Tuesday, Jan 23, 2018

‘स्पॉट फिकसिंग’ पर घिरा वाका टैस्ट, ICC ने मामले को गंभीरता से लिया

  • Updated on 12/15/2017

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ऑस्ट्रेलिया और इंगलैंड के बीच चल रही प्रतिष्ठित एशेज सीरीज का गुरुवार से शुरू हुआ तीसरा महत्वपूर्ण टैस्ट मैच खिलाडिय़ों के मैदान पर उतरने से पहले ही ‘स्पॉट फिकसिंग’ के आरोपों से घिर गया। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आई.सी.सी.) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इंगलैंड के लिए गुरुवार से पर्थ में शुरू हुआ तीसरा मैच सीरीज में बने रहने के लिहाज से जहां अहम है तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए यह 3-0 से सीरीज कब्जाने का सुनहरा मौका। 

दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण इस मैच को लेकर काफी रोमांच था पर वह इसके शुरू होने से ठीक पहले अखबार ‘सन’ की उस रिपोर्ट से फीका हो गया जिसमें दावा किया गया है कि इस मैच को लेकर सट्टेबाजों की सक्रियता थी।

आई.सी.सी. को सभी सबूत दे दिए गए हैं

स्पॉट फिकसिंग में अखबार ने यह भी कहा है कि उसने वैश्विक संस्था आई.सी.सी. को अपने सभी सबूत दे दिए हैं और उसकी भ्रष्टाचार निरोधक शाखा इस मामले की जांच करेगी। आई.सी.सी. की ए.सी.यू. इकाई के महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने कहा, ‘‘अखबार सन की रिपोर्ट और हमारी अपनी खुफिया तंत्रों से मिली जानकारी के हिसाब से शुरूआती जांच में साफ है कि वाका में होने वाले मौजूदा मैच में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।’’

अखबार का दावा, भारत से थे सट्टेबाज

अखबार ‘सन’ ने दावा किया है कि उसके पास उन सट्टेबाजों की विस्तृत जानकारी है जिन्होंने एक निश्चित समय के दौरान स्पॉट फिकसिंग के लिए सम्पर्क साधने का प्रयास किया था। रिपोर्ट के अनुसार 2 सट्टेबाजों ने अखबार के खुफिया पत्रकारों से स्पॉट फिकसिंग के लिए सट्टा बाजार की कीमत के आधार पर 1 लाख 87 हजार डॉलर की मांग की थी। यह कीमत प्रति ओवर एक निश्चित रन बनाने के लिए थी। हालांकि अखबार ने अपनी रिपोर्ट में किसी भी टीम के खिलाड़ी या टीम प्रबंधन के नाम का जिक्र नहीं किया है। ब्रिटिश अखबार सन ने अपनी रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि यह सट्टेबाज भारत से थे। 

आई.पी.एल. और बिग बैश में लगा चुके हैं सट्टा  

रिपोर्ट के अनुसार सट्टेबाजों ने पत्रकारों को यह भी बताया कि वह इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (आई.पी.एल.) और ऑस्ट्रेलिया की चॢचत बिग बैश ट्वंटी-20 क्रिकेट लीग में भी सट्टेबाजी कर चुके हैं। हालांकि अखबार के इन दावों की जांच होने तक इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है लेकिन स्पॉट फिकसिंग और सट्टेबाजी के कारण आई.पी.एल. का 2013 सत्र काफी दागदार हुआ था और इस कारण से इसकी 2 टीमों चेन्नई सुपर किंग्स व राजस्थान रॉयल्स को निलंबन तक झेलना पड़ा था। वहीं राजस्थान के 3 खिलाडिय़ों को स्पॉट फिकिं्सग का दोषी पाया गया था जिसके बाद उन्हें जेल की सजा हुई थी तथा उन्हें आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया था।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.