Sunday, Jan 23, 2022
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10 year old kid was kidnapped to complete the addiction

नशे की लत पूरी करने के लिए 10 साल के बच्चे को किया था अगवा

  • Updated on 11/30/2021


नशे की लत पूरी करने के लिए 10 साल के बच्चे को किया था अगवा 
बच्चे को बेचने से पहले ही पुलिस ने आरोपी को रेलवे स्टेशन से धर दबोचा
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नशे की लत पूरी करने के लिए 10 साल के बच्चे को अगवा करने वाले आरोपी को मानसरोवर पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी शिव शंकर उर्फ  शिवा है। आरोपी बच्चे को बेचने की नियत से मुंबई के धारावी ले गया। वहां आरोपी बच्चे को बेचने का प्रयास कर ही रहा था। उससे पहले पुलिस ने आरोपी को रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।  पुलिस आरोपी को लेकर दिल्ली आई। पुलिस ने बच्चे की काउंसलिंग व मेडिकल कराकर उसे परिवार के हवाले कर दिया है। बच्चे के परिजन सकुशल पाकर पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहे। 
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि शिकायत के बाद मानसरोवर पार्क थाने में तैनात एएसआई सुधीर व अन्यों की टीम को तुरंत मुंबई के लिए रवाना कर दिया। आरोपी की लोकेशन एशिया के सबसे बड़े कलस्टर एरिया धारावी की मिली। वहां से आरोपी को ढूंढना काफी मुश्किल था। पुलिस ने धारावी के लोकल एनजीओ की मदद ली। पुलिस को पप्पू प्रधान नामक व्यक्ति से बातचीत के बाद आरोपी का सुराग लगा। पप्पू ने बताया कि चार साल पहले आरोपी यहां रहता था। अब दो दिन पहले दोबारा एक बच्चे के साथ वहां आया है। पुलिस ने सुबह आरोपी शिव शंकर को माहिम रेलवे स्टेशन, मुंबई से दबोच लिया। उसके पास से मासूम सकुशल बरामद हो गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह बच्चे को 100 रुपये रोज देने का झांसा देकर अपने साथ मुंबई ले आया था। यहां वह बच्चे को बेचने की फिराक में था।


25 नवंबर को हुआ था 10 वर्षीय बच्चे का अपहरण...
मानसरोवर पार्क थाना पुलिस को 25 नवंबर को एक महिला ने अपने 10 वर्षीय बच्चे के गायब होने की सूचना दी थी। एसएचओ प्रशांत यादव ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की पता चला कि जिस बिल्डिंग में बच्चा ग्राउंड फ्लोर पर रहता है। उसी बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर रहने वाला युवक शिव शंकर उर्फ  शिवा भी गायब है। पुलिस ने आरोपी की जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरोपी नशे का आदी है। पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर पर कॉल किया। आरोपी ने फोन उठाने के बाद बताया कि वह फिलहाल पठानकोट में है और उसे बच्चे की कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की लोकेशन की पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी पठानकोट में न होकर मुंबई में मौजूद है।

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