Thursday, Apr 15, 2021
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‘अब नए बजट से बढ़ेगी विकास दर’

  • Updated on 1/30/2021

हाल ही में 27 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आई.एम.एफ.) के द्वारा वर्ष 2021 के लिए दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) के जो अनुमान पेश किए गए हैं, उनके अनुसार वर्ष 2021 में भारत में जी.डी.पी. की वृद्धि दर 11.5 फीसदी रह सकती है। 

भारत की यह विकास दर दुनिया के बड़े विकसित और विकासशील देशों में सबसे अधिक बताई गई है। आई.एम.एफ. के मुताबिक भारत के बाद 8.1 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ चीन का नंबर है, जिसके बाद 5.9 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ स्पेन और फिर 5.5 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ फ्रांस का स्थान रहेगा। 

‘किसान व सरकार दोनों कसौटी पर खरे नहीं उतरे’

गौरतलब है कि आई.एम.एफ. की तरह दुनिया के विभिन्न आर्थिक एवं वित्तीय संगठनों का मानना है कि कोविड-19 की आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और देश की चरमराती हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2020 में घोषित कुल 29.87 लाख करोड़ रुपए की राहतों वाले आत्मनिर्भर भारत अभियान के लाभ वर्ष 2021 में दिखाई देने लगेंगे। साथ ही एक फरवरी 2021 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2021-22 के बजट से भी विकास दर के तेजी से बढऩे की संभावनाएं आगे बढ़ते हुए दिखाई दे सकेंगी। 

नि:संदेह चालू वित्त वर्ष 2020-21 के अंतिम छोर पर उद्योग-कारोबार की गतिविधियों में तेजी, पी.एम.आई. मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि, माल ढुलाई, ई वे बिल, टोल संग्रह तथा बिजली मांग में वृद्धि जैसा जो परिदृश्य निर्मित हुआ है वह अर्थव्यवस्था के लिए लाभप्रद है। दिसंबर 2020 में वस्तु एवं सेवाकर (जी.एस.टी.) कलैक्शन 1.15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का रहा। यह देश में जी.एस.टी. लागू होने के साढ़े तीन साल में सबसे अधिक कलैक्शन है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2020 में उद्योग संगठन फिक्की और ध्रुवा एडवाइजर्स द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक देश की 95 फीसदी कंपनियों का मानना है कि 2021 में अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। 

‘बुरे पर अच्छे की जीत होती है’

यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि वर्ष 2021 में देश के शेयर बाजार को रिकॉर्ड ऊंचाई मिलते हुए दिखाई दे सकती है। ज्ञातव्य है कि पिछले वर्ष 23 मार्च को बी.एस.ई. सेंसेक्स 25981 अंकों पर था, वह 21 जनवरी 2021 को 50,000 अंकों की रिकार्ड ऊंचाई को छू गया। जनवरी 2021 में दुनिया के शेयर बाजारों में भारत आठवें स्थान पर आ गया है। शेयर बाजार के नए वर्ष 2021 में तेजी से बढऩे की संभावनाओं के कई कारण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। 

कोरोना वायरस से बचाव के लिए 16 जनवरी से शुरू हुआ सफल टीकाकरण अभियान, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार, ब्रैग्जिट समझौते और अमरीका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन के भारत के साथ अच्छे कारोबारी संबंधों की संभावनाओं से निवेशकों की धारणा को बल मिला है। वैश्विक स्तर पर उभरते बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफ.पी.आई.) द्वारा निवेश के लिहाज से भारत शीर्ष पर है। देश की अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) के तेजी से बढऩे संबंधी अनुकूलताएं हैं। 

‘संघर्ष से निकले नायक-नेताजी सुभाष चंद्र बोस’

नि:संदेह कोविड-19 की अप्रत्याशित आर्थिक चुनौतियों के बीच देश जिन क्षेत्रों में आगे बढ़ा है, उनके आधार पर भी वैश्विक आर्थिक संगठन वर्ष 2021 में भारत की विकास दर बढऩे की ऊंची संभावनाएं प्रस्तुत करते हुए दिखाई दे रही हैं। 27 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए कहा है कि विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, डिजिटल व स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रों में किए गए सुधारों के कारण भारत विदेशी निवेश का आकर्षक देश बन गया है।

इंटरनैट के तेजी से बढ़ते हुए उपयोगकत्र्ताओं, सस्ती दरों पर डाटा उपलब्ध होने, किफायती मोबाइल फोन, ऑनलाइन शॉपिंग, बिल पेमेंट और डिजिटलीकरण के नए अध्याय लिखे गए हैं। वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से भारत ने ऑनलाइन वर्क में वैश्विक ऊंचाई प्राप्त की है। ऐसी विभिन्न आर्थिक सफलताओं ने अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया है। 

‘तन से ही नहीं, बल्कि मन से भी युवा होना जरूरी’

यह बात महत्वपूर्ण है कि वर्ष 2021 में तेजी से बढ़ती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में रोजगार के नए मौके भारत की नई पीढ़ी की मुखियों में आते हुए भी दिखाई देंगे। देश में प्रतिभाशाली नई पीढ़ी  द्वारा बढ़ते हुए शोध कार्य, स्टार्टअप, रिसर्च एंड डिवैल्पमैंट आऊटसोॄसग और कारोबार संबंधी अनुकूलताओं के साथ-साथ देश में बढ़ते हुए मध्यम वर्ग के कारण चमकीले बाजारों के मद्देनजर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) भारत की ओर तेजी से आकॢषत होते हुए दिखाई देगा। 

ऐसे में हम उम्मीद कर सकते हैं कि आई.एम.एफ. के अनुमान के मुताबिक वर्ष 2021 में भारत द्वारा 11.5 फीसदी की विकास दर की संभावनाओं को मुठ्ठियों में लिया जा सकेगा और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ते हुए दिखाई दे सकेगी।

-डॉ. जयंतीलाल भंडारी

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