Sunday, Jun 26, 2022
-->
dda will ask problem of 75 people regarding housing in kathputli colony

कठपुतली कॉलोनी में आवास को लेकर 75 लोगों से डीडीए पूछेगा समस्या

  • Updated on 3/1/2022

नई दिल्ली/ निशांत राघव: केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय की विशेष परियोजना(इनसिटू)के तहत जहां झुग्गी वहीं मकान में आवास की उम्मीद लगा रहे 580 लोगों ने विभिन्न कारणों से अपील दायर की है। डीडीए की विशेष समिति इस अपील पर सुनवाई करेगी। हालांकि दायर अपील में से कितनी वास्तविक सुनवाई के लायक हैं, इसे लेकर समिति और शिकायतकर्ताओं के बीच एक बैठक भी हुई। जिसमें करीब 75 से कुछ अधिक अपील में रखी गई समस्याओं को ही समिति ने सुनने लायक माना है। जबकि अधिकांश को निस्तारित कर दिया गया। कुछेक ने समिति के साथ हुई मुलाकात के बाद अपनी अपील भी वापस ले ली। 

लगभग 580 लोगों ने की थी विभिन्न कारणों से अपील

उल्लेखनीय है कि प्राइवेट डेवलपर रहेजा के साथ मिलकर डीडीए ने दिल्ली में पहले इनसिटू परियोजना का शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद 2019 में इस परियोजना को लेकर दावा किया था कि दिसंबर 2020 से पहले ही लोगों को फ्लैट दे दिया जाएगा। दरअसल इस परियोजना की नींव 2007 में केंद्रीय तत्कालीन मंत्री अजय माकन ने रखी थी। लेकिन कई कारणों से पीपीपी मॉडल पर तैयार होने वाली इस परियोजना के आरंभ होने में ही समय लगा। 2012 में रहेजा को इस निर्माण परियोजना का टेंडर दिया गया। आरोप लगा कि जमीन बेहद सस्ते दाम पर दी गई।

राजनाथ बोले- इस बार नया इतिहास लिखने जा रहा है उत्तर प्रदेश का वोटर 

बताया जाता है कि परियोजना में जमीन को पूरी तरह से कब्जा मुक्त होने पर दो वर्ष के भीतर निर्माण पूरा करके देने की शर्त भी रखी गई थी। लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं हुआ है। डीडीए के एक अधिकारी ने कहा कि एक धार्मिक स्थल के कारण भी निर्माण कुछ समय के लिए बाधित हुआ। हालांकि धार्मिक स्थल को कोर्ट के आदेश पर पहले ही हटाया जा चुका है। अधिकारी ने कहा कि 2021 के अंत तक सभी उचित लोगों को आवास उपलब्ध करा दिया जाएगा। करीब 2800 फ्लैट यहां तैयार किये जा रहे हैं। 
 

यह है मामला 

दरअसल कीर्ति नगर शादीपुर डिपो के समीप कठपुतली का खेल दिखाने वाले कलाकारों की एक बड़ी बस्ती यहां अर्से से रह रही थी। उनके मकानों के स्थान पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने की योजना पर इनसिटू परियोजना में काम किया जा रहा है। लोगों की शिकायत है कि वह जमीन होने पर चार मंजिल बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे, जबकि उस जमीन को देने के बाद सिर्फ एक कमरे का फ्लैट ही उन्हें दिया जा रहा है।
इस मामले में डीडीए का साफ कहना है कि जितने लोगों ने उचित दस्तावेज जमा किये और विशेष समिति व कोर्ट ने उन दस्तावेजों को सही पाया है। उन सभी को फ्लैट दिया जा रहा है। डीडीए अधिकारी के अनुसार करीब 700 फ्लैट नरेला में भी दिये गए हैं। जबकि लगभग 3000 फ्लैट कठपुतली कॉलोनी में बन रहे हैं। हालांकि शुरुआत में यहां 2800 फ्लैट ही देने की योजना थी। 

comments

.
.
.
.
.