देश में इन 5 दवाओं के उत्पादन व बिक्री पर लगा बैन

Navodayatimesनई दिल्ली/पाल।  देश में 5 दवाओं के उत्पादन व बिक्री पर प्रतिबंध लगा है। इन दवाओं का उत्पादन कॉम्बिनेशन में किया जा रहा था। इस बैन का असर प्रदेश के कई फार्मा उद्योगों पर भी पड़ेगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग एंड कॉस्मेक्टिस एक्ट 1940 की धारा 26 ए के तहत यह बैन लगाया है।

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इस तरह से देश भर में प्रतिबन्धित दवाओं की संख्या 444 हो गई है। देश में सबसे पहले प्रतिबन्ध 23 जुलाई, 1983 को एमिडापाइरिन पर लगा था, तब से लेकर अब तक करीब 34 वर्षों में देश में प्रतिबन्धित दवाओं की संख्या 444 हो गई है। बैन की गई दवाएं सिरदर्द, खांसी, बुखार, पेट में संक्रमण, एंटी एर्जीक व घुटनों के दर्द की हैं। हालांकि पहले यह दवाएं मान्यता प्राप्त थी लेकिन इनके साइड इफैक्ट को देखते हुए अब इन्हें प्रतिबन्धित कर दिया गया है। 

सूत्रों की माने तो बुखार, खांसी व बुखार में इस्तेमाल होने वाली फिक्सड डोज कॉम्बिनेशन निमेसुलाइड प्लस लेवोस्ट्रिाजिन के उत्पादन व बिक्री पर अब रोक लग गई है। इसी तरह पेट के संक्रमण में इस्तेमाल होने ऑफ्लोक्सासिन प्लस ओरनिडाजोल के कॉबिनेशन का इंजैक्शन भी बैन हो गया है।

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इसी तरह जीमिफ्लोक्सासिन प्लस एम्ब्रोक्सोल के कॉम्बिनेशन के उत्पादन व बिक्री पर भी बैन लग गया है। इस दवा का इस्तेमाल भी खांसी के लिए ही किया जाता था। एंटी एलर्जी के लिए खाई जाने वाला ग्लोकोस्माइन प्लस इब्यूप्रोफीन के कॉम्बिनेशन पर भी रोक लग गई है। घुटनों के दर्द के लिए इटोडोलेक व पैरासिटामोल के कॉम्बिनेशन से बनाई जाने वाली दवा पर भी बैन लग गया है।

प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बी.बी.एन., कालाअम्ब, पांवटा साहिब व प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कई फार्मा उद्योगों पर इसका असर पड़ा है। 

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