अमेरिकी वाणिज्य मंत्री से  मिले जेटली, उठाया H-1B वीजा का मुद्दा

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमेरिका में एच-1बी वीजा नियम को और सख्त बनाने की ट्रंप प्रशासन की योजना पर भारतीय उद्योग जगत की चिंता को वाणिज्य मंत्री विलबर रोस के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया है और उनको यह भी बताया है कि उच्च कौशल वाले भारतीय पेशेवर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

H1-B वीजा: कई भारतीय वीजा के दौड़ से बाहर, जानिए

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम से जुड़े नियमों को कड़ा करने के आदेश पर इस सप्ताह दस्तखत किए। सरकारी बयानों के मुताबिक इसका मकसद एच-1बी वीजा के दुरूपयोग को रोकना तथा यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका में अपेक्षाकृत अधिक कुशल कामगारों को ही प्रवेश दिया जाए।

ट्रम्प करेंगे H-1B वीजा प्रणाली के सुधार के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों तथा पेशेवरों के मामले को उठाते हुए जेटली ने रोस से अमेरिका तथा भारत के आर्थिक विकास में अत्यधिक कुशल भारतीयों के योगदान के बारे में बताया और जोर दिया कि यह बना रहना चाहिए जो दोनों देशों के हित में है।  

ऐसा समझा जाता है कि यहां बैठक के दौरान रोस ने कहा कि अमेरिका ने एच-1बी वीजा मामले की समीक्षा शुरू की है और इस पर अबतक कोई फैसला नहीं हुआ है। ट्रंप सरकार के आने के बाद दोनों देशों के बीच कैबिनेट मंत्री स्तर का यह पहला संवाद था।     

समझा जाता हैै कि रोस ने कहा कि समीक्षा प्रक्रिया के जो भी नतीजा आए पर ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य है कि आव्रजन नीति गुण आधारित हो और उसमें उच्च कौशल वाने पेशेवरों को तरजीह दी जाए।     

ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरूआत में सरकारी आदेश पर दस्तखत किये जिसमें विदेश, श्रम, आंतरिक सुरक्षा एवं न्याय विभाग द्वारा एच-1बी वीजा की समीक्षा की बात की गयी है।      

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