Blog: तन के कालेपन को मन में उतार रहे हैं ब्यूटी प्रॉडेक्ट

Edited by: Aishwarya Awasthi

Navodayatimesनई दिल्ली/ऐश्वर्य अवस्थी : गोरे रंह पर न इतना गुमान कर गोरा रंग दो दिन में ढल जाएगा...लेकिन अब ये गोरा रंग सौन्दर्य प्रसाधनों की कृपा से नहीं ढलेगा। सुंदरता का मापदंड तन की खूबसूरती से बड़ी ही आसानी से माप लिया जाता है, अमूमन ऐसा होता है कि हम चमड़ी के रंग से इंसानी सुंदरता को माप लेते हैं मसलन अगर कोई गोरा हो तो 'सुंदर' और अगर काला है तो 'बदसूरत'। अजीब बात है हमारे समाज की सोच ऐसी बन गई है कि इसी मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं सौन्दर्य प्रसाधन। हाल ही में एक सर्वे में साफ हुआ था कि दबते रंग के लोगों के अंदर अपने रंग को लेकर एक कुंठा होती है जिस कारण से वह महंगे से महंगे सौन्दर्य प्रसाधन का प्रयोग करते हैं।

क्या पड़ता है इसका असर
जमाने से सौन्दर्य प्रशाधन की ओर लोग भागते रहे हैं। जैसे-जैसे समय आगे बढ रहा है प्रसाधनों की बाजार में मांग बढती जा रही है। सैकड़ों की तादात में हमारे आस-पास नजर आते हैं। इसका एक मात्र कारण है लोंगो की सोच। सांवले रंग को लेकर एक सोच आम जीवन में बना ली गई है कि गोरे रंग के लिए ब्यूटी प्रोटेक्ट अपनाना जरूरी है। अगर गोरे होना है तो ये प्रोड्क्ट प्रयोग में लाएं।

पार्लर भी बना एक रूप
इन प्रोडक्टस को बढ़ावा देने के लिए पार्लर भी अपना ही योगदान दे रहे हैं। ये लोगों को इनकी तरफ खींचने का एक जरिया बन रहे हैं। आज पार्लर ग्राहकों को प्रोडक्ट के प्रयोग के लिए जागरूक करते हैं। अब कई ब्यूटी प्रोडक्स ने अपने अपने पार्लर भी खोल लिए हैं ।ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि क्या पार्लर भी लोगों को उनके रंग को लेकर कुठां पैदा करते हैं ताकि वह उन प्रोडक्ट्स का प्रयोग कर जो उन्हें सुन्दर बनाने में मदद करें।

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ऊंचे दाम के ऊंचे वादे
देखने में आ रहा है कि जिन प्रोडक्ट्स का के दाम जितने ऊंचे हैं उतने ही ऊंचे उनके वादे होते हैं। आज बाजार में एक से एक महंगी कीमत के ब्यूटी प्रोडेक्ट हैं जो लोगों को अपनी तरफ मोहित करते हैं। ऐसा भी देखने में आ रहा है जो ब्रांड जितना महंगा होगा उतना प्रयोग उतना ही ज्यादा किया जा रहा है। 

विज्ञापन निभाते हैं अहम रोल
ब्यूटी प्रोडक्ट को घर घर पहुंचाने का अहम किरदार निभाते हैं, विज्ञापन। जैसे-जैसे प्रोडक्ट बाजार में कदम बढ़ा रहे हैं विज्ञापनों का रूप भी बदलता जा रहा है। नई-नई तकनीक से दिखाया जाता है कि किस तरह से काले रंग से एक क्रीम को 15 दिन लगाने से आप गोरे हो जाएंगे और इसके लिए ये ब्यूटी कंपनियां बड़े-बड़े स्टार को उनका विज्ञापन करने के लिए बाजार में उतारती हैं ताकि लोग ये जाकर उसका इस्तेमाल कर लें कि उनका स्टार भी इसको प्रयोग में लाता है। कई स्टार्स ने इस तरह के विज्ञापनों को करने से आज मना भी किया है।

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लड़कों को भी कर रहे मोहित
अब ये ब्यूटी प्रोडक्ट लड़कों को भी अपनी तरफ खींचने का काम कर रहे हैं। आज बाजार में लड़कों को भी गोरा और स्मार्ट बनाने के इस तरह के कई प्रोडक्ट आ चुके हैं।

होते हैं हानिकारक

ये महंगे प्रोडक्ट भले आपको सुन्दर कर कुछ पलों के लिए लेकिन ये आपकी सेहत के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। रांची में इस तरह के प्रोडेक्ट को हानिकारक बताया गया था जिसके बाद पहली बार रांची में औषधि निदेशालय ने मार्च में ही राजधानी से सौंदर्य प्रसाधानों का सैंपल जांच के लिए सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री चेन्नई को भेजा। औषधि निरीक्षक शैल अंबष्ट ने बताया कि जो सैंपल भेजे गये हैं, उनमें ब्रांडेड कंपनियों के शैंपू और टेलकम पाउडर शामिल हैं। इनकी सैंपलिंग काफी पहले ही की जा चुकी थी। अगर सभी मिलकर कदम उठाकर ये कहने लगे न कि काला रंग नहीं काला मन है तो इन प्रोडक्ट को एक दिन में सही रास्ता मिल सकता है। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा पंजाब केसरी समूह उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

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