Tuesday, May 24, 2022
-->
बाबा साहेब डॉ. अंबेडकरः भारतीय संदर्भ में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक लोकतंत्र

बाबा साहेब डॉ. अंबेडकरः भारतीय संदर्भ में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक लोकतंत्र

ब्लॉग03:57 PM IST April 14, 2022

जब हम देश में सामाजिक और राजनीतिक सुधार के क्रम को देखते हैं तो इनमें कई ऐसे नाम सामने आते हैं, जिन्हें कई संदर्भों में रूपांतरित कर हमारे सामने प्रस्तुत किया गया। उन्हीं नामों में से एक नाम है भारतीय संविधान के जनक बाबा साहेब डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर।

Share Story
  • दक्षिण भारत में मतांतरण का हिंसक षड्यंत्र, जिम्मेदार कौन?

    दक्षिण भारत में मतांतरण का हिंसक षड्यंत्र, जिम्मेदार कौन?

    लावण्या आज हमारे बीच तो नहीं है लेकिन उसके ये शब्द समाज की उस वास्तविकता को दर्शाते हैं। जिसमें न जाने कितनी लावण्या मतांतरण की बलि चढ़ जा रही हैं। हाल फिलहाल में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में मिशनरियों द्वारा मतांतरण का प्रयास करने की घटना सामने आई है।

  • PM मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष और विपक्षी नेताओं पर चुटकी ली

    PM मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष और विपक्षी नेताओं पर चुटकी ली

    राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा पर दिये अपने 100 मिनट के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों और विपक्ष के नेताओं अधीर रंजन चौधरी और सौगत राय पर चुटकी ली।

  • बड़े साहस वाला है मोदी सरकार का बजट 2022! जानें खूबियां

    बड़े साहस वाला है मोदी सरकार का बजट 2022! जानें खूबियां

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का नए बजट को बड़े साहस वाला क्यों कहेंगे? इसकी वजह यह है कि हालात ‘एक तो करेला, ऊपर से नीम चढ़े’ जैसे हैं। लेकिन फिर भी वित्तमंत्री ने बहादुरी का नजारा पेश किया है। जो लोग अर्थव्यवस्था को समझते हैं,

  • Budget 2022: क्या है PM गति शक्ति योजना, जानें विस्तार से 

    Budget 2022: क्या है PM गति शक्ति योजना, जानें विस्तार से 

    भारत सरकार ने बजट 2022-23 में विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े ढ़ांचागत विकास परियोजनाओं के लिए 107 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। पीएम गति शक्ति परियोजना की मदद से देश के बुनियादी ढांचे को एक नया रूप दिया जाएगा।

  • लोगों के हित में है बजट : सतीश उपाध्याय

    लोगों के हित में है बजट : सतीश उपाध्याय

    नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बजट को सकारात्मक बताते हुए लोगों के हित वाला बताया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई भी दी। 

  • आंदोलन खत्मः किसानों को मिला एकता का उपहार

    आंदोलन खत्मः किसानों को मिला एकता का उपहार

    आखिरकार किसान आंदोलन खत्म हो गया। एक  साल से ज्यादा समय तक चले आंदोलन के दौरान कई तरह की परिस्थितियां पैदा हुईं और यह सवाल सबसे बड़ा है कि आखिर किसानों को मिला क्या? आजादी के बाद के सबसे बड़े आंदोलनों में से एक इस किसान आंदोलन की उपलब्धियां क्या हैं?

  • PM मोदी के फैसले ने साबित किया कि वे जनता की राय पर ध्यान देते हैं - कैप्टन अमरिंदर सिंह

    PM मोदी के फैसले ने साबित किया कि वे जनता की राय पर ध्यान देते हैं - कैप्टन अमरिंदर सिंह

    इस वर्ष श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस घोषणा के साथ और भी विशिष्ट हो गया कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया जाएगा तथा करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोल दिया जाएगा। कोई भी राष्ट्रवादी, कोई भी व्यक्ति जो हमारे किसान और कृषि क्षेत्र के कल्याण के बारे में सो

  • G20 शिखर सम्मेलनः ग्लोबल मिनिमम टैक्स और वैश्विक शासन में सुधार

    G20 शिखर सम्मेलनः ग्लोबल मिनिमम टैक्स और वैश्विक शासन में सुधार

    अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बदलाव के लिए संभावनाओं और विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच G- 20 का है। जी- ट्वेन्टी एक अंतरसरकारी फोरम जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रमुख मुद्दों को हल करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित करी जाती है।

  • विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान से देश और मजबूत होकर उभरा

    विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान से देश और मजबूत होकर उभरा

    भारत ने टीकाकरण की शुरूआत के मात्र 9 महीनों बाद ही 21 अक्तूबर, 2021 को टीके की 100 करोड़ खुराक का लक्ष्य हासिल कर लिया है। कोविड -19 से मुकाबला करने में यह यात्रा अद्भुत रही है, विशेषकर जब हम याद करते हैं कि 2020 की शुरुआत में परिस्थितियां कैसी थीं।

  • स्वच्छता व शहरी विकास के ऐतिहासिक 20 वर्ष

    स्वच्छता व शहरी विकास के ऐतिहासिक 20 वर्ष

    राष्ट्र के इतिहास में 20 वर्ष एक छोटी अवधि होती है लेकिन किसी व्यक्ति के लिए यह छोटा कालखंड राष्ट्र के विकास में एक मजबूत आधारशिला रखने के लिए पर्याप्त होता है। यह बात अन्य कार्यक्रमों की तुलना में ऐतिहासिक स्वच्छता अभियान में स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है।

  • दिल्ली MCD चुनाव 2022 में भाजपा के लिए अपनी सत्ता बचाये रखना बड़ी चुनौती होगी!

    दिल्ली MCD चुनाव 2022 में भाजपा के लिए अपनी सत्ता बचाये रखना बड़ी चुनौती होगी!

    challenge for BJP to retain its power in Delhi MCD Election 2022...

  • क्या सरकार ‘पिंजरे के तोते’ को आजाद करेगी

    क्या सरकार ‘पिंजरे के तोते’ को आजाद करेगी

    अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) के बारे में ऐसा क्या है कि वह हमेशा विवादों में बनी रहती है, जिसके चलते इसे भ्रष्टाचार, सांठ-गांठ और सुविधा का केन्द्रीय ब्यूरो या प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त जांच का षड्यंत्र ब्यूरो के उपनाम दिए गए हैं। 

  • स्वर्ण पदक जीतने के लिए भारत में उचित माहौल बनाने की पहल

    स्वर्ण पदक जीतने के लिए भारत में उचित माहौल बनाने की पहल

    हमारे प्रधानमंत्री द्वारा नीरज चोपड़ा को चूरमा तथा पी.वी. सिंधु को आइसक्रीम पेश करना, बजरंग पूनिया के साथ हंसते हुए, रवि दहिया को और हंसने के लिए कहना तथा मीराबाई चानू के अनुभव सुनना- इन दृश्यों को देख कर प्रत्येक भारतीय के चेहरे पर अवश्य ही

  • तालिबानी खतरे के खिलाफ भारत पहले से मजबूत स्थिति में

    तालिबानी खतरे के खिलाफ भारत पहले से मजबूत स्थिति में

    अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से अपने देश के सैनिकों की वापसी की घोषणा की तो योजना सितम्बर तक अपने सुरक्षाबलों तथा कूटनीतिक कर्मचारियों को धीरे-धीरे हटाने की थी। तालिबान का तेजी से आगे बढऩा, जिसे स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था,

  • शहरों के नाम बदलने के पीछे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति

    शहरों के नाम बदलने के पीछे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति

    उत्तर प्रदेश के 2 जिलों अलीगढ़ और मैनपुरी के नीति नियंताओं ने अपने जिले  का नाम बदलने की चाहत जताई है। दोनों जिलों की जिला पंचायतों ने इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव पारित कर अपना काम कर दिया है। अलीगढ़ के नाम को लेकर पहले से भी चर्चाएं होती रही हैं,

  • बढ़ता जल संकटः एक ओर बाढ़ तो दूसरी ओर सूखा

    बढ़ता जल संकटः एक ओर बाढ़ तो दूसरी ओर सूखा

    देश में जल संकट इतना भयावह हो चुका है कि एक ओर तो देश के अनेक शहरों में सूखा पड़ा हुआ है तो दूसरी ओर कई शहर बाढ़ की चपेट में हैं। इन सबसे आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। चेन्नई देश का पहला ऐसा शहर हो गया है जहां भूजल पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।