Tuesday, Jan 23, 2018

दिसम्बर तक देने होगें 8 बिल्डरों को इतने फ्लैट नहीं तो गिरफ्तारी पक्की

  • Updated on 12/6/2017

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नोएडा के 8 और बिल्डरों पर एफआईआर की तलवार लटक रही है। अगर उन्होंने दिसम्बर के अंत तक 5 हजार फ्लैट बायर्स को डिलीवर नहीं किए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्जकर गिरफ्तारी की जाए। दिल्ली में आयोजित 3 मंत्रियों के समूह समिति ने सोमवार को नोएडा व ग्रेटर नोएडा में चल रहे बिल्डर प्रोजक्ट्स की समीक्षा की थी। 

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इसमें 8 बिल्डरों के 5 हजार फ्लैट 30 दिसम्बर तक खरीदारों को उपलब्ध न कराए जाने की बात सामने आई थी, जिसके चलते समिति में शामिल शहरी आवास मंत्री सुरेश खन्ना ने एसएसपी को इन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और इन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश के बाद बिल्डरों व प्राधिकरण के अधिकारियों में मंगलवार को हड़कंप मच गया।

वहीं दूसरी ओर एसएसपी लव कुमार ने मंगलवार को नवोदय टाइम्स संवाददाता को इस मामले में किसी भी तरह की लिखित शिकायत न मिलने की बात कहते हुए कहा कि मंत्री समूह की बैठक में प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद थे। बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर की लिखित शिकायत प्राधिकरण के अधिकारी अगर देंगे तो एफआईआर दर्जकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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जिन आठ बिल्डरों का नाम बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ अभी तक कोई एफआईआर पहले दर्ज नहीं हुई है। वहीं सूत्रों के मुताबिक 8 बिल्डरों के साथ बुधवार को प्राधिकरण के अधिकारी एक बैठक करेंगे, जिसमें 5 हजार फ्लैट दिसम्बर के अंत तक उपलब्ध कैसे कराए जाएं इसको लेकर चर्चा होगी। 

मालूम हो कि  सितम्बर में उन छह बिल्डरों के खिलाफ 13 एफआईआर दर्ज किए की गई थी, जिनके प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हैं। वहीं अगस्त में इसी मंत्री समूह की बैठक के बाद आम्रपाली, सुपरटेक, अल्पाइन रियलटेक, प्रोव्यू ग्रुप, टुडे होम्स और जेएनसी कंस्ट्रक्शन्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इन पर आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखेबाजी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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