Tuesday, Oct 26, 2021
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दिल्ली MCD चुनाव 2022 में भाजपा के लिए अपनी सत्ता बचाये रखना बड़ी चुनौती होगी!

  • Updated on 9/22/2021

देश मे वर्ष 2022 की शुरुआत में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और उसी के साथ राजधानी दिल्ली में दिल्ली नगर निगम के भी चुनाव होंगे

दिल्ली में मुख्य रुप से तीन राजनीतिक दलों के बीच दिल्ली नगर निगम में मुकाबला है, कांग्रेस पार्टी का लगातार कम होता जनाधार औऱ उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं का कम होता आत्मविश्वास यह दिखाता है कि आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच मे मुकाबला देखने को मिल सकता है

2 बार से दिल्ली में पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी अभी सबसे मजबूत स्थिति में है वही भाजपा भी पिछले दो लोकसभा चुनाव से दिल्ली की सातो संसदीय सीटों पर जीत दर्ज कर रही है 

पिछले 15 सालों से दिल्ली नगर निगम की सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी काबिज़ है आगामी MCD चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बार दिल्ली नगर निगम की सत्ता पर काबिज होना है

पिछले कुछ महीनों से आम आदमी पार्टी की तरफ से भाजपा शासित  दिल्ली नगर निगम पर बहुत से घोटालो और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है आम आदमी पार्टी आगामी निगम चुनाव के लिए भ्रष्टाचार मुक्त MCD की उम्मीद लेकर जनता के बीच मे जाना चाहेगी वही भाजपा मोदी लहर के सहारे निगम की सत्ता पर काबिज होने का प्रयास करेगी

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता और युवा नेता दुर्गेश पाठक को MCD का प्रभारी बनाया है जो लगातार भाजपा के खिलाफ दिल्ली नगर निगम में हो रहे भ्रस्टाचार को लेकर हमलावर है

दिल्ली नगर निगम दिल्ली में 1600 से ज्यादा स्कूल संचालित करती है जिनकी स्थिति दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों के मुकाबले बहुत अच्छी नही है और
दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों की स्थिति भी कुछ खास ठीक नही है जिसका खामियाजा भाजपा को निगम चुनाव में देखने को मिल सकता है

भाजपा ने दिल्ली निगम चुनाव 2017 में अपने मैनिफेस्टो में निगम में वर्षों से कार्य कर रहे संविदाकर्मियों से पक्की नौकरी का वादा किया था जो अभी तक पूरा नही हुआ है जिससे कर्मचारियों का एक बड़े वर्ग की नाराजगी चुनाव में भाजपा को झेलनी पड़ सकती है
पिछले कई चुनावों में भाजपा दिल्ली को सीलिंग मुक्त करने की बात कह चुकी है परंतु दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा अवैध रूप से दिल्ली के कॉलोनियों में किसी भी निर्माण में वसूली करना आम बात है इस मुद्दे को लेकर आप भाजपा पर लगातार हमले कर रही है 

दिल्ली में जलभराव एक बहुत ही बड़ी समस्या है जिसके लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप प्रत्यारोप की राजनीति चल रही है  परंतु दिल्ली के 90 प्रतिशत से ज्यादा नालों और 70 फीसदी से ज्यादा सड़को की सफाई की जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम की है जो अपने सुस्त अफसरशाही के कारण अपने कार्यों को पूर्ण करने में असफल रहा है

दिल्ली सरकार द्वारा दी जा रही अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य तथा फ्री बिजली फ्री पानी को लेकर दिल्ली का एक बड़ा वर्ग आम आदमी पार्टी को समर्थन करता है जिसका बड़ा लाभ आम आदमी पार्टी को आगामी दिल्ली नगर निगम चुनाव में मिल सकता है

भाजपा के सामने अपनी सत्ता को बचाये रखने की बड़ी चुनौती है वही आम आदमी पार्टी के सामने बड़ी चुनौती भाजपा को दिल्ली नगर निगम की सत्ता से हटा खुद सत्ता पर काबिज होने की है 

नीति आयोग द्वारा जारी होने वाली स्वच्छता रैंकिंग में भी दिल्ली को आखिरी पायदान पर रखा गया है जो नगर निगम पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है

हाल ही में हुए दिल्ली नगर निगम की 5 सीटों पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने भाजपा को हरा 4 सीट पर कब्ज़ा किया जिससे आम आदमी पार्टी निगम चुनाव के लिए उत्साहित नज़र आ रही है।

- रितेश श्रीवास्तव (सामाजिक कार्यकर्ता)

 

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