Wednesday, May 12, 2021
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बच्चे चुराने के शक में 3 महिलाओं को बंधक बनाकर पीटा, पुलिस पर पथराव

  • Updated on 4/19/2021

गाजियाबाद/टीम डिजिटल। लोनी थानाक्षेत्र के अशोक विहार में संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान रविवार को महिलाओं समेत लोगों की भारी भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में सीओ लोनी की गाड़ी समेत पुलिस की कई गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

बताया गया है कि अशोक विहार कॉलोनी के लोगों द्वारा बच्चा चोरी के शक में तीन महिलाओं को बंधक बनाकर एक कमरे में पीटा जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी महिलाओं को भीड़ के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि भीड़ के चंगुल से बचाई गई तीनों महिलाओं को थाने लाकर बच्चा चोरी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही लॉकडाउन का उल्लंघन करने और पुलिस टीम पर पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार का 14 अप्रैल को 9 महीने का बच्चा चोरी हो गया था। परिजनों ने लोनी थाने में दो महिलाओं के खिलाफ तहरीर दी थी। इसी बीच रविवार को कॉलोनी में तीन अज्ञात महिलाओं को घूमता देख लोगों ने बच्चा चोरी करने के शक में उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि कॉलोनी के लोगों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर तीनों महिलाओं को कमरे में बंधक बना लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

कुछ देर बाद पुलिस को इस संबंध में सूचना मिली तो पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों महिलाओं को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले जाकर पूछताछ करने का प्रयास किया तो भीड़ में शामिल महिलाएं और पुरुष भड़क गए। वह पुलिस से मौके पर ही तीनों महिलाओं से पूछताछ की जिद करने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों और कॉलोनी की महिलाओं की भारी भीड़ जुट गई।

भीड़ द्वारा हंगामा किए जाने पर ट्रोनिका सिटी और लोनी बार्डर थाने से भी फोर्स मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने जैसे ही तीनों महिलाओं को थाने ले जाने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने संदिग्ध महिलाओं को पुलिस से छुड़ाने का प्रयास करते हुए करीब 20 मिनट तक जमकर हंगामा काटा। अंतत: पुलिस तीनों महिलाओं को थाने ले जाने में कामयाब हुई।

महिलाओं को पुलिस ने बचाया

पुलिस ने भारी भीड़ के बीच से तीनों महिलाओं को बचाने का प्रयास किया तो उग्र भीड़ उनपर टूट पड़ी। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या नाकाफी होने के चलते पुरुष पुलिसकर्मियों को ही संदिग्ध महिलाओं की ढाल बनना पड़ा। इस खींचतान में तीनों महिलाओं के कपड़े फट गए। एक महिला अद्र्ध नग्न हो गई। भीड़ का आलम यह रहा कि वह पुलिस की मौजूदगी में भी संदिग्ध महिलाओं पर लगातार हमला करती रही और उनके बाल नोंचने का प्रयास किया।

हालांकि चंद संख्या में पहुंची महिला पुलिसकर्मी भी मौके पर रहीं, लेकिन उग्र भीड़ के आगे उनका कोई वश नहीं चला। स्थिति यह हो गई कि महिला पुलिसकर्मियों को खुद की ही जान बचाना भारी पड़ गया। कपड़े फटी हालत में पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा संदिग्ध महिलाओं को बचाकर ले जाने पर तमाम लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। इस पर पुलिस अफसरों का कहना है कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी के कारण थानों में फोर्स और महिला पुलिसकर्मियों की खासी कमी है। जो महिला पुलिसकर्मी हैं, उनकी तबीयत खराब है। सभी का कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी तीनों महिलाओं की ढाल नहीं बनते तो उग्र भीड़ उन्हें मार भी सकती थी।  

एसपी ग्रामीण डा. ईरज राजा का कहना है कि भीड़ के चंगुल से छुड़ाई गई महिलाओं से बच्चा चोरी के संबंध में थाने पर पूछताछ की जा रही है। साथ ही उग्र भीड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बांधा डालने, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, 7 सीएलए और लॉकडाउन का उल्लंघन करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है। वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान के प्रयास भी किए जा रहे हैं। 

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