर से लालबत्ती कल्चर खत्म करने के बाद ही हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से केंद्र सरकार को बत्ती कल्चर खत्म करने का प्रस्ताव भेजा गया था। विभागीय सूत्रों की माने तो इस प्रपोजल में लाल, पीली और नीली सभी तरह से वी.आई.पी. कल्चर खत्म करने की बात कही गई थी। 

केंद्र सरकार की ओर से वी.आई.पी. वाहनों में लालबत्ती संबंधी नए नियमों पर अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। भविष्य में जैसे ही कोई आदेश आता है उसकी तुरंत प्रभाव से पालना की जाएगी।
-- -सुप्रभा दहिया, परिवहन आयुक्त हरियाणा।

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