Monday, May 23, 2022
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सुप्रीम कोर्ट के नियुक्त पैनल के सामने हुए पेश आरोपी IPS अधिकारी

  • Updated on 10/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी सी सज्जनार एक पशुचिकित्सक के साथ बलात्कार एवं उसकी हत्या के चार आरोपियों की यहां छह दिसंबर, 2019 को कथित मुठभेड़ में हुई मौत की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच आयोग के सामने सोमवार को पेश हुए। अब तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक और मुठभेड़ के दौरान साइबराबाद के पुलिस आयुक्त रहे सज्जनार से पहली बार आयोग द्वारा पूछताछ की गयी है जिसके अगुवा उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी एस सरपुरकार हैं। आयोग ने सज्जनार के बयान दर्ज किये । वह मंगलवार को फिर आयोग के सामने पेश होंगे। 

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रिकार्ड संग्रह का काम पूरा कर चुका आयोग गवाहों से पूछताछ कर रहा है और उसी अनुसार कुछ पुलिस अधिकारी, आरोपियों के परिवार, सरकारी अधिकारी, एवं अन्य यहां तेलंगाना उच्च न्यायालय के परिसर में आयोग के कार्यालय में पेश हुए हैं। जांच आयोग की कार्यवाही फिलहाल ऑनलाइन एवं आमने-सामने भी हो रही है। तीन अगस्त, 2021 को उच्चतम न्यायालय ने इस आयोग को पशुचिकित्सिक के साथ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के मामले में आरोपियों की मुठभेड़ में हुई मौत पर अपनी अंतिम (जांच) रिपोर्ट पेश करने के लिए और छह महीने का वक्त दिया था। 

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इस मुठभेड़ से जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए 12 दिसंबर, 2019 को सरपुरकार आयोग गठित किया गया था और उसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का वक्त दिया गया था। साइबराबाद पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 27 नवंबर, 2019 की रात को कथित रूप से पशुचिकित्सक को अगवा कर लिया था और उसके साथ बलात्कार करने के बाद उसे मार डाला था। उसके बाद आरोपपियों ने हैदराबाद के समीप चट्टनपल्ली में शव ले जाकर उसे एक पुलिया के नीचे जला दिया था। इस मामले में 29 नवंबर को चार आरोपी गिरफ्तार किये गये थे। 

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ये चारों चट्टनपल्ली में छह दिसंबर, 2019 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गये थे। तब पुलिस उन्हें वहां ले गयी थी जहां 28 नवंबर को 25 वर्षीय पशुचिकित्सक की जली हुई लाश मिली थी। पुलिस इस मामले में पशुचिकित्सक के फोन, कलाई घड़ी एवं अन्य चीजें लाने के लिए चारों आरोपियों को वहां ले गयी थी। साइबराबाद पुलिस ने कहा था कि जब दो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की बंदूक छीनकर उनपर गोलियां चलाना शुरू कर दिया तब पुलिसर्किमयों को जवाबी कार्रवाई करना पड़ा। 

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