Thursday, Feb 09, 2023
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94 percent child labor working in unauthorized colony delhi said ngo

दिल्ली: NGO ने मुक्त कराए बाल मजदूर, 94 प्रतिशत अवैध फैक्ट्रियों में करते थे काम

  • Updated on 12/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) विजेता कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi) के एनजीओ द्वारा मुक्त कराए गए लगभग 94 प्रतिशत बाल मजदूर (Child Labor) दिल्ली (Delhi) के रिहायशी इलाकों में चल रहीं अवैध फैक्ट्रियों में काम करते थे। एनजीओ ने अनाज मंडी (Anaj mandi) अग्निकांड में 43 प्रवासी मजदूरों की मौत के दो दिन बाद मंगलवार को यह जानकारी दी गई। 

‘बचपन बचाओ आंदोलन’ ने दिल्ली के रिहायशी इलाकों में 2005 से चल रही अवैध वाणिज्यिक इकाइयों में काम कर रहे 8,918 बाल मजदूरों पर अध्ययन किया। शोध के अनुसार अधिकतर बच्चे विकासशील और बड़ी आबादी वाले राज्यों से काम की तलाश में दिल्ली आए। 

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22 प्रतिशत बच्चे उत्तर प्रदेश से
शोध में कहा गया है कि लगभग 22 प्रतिशत बच्चे उत्तर प्रदेश से हैं। मुक्त कराए गए बच्चों में आधे से अधिक (54 फीसदी) बिहार के रहने वाले हैं। शोध के अनुसार जिलावार बात करें तो सबसे अधिक (18 प्रतिशत) बच्चे उत्तर-पूर्वी दिल्ली से मुक्त कराए गए। इसके बाद मध्य दिल्ली (16 प्रतिशत), उत्तरी दिल्ली (15 प्रतिशत), दक्षिण पश्चिमी तथा दक्षिणी दिल्ली (4-4 प्रतिशत) और नई दिल्ली से (2 प्रतिशत) का नंबर आता है। 

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ज्यादातर अनधिकृत कॉलोनियों में काम करते हैं बालमजदूर
एनजीओ के प्रवक्ता संपूर्ण बेहुरा ने कहा कि बच्चों को ज्यादातर अनधिकृत कॉलोनियों के खस्ताहाल रिहायशी इलाकों में काम करने के लिए धकेल दिया जाता है, जोकि कि अमानवीय है। बेहुरा ने कहा कि अनाज मंडी काफी हद तक रिहायशी इलाका है, जहां चमड़े के बैग और खिलौनों की पैकिंग की इकाइयां चलती हैं। ऐसे क्षेत्रों का दौरा करने पर आप देखेंगे कि वहां आग लगने या किसी अन्य दुर्घटना की सूरत में सुरक्षित निकासी नहीं है। 

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