Blog: क्या बैडमिंटन बन पाएगा इस दशक का सबसे चमकता खेल?

Edited by: Aishwarya Awasthi

Navodayatimesनई दिल्ली/ऐश्वर्य अवस्थी: जाहिर है हम क्रिकेट की दुनिया से बाहर आकर बात कर रहे हैं। वक्त-बेवक्त या यूं कहें कि हर वक्त क्रिकेट से बाकी खेलों की तुलना करना ठीक भी नहीं है। फिलहाल खेल के मैदान से दो बड़ी खबरें हैं।

रविवार का दिन भारत के लिए बेहद अहम रहा एक तरफ जहां भारतीय क्रिकेट टीम ने लास्ट ओवर में जीत हासिल की वहीं, श्रीकांत ने बैडमिंटन में इतिहास रच दिया। लेकिन जो खास बात ज्यादा रही वो थी श्रीकांत की जीत।सात महीने, पांच फाइनल और चार खिताब। यह अनूठी उपलब्धि हासिल करने वाले देश के पहले शटलर बन गए हैं किदांबी श्रीकांत।

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शानदार फार्म में चल रहे श्रीकांत ने रविवार को जापान के केंता निशिमोतो को हराकर सुपर सीरीज बैडमिंटन की ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली, जोकि एक हफ्ते में उनकी लगातार दूसरी ट्रॉफी है। उन्होंने पिछले रविवार को ही डेनमार्क ओपन का खिताब जीता था। यह श्रीकांत की इस सत्र की चौथी सुपर सीरीज जीत है।

गुंटुर के 24 वर्षीय श्रीकांत ने फाइनल में क्वालीफायर केंता को मात्र 34 मिनट में 21-12, 21-13 से पराजित किया। पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रनॉय जैसे खिलाड़ी के अलावा करीब आधा दर्जन खिलाड़ी ऐसे हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अच्छी बात ये है कि हर चैंपियनशिप में कोई नया स्टार देश को गर्व के लम्हें दे रहा है।ऐसे में अब देशवासियों का प्यार बैडमिंटन को भी जमकर मिल रहा है।इसमें कोई शक़ नहीं है कि अभी तक बैडमिंटन की दुनिया में भारत का झंडा साइना नेहवाल और पीवी सिंधु ने ऊंचा किया है लेकिन अब बी साईं प्रणीत, किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणॉय जैसे पुरुष खिलाड़ी भी नए सितारे बनकर उभरे हैं।बैडमिंटन में इस वक्त भारतीय खिलाड़ियों की कामयाबी पर दुनिया भर की नजर है।

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बड़े बड़े टूर्नामेंट्स में ना सिर्फ भारतीय खिलाड़ी उलटफेर कर रहे हैं बल्कि ‘पोडियम फिनिश’ कर रहे हैं। पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रनॉय जैसे खिलाड़ी के अलावा करीब आधा दर्जन खिलाड़ी ऐसे हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अच्छी बात ये है कि हर चैंपियनशिप में कोई नया स्टार देश को गर्व के लम्हें दे रहा है। ऐसे में अब लोगों के दिल क्रिकेट के साथ बैडमिंटन के लिए धड़कने लगा है। जिस तरह से क्रिकेट में कोई भी मैच जीतने पर लोग खुशी के सड़कों पर उतरते थे वो नजारा हमको अब बैडमिंटन के जरिए भी देखने को मिल रहा है।

आज बड़े हो या छोटे हर कोई बैडमिंटन की ओर मोहित हो रहे हैं उवनको खिलाड़ियों के नाम उनकी उपलब्धियां पता हो रही हैं। इसका एक रूप विज्ञापन और सरकारी प्रचारों में भी जमकर देखने को मिल रहा है। कई अहम विज्ञापनों में बैडमिंटन खिलाड़ियों को प्रचार के तौर पर लिया जा रहा है। ऐसे में अब भी सवालों में उलझते हुए सवाल है कि शायद बैडमिंटन उस दशक का ऊभरता हुआ खेल है। खैर ये तो वक्त बताएगा तेजी से दर्शकों के दिलों में घर करने वाले इस खेल के सितारें कितना और कब तक बुलंद होते हैं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा पंजाब केसरी समूह उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

 

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