Wednesday, Apr 14, 2021
-->
प्रवासी श्रमिकों को फिर से सताने लगा लॉकडाउन का डर

प्रवासी श्रमिकों को फिर से सताने लगा लॉकडाउन का डर

ब्लॉग11:50 AM IST April 13, 2021

कोरोना महामारी के चलते एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों में लॉकडाऊन के डर से जुड़ी खबरें चर्चा में हैं। घर की ओर मीलों पैदल चलने वाले श्रमिकों की हृदयस्पर्शी छवियां हों या देश के बाहर किसी भी नियोजित व्यक्ति के लिए वीजा व्यवस्था में बदलाव की चिंताओं की रिपोर्ट, दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं...

Share Story
  • भारत में बढ़ रही भूख की समस्या

    भारत में बढ़ रही भूख की समस्या

    संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष भूख से मरने वालों की संख्या, एड्स, टी.बी. और मलेरिया से मरने वालों की संख्या से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर वर्ष भूख से मरने वालों की संख्या लगभग 90 लाख है...

  • लैंगिक भेदभाव को खत्म करना जरूरी

    लैंगिक भेदभाव को खत्म करना जरूरी

    यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि वैश्विक आर्थिक मंच की हाल ही में प्रकाशित अंतर्राष्ट्रीय लैंगिक भेद अनुपात रिपोर्ट 2021 में भारत की स्थिति बेहद खराब है...

  • धरती को बचाने इस हाथ दे उस हाथ ले

    धरती को बचाने इस हाथ दे उस हाथ ले

    दुनिया भर में प्रकृति और पर्यावरण को लेकर जितनी चिंता वैश्विक संगठनों की बड़ी-बड़ी बैठकों में दिखती है, उतनी धरातल पर कभी उतरती दिखी नहीं। सच तो यह है कि दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में ग्लोबल लीडरशिप की मौजूदगी के बावजूद प्रकृति के बिगड़ते मिजाज को काबू में नहीं लाया जा सका...

  • इमरान खान की चिट्ठी का कौन स्वागत नहीं करेगा

    इमरान खान की चिट्ठी का कौन स्वागत नहीं करेगा

    प्रधानमंत्री इमरान खान ने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र के जवाब में पत्र लिखा, यह अपने आप में उल्लेखनीय बात है लेकिन 23 मार्च के पत्र का जवाब देने में उन्हें एक हफ्ता लग गया, यह भी विचारणीय तथ्य है। इससे भी बड़ी बात यह कि पाकिस्तान के स्थापना दिवस पर मोदी ने इमरान को बधाई दी...

  • समाज का आईना है रंगमंच

    समाज का आईना है रंगमंच

    प्रसिद्ध रूसी-अमरीकी नाटककर्मी माइकल चेखव के अनुसार ‘रंगमंच एक जीवंत कला है और यह सच्चाई, सजीवता और मानवता से बंधी होती है। रंगमंच उम्मीदों, कलात्मक भ्रम, कल्पनाशीलता से भरा है। इसमें हम दर्शकों को अपनी कल्पनाशीलता का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं...

  • वजन तोलने की दोषपूर्ण मशीन

    वजन तोलने की दोषपूर्ण मशीन

    मुझे यह यकीन नहीं है कि रेलवे (Railway) प्लेटफार्मों पर लगी वजन तोलने वाली मशीनें पहले की तरह हैं। जैसा कि मुझे याद है इस खास मशीन के आगे अपना वजन तोलने के लिए हमेशा ही कतारें लगी रहती थीं। ऐसा क्यों था? मैंने अपने दोस्त की मां से पूछा जिन्होंने रेलवे के बुकिंग काऊंटर पर कार्य किया था...

  • हंसी का पात्र बनते जा रहे हमारे कानून

    हंसी का पात्र बनते जा रहे हमारे कानून

    किसी भी देश के लिए यह गौरव वाली बात होती है कि उस देश की जनता उसकी महानता के गीत गाए। इसी तरह शुरू से ही कहते और सुनते आ रहे हैं कि ‘मेरा देश महान’। पर महानता कुछ कारणों से फीकी पड़ती जा रही है जोकि बहुत अफसोसजनक बात है...

