Monday, Dec 16, 2019
776 deaths among children adopting institutions

बच्चों को गोद देने वाली संस्थाओं में 776 मासूमों की मौत, पढ़ें विशेष खबर

  • Updated on 7/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने यह जानकारी दी है कि बच्चों को गोद देने वाली संस्थाओं में उत्तर प्रदेश 124 बच्चों समेत 776 बच्चों की मौत हुई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा आकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।  

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सरकार और गैर सरकारी संगठन संचालित करते हैं
यह सभी मौते राज्य के 19 बच्चा गोद देने वाली संस्थाओं में हुई है। गोद देने के लिए कानूनी कार्रवाई के बाद मुक्त बच्चों को विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को देखभाल केलिए सौंपे जाते हैं। इन्हें सरकार और गैर सरकारी संगठन संचालित करते हैं। 

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8 जुलाई 2019 तक के आकड़ों के मुताबिक 776 बच्चों की मौत
ईरानी ने कहा बाल दत्तक जानकारी और नियम प्रक्रिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 2016-17 से 2019 2020 के 8 जुलाई 2019 तक के आकड़ों के मुताबिक 776 बच्चों की मौत की सूचना है। इस संस्थाओं के खिलाफ अब तक कुल 10 शिकायतें भी मिली हैं। जिसमें इन संस्थाओं द्वारा दत्तक नियम  पालन न करने से संबधित थी।    

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महिलाओं में आत्महत्या के आकड़े लगातार घट रहे है
इसके अलावा एक अन्य प्रश्न के जवाब में स्मृति ईरानी ने बताया कि राष्ट्रीय रिकार्ड ब्यूरों के मुताबिक  महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के चलते महिलाओं में आत्महत्या के आकड़े लगातार घट रहे है। 2013 में 44246 महिलाओं ने आत्म हत्या की। जबकि 2014 में 42521 महिलाओं ने 2015 में 42088 महिलाओं ने आत्महत्या की है। जो गिरावट का संकेत है। 

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स्थितियों में लगातार सुधार
स्मृति ईरानी ने बताया मंत्रालय द्वारा पिछले 5 सालों में महिलाओं के लिए किए गए कामों का परिणाम है कि महिलाओं की स्थितियों में लगातार सुधार हो रहा है। इसमें हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर, महिलाओं के लिए अस्थायी आश्रय गृह, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक सलाह भी निशुल्क उपलब्ध है। 

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