ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश में अमेरिका 

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल।  अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने ओबामा के समय में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को एक विफलता करार देते हुए कहा है कि अनियंत्रित ईरान दूसरा उत्तर कोरिया हो सकता है, लेकिन वह यह कहते-कहते रुक गए कि इस ऐतिहासिक समझौते को कोई खतरा है।

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टिलर्सन ने कहा कि अमेरिका ईरान पर अपनी नीति की व्यापक समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि ओबामा के समय में हुआ परमाणु समझौता तेहरान के परमाणु संपन्न बनने की गति को थोड़ा धीमा करता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता उसी तरह से विफल हुआ है जिस तरह से हम मौजूदा दौर में उत्तर कोरिया से खतरे का सामना कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन की मंशा ईरान के मामले की जिम्मेदारी भावी प्रशासन पर छोडऩे की नहीं है। 

उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। टिलर्सन का यह कड़ा रुख ट्रम्प प्रशासन के कांग्रेस को यह बताने के एक दिन बाद आया है कि तेहरान 2015 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा परमाणु समझौते पर की गई वार्ता का पालन कर रहा है जो इस्लामिक गणराज्य की परमाणु क्षमता को सीमित करने के बाबत है। प्रशासन ने कहा कि इसने अपने परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण लगाने के बदले में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में दी जाने वाली राहत को बढ़ा दिया है।  ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से असैन्य है। 

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शांतिपूर्ण है हमारा परमाणु कार्यक्रम: ईरान 
तेहरान : ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने अमेरिका के उन ‘घिसे-पिटे’ आरोपों की आलोचना की, जिसमें उसने कहा था कि क्षेत्र और विश्व को डराने के लिए ईरान एक परमाणु हथियार चाहता है। जरीफ ने अपने ट्विटर पर लिखा, ‘अमरीका के घिसे-पिटे आरोप 2015 के परमाणु समझौते को लेकर ईरान के अनुपालन की स्वीकृति पर पर्दा नहीं डाल सकते।’

ईरान ने कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम विशुद्ध रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है लेकिन प्रतिबंधों से राहत के बदले उसने विश्व ताकतों के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए। इस करार के मुताबिक वह अगले 10 वर्षों तक अपने ईंधन संवर्धन को सीमित रखेगा। अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कल कहा था कि तेहरान अब तक अपने वादे पर कायम रहा है लेकिन समझौते से केवल ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने में देरी भर हो सकती है। 

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फिर आतंक प्रायोजक देश घोषित हो सकता है  उत्तर कोरिया 
वाशिंगटन: ट्रम्प प्रशासन इस बात की समीक्षा कर रहा है कि उत्तर कोरिया को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले राष्ट्रों की सूची में क्या फिर से शामिल करना चाहिए? विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने कल कहा कि अमरीका उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उनके साथ फिर से वार्ता चाहता है लेकिन यह पहले हुई बातचीत से अलग तरीके से होगी। टिलर्सन ने कहा कि हम उत्तर कोरिया पर सभी तरीकों की समीक्षा कर रहे हैं। इसमें आतंकवाद के राज्य प्रायोजन के साथ-साथ अन्य तरीके शामिल हंै, जिससे हम प्योंगयांग की सरकार पर हमारे साथ बातचीत करने के लिए दबाव डाल सकें लेकिन यह बातचीत पहले हुई वार्ताओं से अलग तरीके से होगी।

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