सावधान! अगर आपके इलाके में भी दी जा रही है सस्ती इंटरनेट सुविधा तो...

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके इलाके में भी अवैध रूप से इंटरनेट सेवाएं दी जा रही हैं। दरअसल ऐसा हो सकता है कि कम लागत पर हाई स्पीड इंटरनेट सेवा 'अवैध' हो और इससे एक बड़ी सुरक्षा खतरे में है।

दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) और आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) की टीमों ने नोएडा में छापा मारा है, जो बिना लाइसेंस वाले ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाता पर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई बिना लाइसेंस वाली ब्रॉडबैंड कंपनियों को दिल्ली और एनसीआर में बढ़ोतरी हुई है और इनमें से ज्यादातर नोएडा में हैं, जो कि घर से इंटरनेट नेटवर्क का वितरण कर रहे हैं लेकिन सरकार से मान्यता प्राप्त किए बिना। ये छोटी कंपनियां प्रमुख दूरसंचार दिग्गजों से एक छोटे से समुदाय में इंटरनेट सेवा सेटअप करने के लिए बैंडविड्थ खरीदती हैं और घरों और कॉर्पोरेट को धोखे से बिक्री शुरू करते हैं।

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कैसे करते हैं काम

एक अनुमान के मुताबिक, ऐसे फर्जी सेवा प्रदाताओं की नोएडा में लगभग 15,000 उपयोगकर्ता हैं, जो न तो अपने ग्राहकों के वेबलॉग को बनाए रखते हैं और न ही उनके पास कोई नियामक और निगरानी सुविधा उपलब्ध है। ट्राई की निगरानी के बाद इस घटना में कमी आई। इन गैरकानूनी संबंधों में भी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है, उन्होंने एटीएस को एक संयुक्त अभियान में जोड़ा है।

सोमवार को छह परिसरों पर छापा मारा गया, जहां छह लोगों को गिरफ्तार किया गया जो ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाता की तरह काम कर रहे थे लेकिन किसी भी सरकारी निकाय के साथ पंजीकृत नहीं थे। एक इंटरनेट सेवा प्रदाता बनने के लिए सरकार से लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। ये कंपनियां टेलीकॉम दिग्गजों से बैंडविड्थ खरीद रही थीं लेकिन लाइसेंस शुल्क का भुगतान नहीं कर रही थीं, क्योंकि वे पंजीकृत नहीं थे, इसलिए वे 8-10% टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे थे। 

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छोटे पैमाने पर शुरू करने वाले प्रदाता के लिए पहले लाइसेंस शुल्क लगभग 20 लाख था लेकिन देश में इंटरनेट पहुंच बढ़ाने के लिए इसे लगभग 10-12 लाख तक घटा दिया गया था। यह एक नया शुल्क है जो हर साल भुगतान करने की जरूरत है, जिससे ये कंपनियां बच रही हैं। अधिकारी ने कहा कि सरकार को कंपनी द्वारा शुल्क और करों का भुगतान नहीं करने के कारण कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ होगा। हम अभी जांच कर रहे हैं। एटीएस टीम इस तरह के लाइसेंस रहित इंटरनेट सेवा प्रदाता के आसपास फंदा भी कस कर रही है क्योंकि ये संभावित सुरक्षा खतरा हैं।

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