Exclusive interview: बिंदास और जिंदादिल ‘तुम्हारी सुलु’

Edited by: chandan jaiswal

Navodayatimes

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अभिनेत्री विद्या बालन लीक से हटकर फिल्में करने में विश्वास करती हैं। उनकी नई फिल्म ‘तुम्हारी सुलु’ रिलीज के लिए तैयार है। इस फिल्म में विद्या बिंदास गृहिणी का किरदार निभा रही हैं, जो रेडियो जॉकी भी है। उसे रात के शो करना अच्छा लगता है। 17 नवंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में विद्या के पति की भूमिका मानव कौल ने निभाई है, जबकि नेहा धूपिया उनकी बॉस बनी हैं। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। फिल्म प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंची विद्या बालन और मानव कौल ने नवोदय टाइम्स से खास बातचीत की। पेश  हैं मुख्य अंश:

  •  ‘असल जिंदगी में सुलु जैसी’ : विद्या बालनNavodayatimes

‘तुम्हारी सुलु’ के बारे में विद्या बताती हैं, ‘मेरा किरदार गृहिणी का है, जिसका नाम सुलु (सुलोचना) है और वह अपनी जिंदगी में बहुत खुश है। उसमें अभी भी बचपना है। वह सोचने से पहले कुछ भी बोल देती है। उसके छोटे-छोटे ख्वाब हैं। जोर-जोर से हंसने वाली सुलु जिंदादिल औरत है। यह उसके परिवार की प्यारी-सी कहानी है, जिसकी जिंदादिली आपके दिल को छू जाएगी।’ वह कहती हैं, ‘मैं असल जिंदगी में सुलु जैसी ही हूं। काफी समय बाद ऐसा कोई किरदार कर रही हूं, जो मुझसे मेल खाता है। शूटिंग के दौरान मैं दिल खोलकर हंसी हूं। 

इतना अच्छा लगा है कि बता नहीं सकती हूं। सुलु की दूसरी खूबी है कि वह कभी हार नहीं मानती है। वह कोशिश करने में यकीन करती हैं इसीलिए फिल्म की टैगलाइन भी है - मैं कुछ भी कर सकती हूं। मेरे करीबियों का कहना है कि यह ऐसी फिल्म है, जो तुम्हारे व्यक्तित्व के काफी करीब है।’ 

Navodayatimes

वह फिल्म के ‘हवा हवाई’ गाने का जिक्र करते हुए कहती हैं, ‘यह गाना मेरे किरदार से मिलता है। खुशकिस्मती यह रही कि मुझे श्रीदेवी को कॉपी नहीं करनी पड़ी। अलग स्टाइल में गाने को शूट किया गया। इस गाने के दौरान नेहा, मलिष्का और मैंने खूब एन्जॉय किया।’ 

Exclusive interview: वक्त आने पर ताकत दिखा देंगे: बी एस धनोआ

  • ‘जिम्मेदारियों के बीच खुद को न भूलें’

अभिनेत्री का कहना है, ‘मेरी शादी को पांच साल हो गए हैं। मैं आपको बता सकती हूं कि अगर आप न चाहें तो शादी के कई साल बाद भी आपकी जिंदगी में कुछ नहीं बदलता, सब नया जैसा ही रहता है। शादी के कुछ साल बाद जिंदगी बोर होने लगती है, ऐसा लोगों को सिर्फ इसलिए लगता है क्योंकि फिल्मों में ऐसे ही शादीशुदा जोड़ों को दिखाया जाता है, जो एक-दूसरे से नाखुश होते हैं।’ उनका कहना है, ‘शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं।

ज्यादातर जिम्मेदारी एक महिला को ही उठानी पड़ती है। फिर भी मैं कहना चाहूंगी कि आप इन सबमें खुद को न भूलें। कभी-कभी अपनी पसंद का खाना बनाएं, गाना सुनें, किताबें पढ़ें, फिल्म देखने जाएं या जो इच्छा हो वह करें। बस यह याद रखें कि अपनी इच्छाओं को न मारें। आप खुद का महत्व जानेंगी तभी सभी आपको महत्व करेंगे।’

Navodayatimes

  •  ‘असल जिंदगी में  रेडियो जॉकी  नहीं बन सकती’

विद्या ने फिल्म में आरजे का किरदार निभाया है, पर वह कहती हैं, ‘मैं असल जिंदगी में कभी आरजे नहीं हो सकती, क्योंकि आरजे हाजिर जवाब होते है, सोचकर बोलते हैं और दूसरों को अच्छे से सुनते हैं। मैं ऐसी बिल्कुल नहीं हूं। मैं तो बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देती हूं। मुझे एक्टिंग के अलावा कुछ नहीं आता।’ उनका यह भी कहना है, ‘मैं इस सवाल का जवाब कभी नहीं दे पाती कि अपनी फिल्मों में से मेरी पसंदीदा कौन-सी है।

दरअसल, आपके अगर चार बच्चे हैं, तो आप उनमें से किसी एक का नाम नहीं बता सकते जो आपको सबसे प्यारा हो, क्योंकि सभी आपके कलेजे के टुकड़े हैं। ऐसा ही फिल्मों के साथ है, सभी फिल्मों के लिए आपने मेहनत की है, यह अलग बात है कि किसी फिल्म ने अच्छा पदर्शन नहीं किया हो लेकिन आपने मेहनत तो उतनी ही की है न।’ 

Exclusive Interview: बिल्कुल अलग है केजरीवाल की ये डॉक्यूमेंट्री न कोई इंटरव्यू, न कोई वॉइस ओवर

‘ऐसी बीवी हो तो टीवी की जरूरत नहीं’ : मानव कौल

Navodayatimes

अभिनेता मानव कौल कहते हैं, ‘सुलु जैसी पत्नी जिसकी होगी, उसे टीवी और रेडियो को उठाकर घर से बाहर फेंक देना चाहिए, क्योंकि उसके होते घर में किसी मनोरंजन के साधन की जरूरत ही नहीं। मैंने फिल्म में सुलु के पति का किरदार निभाया है। वह जब भी घर आता है, तो सुलु हमेशा कुछ न कुछ ऐसा करती है कि वह चौंक जाता है। वह हमेशा कहती है आज मुझे यह करना है फिर उसका पति हंस देता है और हमेशा उसका समर्थन करते हुए बोलता है, चलो करते हैं मजा आएगा।’ उनका यह भी कहना है, ‘मेरे लिए अशोक का किरदार निभाना आसान था। जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे लगा, इस अशोक को तो मैं जानता हूं। दरअसल, मैंने अपने पिताजी को इसी तरह देखा है, जैसा फिल्म में अशोक का किरदार है। हमारे पिताजी मां की सारी बातें मानते थे, रसोई में भी मां की मदद करते थे।’ 

 12 साल बाद भी रोमांस बरकरार

मानव के मुताबिक, ‘फिल्म में दिखाया गया है कि सुलु और अशोक की शादी को 12 साल हो गए है, लेकिन वे एक-दूसरे से बोर नहीं होते। जब बच्चा बाहर जाता है तो दोनों अभी भी रोमांस करते हैं।’ उनका कहना है, ‘जब फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब मैं सोचता था पागल हो गए हैं सुरेश त्रिवेणी (निर्देशक) पता नहीं क्या-क्या करवाते रहते हैं, पर जब फिल्म पूरी हो गई तब महसूस हुआ कि वह गजब के निर्देशक हैं। मैं तो उनका कायल हो गया हूं।’ 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

FacebookGoogle+TwitterPinterestredditDigglinkedinAddthisTumblr

ताज़ा खबरें