  • आयुर्वेद है एक भारतीय पारम्परिक विज्ञान

    आयुर्वेद है एक भारतीय पारम्परिक विज्ञान

    मोदी सरकार ने आयुर्वेद के भारतीय पारंपरिक विज्ञान को एक जबरदस्त और प्रशंसनीय प्रोत्साहन दिया है। जैसा कि दुनिया कोविड महामारी के चलते जूझ रही है। ऐसे में आज सभी की निगाहें भारत पर हैं...

  • क्या अब दिल्ली का रिमोट कंट्रोल केंद्र के पास चला जाएगा!

    क्या अब दिल्ली का रिमोट कंट्रोल केंद्र के पास चला जाएगा!

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद में 1991 के राष्ट्रीय राजधानी के कानून में संशोधन हित जो बिल पेश किया है वह निश्चित ही लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करके लैफ्टीनैंट गवर्नर को मजबूत करने का एक पैंतरा है...

  • तरक्की की उम्मीद सरकार से नहीं, खुद से होनी चाहिए

    तरक्की की उम्मीद सरकार से नहीं, खुद से होनी चाहिए

    आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, अपनी सहायता स्वयं करना जैसे शब्द आज से नहीं, सैंकड़ों वर्षों में जनमानस के कानों में पड़ते रहे हैं। नेताओं का तो यह एक तरह से तकिया कलाम ही है जिसका इस्तेमाल वे अक्सर करते हैं, विशेषकर तब, जब उन्हें किसी की मदद करने से बचना होता है...

  • ‘दल बदलू नेताओं से लोकतंत्र की नींव कमजोर पड़ जाएगी’

    ‘दल बदलू नेताओं से लोकतंत्र की नींव कमजोर पड़ जाएगी’

    मंगलवार को मनोनीत सांसद स्वप्न दास गुप्ता ने अपना कार्यकाल पूरा होने से एक वर्ष पहले राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तारकेश्वर निर्वाचन क्षेत्र के लिए दास गुप्ता को भाजपा ने अपने उम्मीदवार के रूप...

  • ‘अनाथों की मदद के लिए आगे बढ़ाएं हाथ’

    ‘अनाथों की मदद के लिए आगे बढ़ाएं हाथ’

    मेरी छोटी बेटी प्रत्येक दिवस शाम के समय अपने माता-पिता को मिलने  आती है। एक दिन वह एक युवती को ले आई जिसे उसने अपनी सलाहकार के रूप में मुझसे मिलवाया। नीना का मतलब था कि वह लड़की को सलाह दे रही है। मेरी बड़ी बेटी भी दूसरी लड़की का उल्लेख कर...

  • ‘संघर्ष में और निखरती रही हैं ममता’

    ‘संघर्ष में और निखरती रही हैं ममता’

    जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को पूरी तरह युद्ध में तबदील कर दिया है। ऐसे में, हर तरह के दांव अपनाने के अलावा ममता बनर्जी के पास कोई चारा नहीं है। जो दो घटनाएं इस चुनाव की दशा-दिशा तय करेंगी...

  • हिन्दूवादी ममता ‘बैकफुट’ पर, चोटिल ममता ‘फ्रंटफुट’ पर

    हिन्दूवादी ममता ‘बैकफुट’ पर, चोटिल ममता ‘फ्रंटफुट’ पर

    बंगाल का चुनाव व्हीलचेयर पर आ गया है। यूं तो ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) चोट लगने के बाद व्हीलचेयर पर हैं लेकिन भाजपा समेत सभी विपक्षी दलों को भी सियासी व्हीलचेयर पर बिठा दिया गया है। ‘आंधी’ फिल्म आपको याद होगी...

  • ‘कुंभ का बदलता स्वरूप’

    ‘कुंभ का बदलता स्वरूप’

    हरिद्वार में कुंभ शुरू हो चुका है। वृंदावन में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक पूरा महीना चली पर आज कुंभ का स्वरूप कितना बदल गया है इस पर मंथन करने की जरूरत है...

  • ‘अंग्रेज नस्लवादी थे, अब भी हैं’

    ‘अंग्रेज नस्लवादी थे, अब भी हैं’

    नैटफ्लिक्स सीरियल का नाम ‘रिबैलियन’ है जिसको मैं देख रहा हूं। इसकी कहानी उन घटनाओं पर आधारित है जब प्रथम विश्व युद्ध के बाद आयरिश सैनिकों का इस्तेमाल जर्मनियों के खिलाफ लड़ने के लिए किया गया। उन्होंने खुद से पूछा, ‘‘यह किसका युद्ध है। हमारा या अंग्रेजों का...