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‘सितारों के आगे जहां और भी हैं’

  • Updated on 10/6/2020

बॉलीवुड (Bollywood) और विवादों का एक मजबूत रिश्ता है। चाहे बात कास्टिंग काउच (Casting Couch), पतनशीलता, भाई-भतीजावाद, पूर्वाग्रह या उच्च और पराक्रमी के संबंधों के बारे में हो, बॉलीवुड ने निश्चित रूप से वैश्विक मीडिया में लंबे समय तक केंद्र के मंच पर कब्जा कर लिया है। अब, एक बार फिर, मनोरंजन उद्योग खुद को नशीली दवाओं की लत और डिबैंचरी सरफेसिंग के आरोपों के साथ वैश्विक टकटकी में पाता है। अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) द्वारा ड्रग्स में बॉलीवुड की भागीदारी के बारे में दावे किए जाने के बाद इस बार विवाद बढ़ गया। 

अभिनेत्री ने हाल ही में अपने ट्विटर अकाऊंट पर कहा कि बॉलीवुड में 90 प्रतिशत नशा करने वाले हैं। इसी ट्वीट में, कंगना ने कोकीन एडिक्ट होने के नाते इंडस्ट्री में कुछ बड़े नामों का भी खुलासा किया। अभिनेत्री ने यह भी दावा किया कि ड्रग्स की बात होने पर पुलिस और राजनेता भी भागीदार होते हैं। एन.सी.बी. बॉलीवुड में इसके खरीदारों, ड्रग पहुंचाने वालों और सप्लायर्स के साथ उन लोगों का पता लगा रही है जो इस धंधे को चला रहे हैं। इसकी उभरती हुई तस्वीर यह है कि बॉलीवुड के कई पूर्व और मौजूदा एक्टर्स एजैंसी के राडार पर आ चुके हैं। 

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बॉलीवुड और ड्रग का कनैक्शन काफी पुराना है। कई सितारे इसके लती होकर बर्बाद हो गए, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने इसके मायाजाल से खुद को मुक्त कर लिया। फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे एक्टर संजय दत्त को कभी बॉलीवुड का ड्रग किंग कहा जाता था। ड्रग्स और शराब के सेवन ने उनको भीतर से खोखला कर दिया था। अमरीका में जब उनका इलाज हो रहा था तो डॉक्टर्स ने उन्हें विभिन्न प्रकार के ड्रग्स की एक लिस्ट थमाई थी ताकि वो बताएं कि उसमें से उन्होंने किस-किस का सेवन किया है। डॉक्टर्स यह देख कर हैरान थे कि संजय ने सभी पर निशान लगा दिए यानी उन्होंने उस लिस्ट में मौजूद हर ड्रग का सेवन किया था। आखिर तब ये ड्रग्स उन तक कैसे पहुंचती थीं? हालांकि अमरीका में इलाज के बाद संजय ने शानदार वापसी की और जबरदस्त बॉडी भी बनाई और उन्हें एहसास हो गया कि जिंदगी से बड़ा नशा कोई नहीं है लेकिन आज वह फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। 

रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह संगीत की दुनिया में इतने हिट हुए कि सफलता सिर चढ़कर बोलने लगी और इसकी मस्ती में वे ड्रग्स और शराब के एडिक्ट हो गए। इसके बाद से ही हनी सिंह के गाने आने बंद हो गए थे और वे रिहैब सैंटर भी गए। 

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मीडिया और मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा कि बॉलीवुड को कभी भी नैतिक रूप से उच्च भूमि के रूप में नहीं देखा गया है, हाल की घटनाओं ने उद्योग के साथ भारतीय मध्यम वर्ग के मोहभंग को स्वीकार किया है।

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ ह्यूमन ब्रांड्स के एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया कि 18-30 साल की उम्र में 82 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि एक सैलीब्रिटी द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग ने उन्हें ‘अविश्वसनीय’ बना दिया है और वे इस तरह के एक सैलीब्रिटी द्वारा समॢथत ब्रांड नहीं खरीदेंगे। युवा देश की संपत्ति हैं और नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति सबसे संवेदनशील वर्ग यही है। इसलिए सख्त बहुआयामी रणनीति अपनाकर इस खतरे को रोकने का प्रयास करना चाहिए। 

बॉलीवुड सितारों का युवा पीढ़ी और बच्चों पर सीधा असर पड़ता है। इनकी नशेबाजी भी इन पर असर छोड़ती है। बॉलीवुड में ड्रग्स का चलन आम है और कासिं्टग काऊच जरूरत, इन सब को जानकर अब युवा पीढ़ी को अपना मन जरूर बदल लेना चाहिए। तलाश करनी चाहिए एक साफ-सुथरे क्षेत्र में सुनहरे भविष्य की जहां वो समाज के लिए कुछ अच्छा कर सके, सितारों के आगे जहां और भी हैं। उस संसार में क्या पता हमारा और आने वाली पीढिय़ों का भला हो।

-डॉ. सत्यवान सौरभ रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवसिर्टी

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख (ब्लाग) में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इसमें सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इसमें दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार पंजाब केसरी समूह के नहीं हैं, तथा पंजाब केसरी समूह उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

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