‘मुस्लिम गढ़’ रखेेगा योगी के नाम पर गांव का नाम !

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। इसे आप कुछ भी कह सकते हैं। लहर..बदलता समय, या फिर न्यूज़ चैनलों का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति बहुत ज्यादा ‘लगाव’। पर योगी का असर सिर चढ़ कर बोल रहा है। उत्तर-पूर्वी बिहार का पुर्णिया जिले की मोहनिया पंचायत के तहत आने वाले केलाबाड़ी फुल्वरिया गांव के लोगों ने अपने गांव का नाम योगी आदित्यनाथ के नाम पर रखने का फैसला किया है। यह बात इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि पूर्णिया जिला मुस्लिमों के गढ़ों में से एक है।

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या कहें कि इस जिले में मुस्लिमों की अच्छी-खासी आबादी है। बता दें कि यह उन चार जिलों में से एक है, जो पश्चिम बंगाल के नजदीक है। और प्रत्येक जिले में मुस्लिम आबादी 35 फीसदी से भी ज्यादा है। बाकी दूसरे जिले अररिया, कटिहार और किशनगंज हैं। ये गांव कसबा ब्लॉक में मुस्लिम बाहुल्य गांवों से घिरे हुए हैं। हालांकि, केलाबाड़ी फुल्वरिया पुर्णिया जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर है। यह जगह पूरी तरह बंगाली मूल के हिंदुओं सेे भरी हुई है।

एक अप्रैल को गांववालों ने गांव में मंदिर बनवाने के लिए एक मीटिंग का आयोजन किया। धार्मिकता की भावना के चलते लोगों का एक समूह वहां उपस्थित था। इसी समूह ने गांव का नाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा। और इस प्रस्ताव को वहां उपस्थित बाकी लोगों ने मंजूरी दे दी। एक सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार ने बताया कि गांववालों ने मीटिंग में विचार-विमर्श के बाद गांव का नाम बदलने के लिए एक याचिका पर हस्ताक्षर किए। इस याचिका में उन्होंने लिखा है कि गांव का नाम योगी आदित्यनाथ के नाम पर होना चाहिए।

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साथ ही, लोगों ने गांव में मंदिर बनाने का प्रस्ताव भी रखा। मंदिर के लिए जमीन दान देने वाले शिवशंकर सरकार ने कहा कि वह गांव का नाम योगी आदित्यनाथ के नाम पर रखे जाने में बिल्कुल भी गलत नहीं देखते, जो कि बहुत ही अच्छे नेता हैं। और उत्तर प्रदेश में बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। हमारा मानना है कि योगी जी बहुत ही ईमानदार और गरीब समर्थक नेता हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में उपस्थित लोगों में किसी ने भी हमारे प्रस्ताव का विरोध नहीं किया।

उन्होंने इसे फैसले के समर्थन का एक बड़ा सुबत करार दिया। उन्होंने कहा कि रामनवमी के ठीक बाद हम गाववालों के हस्ताक्षर वाली याचिका स्थानीय सर्किल ऑफिसर को भेजेंगे। 

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