BHU की घटना पर दिल्ली मेें उबाल, छात्रों, सामाजिक संगठनों ने तेज किया आंदोलन

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना के विरोध में आजादी....आजादी..... भेदभाव से आजादी नारों से जंतर-मंतर एक बार फिर से गूंज उठा। यहां पर सभी वाम संगठनों सहित महिला और दलित संगठनों ने बीएचयू छात्राओं पर हुए लाठी चार्ज का विरोध करते हुए पितृसत्तात्मक समाज से आजादी की मांग की।

BHU घटना को लेकर भड़के आशुतोष, कहा- UP की BJP सरकार के अमानवीय चेहरे का उजागर

साथ ही देश भर के विश्वविद्यालयों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया और बीएचयू के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही इस दौरान नारा दिया गया बहुत हुआ नारी पर वार, अब बस करो मोदी सरकर। इस प्रदर्शन में जेएनयू छात्र, जामिया छात्र व केवाईएस भी सम्मलित हुए।

जेएनयू के पूर्व महासचिव रामा नागा का कहना है कि बीएचयू के छात्राओं ने पहली बार अपनी आवाज को बुलंद किया है। जहां बीएचयू में इस तरह के प्रदर्शन को करने की अनुमति नहीं है। इसलिए ये बीएचयू के लिए ऐतिहासिक मूवमेंट है। छात्राओं पर लाठी चार्ज करवाया गया है।

पुलिस को चकमा दे लाजपतनगर पहुंची हनीप्रीत, दायर की जमानत याचिका

प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्राओं पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री के लिए यह बेहद शर्म की बात है क्योंकि घटना उनके अपने संसदीय क्षेत्र की है जहां छात्राएं पूरी तरह से असुरक्षित हैं, जबकि दूसरी तरफ वे बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ की बात करते हैं। इसके साथ ही प्रदशर्नकारी छात्रों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी नारेबाजी की।

छात्रों ने सवाल किया कि बीएचयू में छात्राओं का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, वह तो बस उपकुलपति से उन्हें विविद्यालय परिसर में सुरक्षा दिए जाने की बात कहने गयी थीं। ऐसे में उनपर लाठी चार्ज करना कहां का न्याय है? पुलिस, विविद्यालय प्रशासन और सरकार तीनों छात्राओं पर हमला कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि एक तरह से जो हुआ अच्छा हुआ अब इस आंदोलन की हेचगारी पूरे देश में फैलेगी तब मोदी सरकार को समझ में आएगा कि उसने क्या किया है।

मानहानि केस में AAP नेता राधव चड़ढा को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, चलेगा ट्रायल

प्रदर्शन में जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता कविता कृष्णन, जवाहर लाल नेहरू विविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी, आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की सुचेता डे के अलावा, आइसा, एसएफआई, डीटीएफ, डीटीआई, पिंजरा तोड़, केवाईएस, अनहद, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला समिति, दलित अधिकार महिला मंच, प्रगतिशील महिला संगठन सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

ABVP भी कूदी, एचआरडी मंत्रालय घेरा

बीएचयू में छात्राओं के ऊपर पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी ने एमएचआरडी के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान सैंकड़ों एबीवीपी समर्थक छात्रों ने बीएचयू की छात्राओं को न्याय दिलाने की अपील करते हुए जमकर नारेबाजी की। एबीवीपी की मांग थी कि पुलिस अफसरों के साथ ही बीएचयू प्रशासन पर हाईलेवल कमेटी के द्वारा जांच की जाए।

एबीवीपी के मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा, भरत कुमार खटाना, महामेधा नागर, उमाशंकर सहित करीब 40 समर्थकों को पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया जहां से दोपहर तक उन्हें छोड़ा गया।

जंग के मुहाने पर आ खड़े हुए अमेरिका और उत्तर कोरिया,युद्ध की घोषणा !

एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा से यह पूछे जाने पर कि आखिर वो अपनी ही सरकार का विरोध क्यों कर रहे हैं, उन्होंने इस पर कहा कि सरकार हमारी हो या फिर किसी और की छात्रों के हित के लिए हमेशा एबीवीपी सड़कों पर दिखाई देगी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस व छात्रों के बीच कई बार झड़प भी हुई। डूसू सचिव महामेधा नागर हाथ टूटा हुआ होने के बावजूद भी वो पुलिस की लाठियों से समर्थकों को बचाते हुए दिखाई दीं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

FacebookGoogle+TwitterPinterestredditDigglinkedinAddthisTumblr

ताज़ा खबरें