सिस्वां-बद्दी मार्ग बना लोगों की पहली पसंद

Navodayatimes नई दिल्ली/मुनीष जोशी। पंजाब-हरियाणा की सीमा और चंडीगढ़ से लगभग 19 किलोमीटर दूर सिस्वां रोड पर अपना आशियाना बनाना लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इस क्षेत्र में हालही में प्रॉपर्टी को लेकर बूम आया है जबकि लगभग दो साल पहले तक सिस्वां गांव के लिए एकमात्र लिंक रोड हुआ करता था और नाममात्र सुविधाओं के चलते किसी का ध्यान नहीं जाता था।

अगर है भरोसेमंद ब्रोकर की तलाश तो जरूर पढ़िए ये ख़बर

मौजूदा समय में हो रहे जोरदार विकास कार्याे के चलते अब लोग भविष्य को लेकर इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। इस मार्ग के विकसित होने के कारण जहां चंडीगढ़ से बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ की दूरी चंद मिनटों की रह गई है वहीं दूसरी ओर यही मार्ग नैशनल हाईवे पर कुराली के साथ भी संपर्क बनाता है। यही कारण है कि लगभग दो सालों के दौरान इस क्षेत्र की तस्वीर ही बदल गई है और यहां बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम जोरशोर के साथ चल रहा है। नैशनल हाईवे पर कुराली की ओर से मिलने वाली सड़क को भी बहुमार्गीय किया जा रहा है। चंडीगढ़ से लुधियाना, जालंधर, अमृतसर जाने वाले लोग भी सिस्वां से कुराली होते हुए नैशनल हाईवे पर पहुंचते हैं। बहुमार्गीय होने और टै्रफिक कम होने के कारण ज्यादातर राहगीर इस रास्ते का प्रयोग करते हैं। 

इन्वेस्टमेंट का एक बड़ा कारण यह भी
सिस्वां मार्ग का नेशनल हाईवे-21 के साथ सीधा संपर्क होना भी इन्वेस्टमेंट बढऩे को लेकर अहम कारण माना जा सकता है। गौरतलब है कि एन.एच.-21 जहां गुरुनगरी अमृतसर को राजधानी दिल्ली के साथ जोड़ता है, वहीं पर्यटन नगरी मनाली के साथ भी ङ्क्षलक करता है। जिला मोहाली से बलौंगी और यहीं से कुराली तक मार्ग को बहुमार्गीय करने को लेकर भी काम चल रहा है।

यहां पर फ्लाईओवर बनाने को लेकर भी प्रोजेक्ट विचाराधीन है। इसके पूरा हो जाने के बाद लोगों खासतौर पर अमृतसर और मनाली जैसी जगह जाने वालों को फायदा होगा। यहां पर बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान तो कार्य कर ही रहे हैं वहीं कई यूनिवर्सिटियां भी स्थापित हो गई हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में डिवैल्पर्स भी जमीन लेकर अपने-अपने प्रोजैक्ट्स स्थापित करने में लगे हुए हैं।

बजट 2017 -2018 : रियल एस्टेट को मिली अधूरी आशा

माहौल को देखकर ही लोग कर लेते हैं इन्वेस्टमेंट  
अरविंद पुरी के मुताबिक चंडीगढ़ की ओर से रोपड़ तक जाने के लिए कई रास्ते बन चुके हैं। सड़कों को और चौड़ा करने को लेकर काम पूरा हो चुका है या चल रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र का नक्शा पहले से काफी बदल चुका है। यदि कोई व्यक्ति इस एरिया में पहली बार आता है तो वह माहौल को देखते ही प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने का इच्छुक हो जाएगा।

यही कारण है कि एरिया में जमीन लेकर अपना मनपसंद घर बनाने को लेकर लोग ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। हालांकि यहां पर जमीन के दाम पड़ोसी क्षेत्रों के मुकाबले काफी ज्यादा है लेकिन बावजूद इसके लोग इन्वैस्टमैंट कर रहे हैं। यहां पर प्रॉपर्टी के दाम सुविधाओं के साथ चढ़ते और उतरते हैं।

आसमान छू रहे जमीन के दाम
हालांकि सिस्वां मार्ग पर लगभग दो वर्ष पहले ही विकास कार्य शुरू हुए हैं लेकिन बावजूद इसके यहां जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यहां पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स और जमीन की ज्यादा खरीद-फरोख्त भी है। लोग प्रॉपर्टी के लिए इस क्षेत्र को इसलिए भी तरजीह दे रहे हैं, क्योंकि चंडीगढ़ के नजदीक होने के कारण आने वाले समय में यहां पुरजोर विकास होगा। यही नहीं, ट्रैफिक की समस्या न होना भी एक कारण माना जा रहा है।

105 वर्ग मीटर से कम प्लाट पर निर्माण के लिए नहीं कराना होगा नक्शा पास

चंडीगढ़ के निकट बने तोगा गांव से लेकर बूथगढ़ तक सड़क मार्ग को भी बहुमार्गीय कर दिया गया है तथा अभी उसमें और विस्तार की योजनाएं हैं। इस मार्ग के साथ बसे दर्जनों गांव में बड़े-बड़े प्रॉपर्टी कंसल्टैंट जमीन खरीदने में जुटे हुए हैं। कुछेक जगह पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से जमीन एक्वायर कर ली गई है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

FacebookGoogle+TwitterPinterestredditDigglinkedinAddthisTumblr