जानिए, कैसे इस व्यक्ति को आपबीती ने बना दिया फिटनेस गुरु

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नई दिल्ली (टीम डिजिटल): कहते हैं कि जब तक खुद पर कुछ न गुजरे, तब तक इंसान संभल नहीं पाता। फिर जब वो संभल जाता है तो एक मिसाल भी बन जाता है। कुछ ऐसी ही कहानी है फिटनेस गुरु रजत त्रेहान की। 

तीन वर्ष पहले तक बेपरवाह ढंग से ज़िन्दगी जीने वाले रजत त्रेहान ने जब खुद को ज़िन्दगी और मौत के भंवर के बीच फंसा पाया तो एकाएक ज़िन्दगी के प्रति उनका नजरिया ही बदल गया। जब सभी डॉक्टर्स ने उन्हें जवाब दे दिया तो उन्होंने ठान लिया कि वे हार नहीं मानेंगे। धीरे- धीरे उन्होंने अपनी फिटनेस और हेल्थ पर काम करना शुरू किया। 

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पहले वे खुद फिट हुए और इसके बाद उन्होंने दूसरे लोगों को फिट करने और डॉक्टर्स के पास जाने की नौबत से बचने का जिम्मा उठा लिया। इसका नतीजा ये हुआ की आज वे दिल्ली के एक नामी फिटनेस गुरु के तौर पर जाने जाते हैं।

रजत जी ने बताया कि करीब 3 साल पहले तक वे लुब्रिकेंट इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब 20 साल तक इस क्षेत्र में काम किया। उस दौरान वे भी भाग-दौड़ भरी बेपरवाह ज़िन्दगी का शिकार हो गए। न सिर्फ उनकी दिनचर्या और खानपान बिगड़ गए, बल्कि वे धूम्रपान और अल्कोहल का भी बहुत सेवन करने लगे। 

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समय के साथ ये सब लगातार बढ़ता ही जा रहा था। इसका नतीजा वर्ष 2012 में उनके सामने आया। उन्हें लीवर में परेशानी महसूस होने लगी। पहले वे इसे अनदेखा करते रहे। जब परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई तो वे डॉक्टर के पास चेक अप करने पहुंचे। रिपोर्ट आने पर वे बुरी तरह हिल गए। उन्हें बताया गया की उनका लीवर काफी डेमेज हो गया है। कुछ डॉक्टर्स ने तो उनको जवाब तक दे दिया।

रजत जी ने बताया कि उन्होंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी परेशानी के साथ साथ अन्य रोगों पर भी रिसर्च करना शुरू कर दिया। बस यहीं से उन्होंने अपनी हेल्थ और फिटनेस कंसल्टेंसी 'हील योर बॉडी' की शुरुआत की। इसके तहत साल भर के भीतर न सिर्फ उन्होंने फिर से अपनी हेल्थ और फिटनेस बरकार करते हुए नए जीवन को हासिल किया, बल्कि तमाम अन्य रोगों के कारण और उनके समाधान भी खोजे।

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 अपनी रिसर्च में उन्होंने थोइरॉइड, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, पेनक्रियाज, मसल्स पैन और अन्य कई रोगों का सूक्ष्म अध्य्यन किया। रजत जी ने बताया की अपनी रिसर्च में उन्होंने पाया कि तमाम रोगों का सम्बन्ध लोगों की दिनचर्या और डाइट से है। इनका समाधान भी काफी हद तक इन्ही दोनों कारकों पर टिक हुआ है। फिर क्या था, उन्होंने इसी आधार पर लोगों की शारीरिक समस्याओं का समाधान करना शुरू कर दिया।

 इसके परिणाम सकारात्मक रूप में सामने आने लगे। अभी तक वे 200 से अधिक मरीजों का सफल इलाज कर चुके हैं। अब वे जनकपुरी में अपने कंसल्टेंसी क्लिनिक पर हेल्थ और फिटनेस सेमीनार के जरिये लोगों को जागरूक करने में भी जुटे हुए हैं।

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