Tuesday, Dec 07, 2021
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#Budget2016: ज्वैलरी पर एक्साइज का विरोध, दुकानें बंद

  • Updated on 3/2/2016

नई दिल्ली (टीम डिजिटल)। बजट में कमोडिटी बाजार के लिए बड़े ऐलान हुए हैं लेकिन इन ऐलानों से जहां कुछ लोग खुश हैं, वहीं कुछ को निराशा भी हाथ लगी है।

बजट से ज्वैलरी उद्योग को जोरदार झटका लगा है। सरकार ने ज्वैलरी को भी एक्साइज के दायरे में ला दिया है। अन-ब्रांडेड और ब्रांडेड ज्वैलरी पर अब 1 से 12.5 फीसदी एक्साइज ड्यूटी देनी होगी।

ऐसे में सरकार के इस कदम पर ज्वैलर्स ने विरोध जताया है। देश भर के तमाम ज्वैलर्स मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी दलील है कि इससे उद्योग को काफी नुक्सान होगा और भारी संख्या में लोगों का रोजगार बंद हो जाएगा।

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बजट में इस बात का ऐलान हुआ है कि 6 करोड़ रुपए से ज्यादा की ज्वैलरी बनाने वाले ज्वैलर को अब 1 फीसदी एक्साइज देना होगा। अगर वे ज्वैलरी की ब्रांङ्क्षडग करते हैं तो एक्साइज की दर 12.5 फीसदी होगी। ज्वैलर्स की दलील है कि इससे उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

सोने पर दबाव, चांदी चमकी

सर्राफा बाजार में सोना 5 रुपए टूटकर 29,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया लेकिन औद्योगिक मांग निकलने से चांदी लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 300 रुपए चमक कर 36,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। लंदन एवं न्यूयॉर्क में सोना हाजिर 0.5 डॉलर कमजोर होकर 1,239.60 डॉलर व चांदी हाजिर 0.02 डॉलर उछलकर 14.86 प्रति औंस पर आ गई। अमरीकी सोना वायदा 5.30 डॉलर तेज होकर 1,239.70 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

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सरकार कर रही है ज्यादती

हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी कमोडिटी के मुकाबले ज्वैलरी सेक्टर को काफी रियायतें हैं।
सोने पर अभी भी मुश्किल से 1.5 प्रतिशत का टैक्स है जबकि दूसरी चीजों पर करीब 26 प्रतिशत टैक्स देना होता है लेकिन पहले से ही 2 लाख रुपए की ज्वैलरी पर पैन कार्ड का विरोध कर रहे ज्वैलर्स का मानना है कि सरकार अब उनके साथ ज्यादती कर रही है।

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