Wednesday, Dec 07, 2022
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kilometer long tunnel ready between anand vihar-new ashok nagar, construction by sudarshan

आनंद विहार से न्यू अशोक नगर के बीच डेढ़ किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार, सुदर्शन से हो रहा निर्माण

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली / टीम डिजिटल। दिल्ली से मेरठ के बीच हाई स्पीड ट्रेन का कोरिडोर तैयार करने की दिशा में आनंद विहार से न्यू अशोक नगर के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर की सुरंग निर्माण पूरा कर लिया गया है। सुरंग बनाने के लिए सुदर्शन (टनल बोरिंग मशीन-टीबीएम)का उपयोग किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद न्यू अशोक नगर से इसे बाहर निकाला जाएगा। 

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आरआरटीएस(रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम)के इस कोरिडोर की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है। बताया जाता है कि यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो अगले तीन माह में ट्रेन का ट्रायल शुरु होगा। 

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उल्लेखनीय है कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कोरिडोर में से 14 किमी का हिस्सा दिल्ली में है। दिल्ली में इस कॉरिडोर में जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार स्टेशन हैं। इसमें केवल आनंद विहार स्टेशन भूमिगत है। जबकि शेष स्टेशन ऐलिवेटिड रहेंगे। आरआरटीएस के भूमिगत हिस्सों में ट्रेनों के आने-जाने के लिए समानान्तर अलग अलग दो टनल बनाए जा रहे हैं। कोरिडोर निर्माण में जुटे एनसीआरटीसी के अधिकारी के अनुसार आनंद विहार स्टेशन से न्यू अशोक नगर की ओर तीन किमी लंबी समानांतर दो टनल बनाने के लिए दो सुदर्शन (टीबीएम) कार्य कर रही हैं। पहली सुदर्शन, अब तक 1.5 किमी सुरंग तैयार की है। दूसरी टीबीएम के जरिये भी अब तक लगभग एक किलोमीटर सुरंग निर्माण पूरा किया जा चुका है। अधिकारी ने दावा किया कि बड़े रोलिंग स्टॉक और 180 किमी प्रति घंटे की उच्च डिजाइन गति के कारण आरआरटीएस की टनल को 6.5 मी. व्यास का बनाया जा रहा है। मेट्रो प्रणालियों की तुलना में देश में पहली बार इतने बड़े आकार की टनल का निर्माण किया जा रहा है। 

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अधिकारी के अनुसार आनंद विहार से साहिबाबाद(यूपी)में  करीब 2 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी। यह वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने समाप्त होगी। इसके निर्माण में एक सुदर्शन लगाई हुई है। दूसरी टीबीएम भी जल्द ही उपयोग में लाई जाएगी। अधिकारी के अनुसार किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भूमिगत हिस्सों में लगभग हर 250 मीटर पर एक क्रॉस-पैसेज होगा। साथ ही टनल में 60 सेमी-90 सेमी चौड़ा एक साइड वॉकवे भी होगा जो रखरखाव गतिविधियों में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में भी यात्रियों को बाहर निकालने में व अन्य सुविधा पहुंचाने में सहायता करेगा।

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