Thursday, Jun 24, 2021
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एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का सपना ‘डॉ. मुखर्जी’ ने देखा था

एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का सपना ‘डॉ. मुखर्जी’ ने देखा था

ब्लॉग01:31 PM IST June 23, 2021

राष्ट्रवाद की विचारधारा, देश की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्धता तथा राजनीतिक विकल्प के बीजारोपण के लिए आजादी के बाद के इतिहास में अगर किसी एक राजनेता का स्मरण...

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  • शीशे के बने घर और पत्थर

    शीशे के बने घर और पत्थर

    एन.वी. रमना की पदोन्नति ने एक ऐसा स्पष्ट बदलाव लागू किया है कि दिखाई देता है कि न्यायपालिका द्वारा न्याय उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसे पहले सी.बी.आई. प्रमुख के चयन की प्रक्रिया में...

  • एक बड़े बैंक की तरह सुरक्षित है भाजपा

    एक बड़े बैंक की तरह सुरक्षित है भाजपा

    अमरीकी राजनीति में महामंदी के साथ एक समानता है। राजनीतिक दल तथा सरकारें बाहर से अभेद्य तथा सशक्त जरूर नजर आती हैं मगर उनमें से कुछ 1929 के बड़े बैंकों की तरह हैं। बैंक...

  • दल-बदलुओं के लिए लगा बाजार

    दल-बदलुओं के लिए लगा बाजार

    इस गर्मी के मौसम में भारत की राजनीति में भी गर्मी महसूस की जा रही है और कैसे? भारत की राजनीति में आज कोई यह नहीं जानता कि कौन किसके साथ गमन कर रहा है, कौन पाला बदल...

  • 2024 के चुनावों से पहले यह है बड़ा दिलचस्प समय

    2024 के चुनावों से पहले यह है बड़ा दिलचस्प समय

    इस सरकार के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं और आने वाले महीनों में चर्चा का विषय 2024 का चुनाव होगा। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के आसपास हाल ही की राजनीतिक गतिविधियों को हम दे...

  • विदेश नीति के मामले में सारे देश को एकजुट होना चाहिए

    विदेश नीति के मामले में सारे देश को एकजुट होना चाहिए

    राजदूतों, जो भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी थे, के एक समूह ने हाल ही में एक पत्र प्रकाशित किया जिसमें उनके कुछ पूर्व सहयोगियों द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आलोचना करने की...

  • किसान आंदोलन ने सरकार का ‘तेज’ खत्म कर दिया

    किसान आंदोलन ने सरकार का ‘तेज’ खत्म कर दिया

    सरकार इकबाल पर चलती है। आप शब्दकोश में देखेंगे तो इकबाल का अर्थ ‘प्रताप’ या ‘तेज’ बताया जाएगा। लेकिन इकबाल का मतलब केवल सरकार की प्रतिष्ठा या नैतिक आभा नहीं है। केवल ताकत

  • भारत की आलोचना करने से पहले अपने भीतर झांकें अन्य देश

    भारत की आलोचना करने से पहले अपने भीतर झांकें अन्य देश

    भारत विश्व का एक विशाल लोकतांत्रिक देश है जिसकी आबादी इस समय 138 करोड़ के करीब है। कोविड-19 महामारी के चलते इतनी बड़ी आबादी वाले देश के अंदर आपदा से निपटना कोई...

  • पंजाब में कांग्रेस अंतर्कलह को लेकर उलझी

    पंजाब में कांग्रेस अंतर्कलह को लेकर उलझी

    पंजाब में कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के अंतर्कलह को लेकर उलझा हुआ है। यहां राजनीतिक संकट आपे से बाहर हो चुका है। हाईकमान एक ऐसे फार्मूले की तलाश में है जो मु यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह...

  • मोदी के 7 वर्षों की ‘विकास यात्रा’

    मोदी के 7 वर्षों की ‘विकास यात्रा’

    महीने के अंत में एन.डी.ए. सरकार ने अपने कार्यकाल की 7वीं वर्षगांठ मनाई। समारोह शांत रहे क्योंकि  महामारी के चलते सभी ओर मौतों ने हमें संताप झेलने को विवश कर दिया। मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 वर्षों की उपलब्धियों पर एक दस्तावेज जारी किया...

  • नियम पालन न करना खतरनाक है

    नियम पालन न करना खतरनाक है

    जब यह पता न हो कि शत्रु कब, कैसे, कहां और कितनी शक्ति से प्रहार करेगा तो जरूरी है उससे बचने के लिए नियमों के रूप में जो कवच है, उसका इस्तेमाल किया जाए। कोरोना महामारी एेसा ही शत्रु है क्योंकि जरा सी असावधानी बहुत भारी पड़ सकती है।

  • श्री दरबार साहिब पर सैन्य हमला तीसरे घल्लूघारे के तौर पर स्थापित हो चुका है

    श्री दरबार साहिब पर सैन्य हमला तीसरे घल्लूघारे के तौर पर स्थापित हो चुका है

    जून 1984 में भारतीय सेना द्वारा श्री दरबार साहिब पर किया गया हमला इतिहास में तीसरे घल्लूघारे के तौर पर स्थापित हो चुका है। श्री दरबार साहिब की चारों दिशाओं में हमेशा खुले रहने वाले

  • अभी विकास से अधिक महामारी पर ध्यान जरूरी

    अभी विकास से अधिक महामारी पर ध्यान जरूरी

    दिनों कोविड-19 की दूसरी घातक लहर पर प्रकाशित हो रही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टों में यह कहा जा रहा है कि अभी भारत के लिए विकास दर बढ़ाने से अधिक महामारी पर ध्यान केन्द्रित करना जरूरी है। विभिन्न रिपोर्टों में दो विशेष बातें रेखांकित हो रही हैं...

  • प्रियंका गांधी का सरकार से सवाल- वैक्सीन बजट के 35000 करोड़ कहां खर्च किए?

    प्रियंका गांधी का सरकार से सवाल- वैक्सीन बजट के 35000 करोड़ कहां खर्च किए?

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरोना रोधी टीकाकरण की गति कथित तौर पर धीमी होने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि...

  • न्यूज चैनल लोगों में खौफ पैदा करने से 'परहेज करें'

    न्यूज चैनल लोगों में खौफ पैदा करने से 'परहेज करें'

    हाल ही में कोरोना पर बोलते हुए हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लगभग साढ़े तीन मिनट के इस वीडियो में सुरेन्द्र शर्मा जी ने जो बातें कही हैं वे पूरी तरह सत्य हैं...

  • यह समय ‘अहम दिखाने’ और ‘राजनीति खेलने का नहीं’

    यह समय ‘अहम दिखाने’ और ‘राजनीति खेलने का नहीं’

    न तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही केन्द्र की मोदी सरकार एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही। पिछले सप्ताह अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए राज्य में चक्र्रवात से हुई बर्बादी की समीक्षा के लिए हुई बैठक से ममता बाहर रहीं...

  • सच्चे कर्मयोगी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे लाला जगत नारायण जी

    सच्चे कर्मयोगी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे लाला जगत नारायण जी

    लाला जी का जन्म 31 मई, 1899 को पिता लखमी दास चोपड़ा के घर वजीराबाद, जिला गुजरांवाला (पाकिस्तान) में हुआ। 1942 में छेड़े गए स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और लाहौर के ब्रैडला हाल के अंदर और बाहर उनकी अनगिनत गतिविधियों की लम्बी सूची है...