बजट 2017 -2018 : रियल एस्टेट को मिली अधूरी आशा

Navodayatimes
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बजट 2017-18 से जो उम्मीद रियल एस्टेट सैक्टर को थी,वह मनमाफिक पूरी नहीं हुई, लेकिन इस बजट से बिल्डरों सहित निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि इसके बाद भी रियल एस्टेट सैक्टर में जल्द बूम नहीं आने वाला और न ही बिल्डर्स के रुके प्रोजैक्ट पूरे होने वाले हैं।

105 वर्ग मीटर से कम प्लाट पर निर्माण के लिए नहीं कराना होगा नक्शा पास

बजट में जहां सरकारी ढांचे के तहत रियल एस्टेट सैक्टर के ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की गई है वहीं लोन सहित इस सैक्टर के लिए सरकार ने कोई रियायत नहीं दी है। यही नहीं इस सैक्टर से जुड़े किसी भी उद्योग को बड़ी राहत नहीं मिली है जिसके चलते  आम आदमी का सस्ते मकान और जल्द घर का सपना साकार हो सके। हालांकि यह बजट मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सरकार की तरफ से एक तोहफा है,क्योंकि टैक्स छूट के चलते इस सैक्टर की तरफ अब इस वर्ग के लोगों का रुझान बढ़ सकता है। 

यह नहीं मिला इस सैक्टर को कंस्ट्रक्शन पर बदले टैक्स छूट नियम

अभी उसका पजैशन 3 साल में मिलने पर होम लोन के ब्याज पर 2 लाख इन्कम टैक्स में छूट मिलती है। 3 साल के बाद पजैशन मिलने पर सिर्फ 30 हजार की छूट मिलती है। सरकार इसको बदले और प्रोजैक्ट लेट होने पर भी फाइनैंशियल सिक्योरिटी प्रदान करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते यह सैक्टर निराश हुआ है।

जी.एस.टी. में हाऊसिंग कम टैक्स दायरे में हो

अभी तक जी.एस.टी. लागू नहीं हुआ है, लेकिन सरकार ने ऐलान कर दिया है कि इसे जल्द लागू कर दिया जाएगा। हाऊसिंग हर किसी से सीधे जुड़ा हुआ है, ऐसे में वित्त मंत्री से उम्मीद थी कि इस सैक्टर को जी.एस.टी. के कम टैक्स वाले दायरे में रखा जाएगा जिससे इस सैक्टर को लाभ और घर की कीमत आम आदमी की पहुंच के अंदर रहेगी,लेकिन अभी तक इस पर कुछ खास नहीं किया गया है। इस बजट में भी इस सैक्टर के लिए ऐसी छूट के बारे में वित्तमंत्री  ने कोई संकेत नहीं दिए।

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यह मिला है बजट से रियल एस्टेट सैक्टर को

2019 तक 1 करोड़ लोगों को घर
क्रेडाई के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रैजीडैंट दीपक कपूर ने बजट पर बताया कि अफोर्डेबल हाऊसिंग और हाऊसिंग फॉर ऑल, रियल एस्टेट के लिए सरकार के इस बजट में दो मुख्य मुद्दे रहे। 

फिलहाल प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ केवल ई.डब्ल्यू.एस और एल.आई.जी. वर्ग के लोगों तक ही सीमित है, पर कम दामों के घरों की मांग देश में सभी वर्ग के लोगों की है। सरकार के 2019 तक के 1 करोड़ घर का टार्गैट अफोर्डेबल हाऊसिंग को काफी बढ़ावा देगा। 

मध्यमवर्गीय परिवार खरीद सकेगा मकान

पैसीफिक गु्रप के अभिषेक बंसल ने बजट पर  कहा कि सरकार नेें हर सैक्टर का ख्याल रखा है। सबसे खास बात यह है कि अफोर्डेबल हाऊसिंग की डिमांड बढ़ेगी। 2 शहरों में भी हाऊसिंग फॉर ऑल योजना ज्यादा कारगर सिद्ध होगी। अफोर्डेबल हाऊसिंग को इन्फ्रास्ट्रक्चरल स्टेटस मिलने से अब इंडस्ट्री को अच्छी रफ्तार मिलने वाली है। टैक्स दरों में राहत मिलने से अब मध्यमवर्गीय परिवार आसानी से अपना घर खरीद सकेंगे।

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