abdul shakur murdered for 485 crore crypto currency

485 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी के लिए हुई अब्दुल शकूर की हत्या

  • Updated on 8/31/2019

देहरादून/ब्यूरो। केरल निवासी अब्दुल शकूर की हत्या करोड़ों की क्रिप्टो करेंसी कब्जाने के लिए की गई। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अब्दुल शकूर ने बिटक्वाइन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 485 करोड़ रुपये केरल के मंजीरी, पाण्डीकर, मणपुरम आदि क्षेत्रों में कई लोगों से लिए थे। इसके लिए अब्दुल शकूर ने अपना एक कोर ग्रुप बनाया था। इसमें रिहाब, आसिफ, अरशद और मुनीफ शामिल थे।

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इस कोर ग्रुप ने भी अपनी अलग-अलग टीमें बनाई गईं। जिसमें आशिक नाम के व्यक्ति ने भी अपने करीबी साथियों आफताब, अंसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द के साथ एक टीम बनाई। इन्होंने कई लोगों से पैसा बिटक्वाइन में इनवेस्ट के लिए एकत्रित किया। इनवेस्ट किया गया सारा पैसा इन लोगों के माध्यम से अब्दुल शकूर के पास आता था। जब शकूर को बिटक्वाइन में घाटा हो गया तो वह अपनी कम्पनी के चार साथियों आशिक, अरशद, मुनीफ और रिहाब के साथ काफी समय पूर्व केरल से फरार हो गया।

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पूछताछ के दौरान पता चला कि शकूर ने अपने निकट साथी आशिक को यह कहकर गुमराह किया था कि उसका बिटक्वाइन एकाउंट हैक हो गया है और वह अपनी ही क्रिप्टो करेंसी लांच कर रहा है। इसमें फायदा होने पर वह निवेशकों का पैसा वापस कर देगा। आशिक को पता था कि भले ही शकूर को बिटक्वाइन के व्यापार मे घाटा हुआ है, पर उसके पास अब भी कई सौ करोड़ के बिटक्वाइन हैं। आशिक ने अपने एजेंट आफताब, अंसिफ, फरासी, सुहेल तथा अरविन्द को साथ लेकर यह योजना बनाई कि शकूर से किसी प्रकार से बिटक्वाइन का पासवर्ड प्राप्त कर लिया जाए ताकि बिटक्वाइन के रूप में जो कई सौ करोड़ हैं, वह उन्हें प्राप्त हो सके।

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इस तरह की हत्या

इसी योजना के क्रम में उन्होंने निर्णय लिया कि शकूर को किसी ऐसे एकान्त क्षेत्र में ले जाना उचित होगा। ये लोग अब्दुल को 20 अगस्त को देहरादून के प्रेमनगर स्थित एक मकान में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अब्दुल शकूर पर बिटक्वाइन से सम्बन्धित पासवर्ड लेने के लिए यातानाएं दी। अत्यधिक शारिरिक यातनाएं देने पर शकूर की मृत्यु हो गयी।

इसलिए ले गए अस्पताल

पासवर्ड न मिलने से कई सौ करोड़ रुपये शकूर के साथ ही खत्म हो गए थे। किसी चमत्कार की अपेक्षा में पहले वह उसे बीते रोज सिनर्जी अस्पताल व बाद में मैक्स अस्पताल में ले गये। दोनों जगह डाक्टरों ने उसे मृत घोषित करने व किसी प्रकार का उपचार न होने की बात कहने पर वह उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस ने सभी को रुड़की से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान फारिस ममनून, अबुलन, अरविन्द, अंसिफ, सुफेल मुख्तार, आफताब मोहम्मद सभी निवासी केरल के रूप में हुई।

 
 

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