Tuesday, Jan 25, 2022
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after mamta, now pk also targeted rahul gandhi, congress retaliated, called opportunist

ममता के बाद PK ने भी साधा राहुल गांधी पर निशाना, कांग्रेस का पलटवार- अवसरवादी बताया

  • Updated on 12/3/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद उनके सलाहकार प्रशांत किशोर के ताजे बयान ने कांग्रेस की त्योरियां चढ़ा दी है। प्रशांत ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जिस विचारधारा और राजनीति का प्रतिनिधित्व करती है, वह अहम है, किंतु उसका नेतृत्व किसी व्यक्ति का नैसॢगक अधिकार नहीं है, विशेषकर तब जब पार्टी पिछले 10 साल में 90 प्रतिशत चुनाव हार चुकी है। इसके पहले ममता बनर्जी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के अस्तित्व को नकारते हुए राहुल की सियासत में निरंतरता की कमी को लेकर तंज कसा था।

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विभिन्न दलों के राजनीतिक दलों के चुनाव रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने वीरवार को ट्विट किया, ‘‘जिस विचारधारा और राजनीति का कांग्रेस प्रतिनिधित्व करती है, वह मजबूत विपक्ष के लिए अहम है, लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व किसी एक व्यक्ति का नैसर्गिक अधिकारी नहीं है, विशेषकर तब जब पार्टी पिछले 10 साल में 90 प्रतिशत चुनाव हारी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेतृत्व का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होने दीजिए।’’ किशोर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब टीएमसी संसद में विपक्ष के कांग्रेस के नेतृत्व से अलग अपनी राह पकड़ रखी है।

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पहले ममता और अब उनके सलाहकार की टिप्पणी से कांग्रेस झुंझलाई हुई है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम एक राजनीतिक दल है और हम कंसलटेंट की टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करते। खासतौर पर जब उनकी अपनी विचारधारा नहीं हो और वह मोदी जी के भी कंसलटेंट रहे हों। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने टीएमसी पर अवसरवादी होने का आरोप लगाते हुए तंज कसा और कहा कि तीन-चार बार आप भाजपा के साथ जाओ और फिर दो-तीन बार कांग्रेस के साथ वापस आओ, इसके बाद सिद्धांतों का पाठ पढ़ाओ, यह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी जी विधायक एवं पार्टियां तोड़ते हैं, ममता जी भी वही कर रही हैं। सुरजेवाला ने सवाल किया कि कहीं ममता फासीवादी विचारधारा के रास्ते पर तो नहीं चल गईं हैं?

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प्रशांत किशोर की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्विट किया, ‘‘यहां जिस व्यक्ति की चर्चा की जा रही है, वह आरएसएस से भारतीय लोकतंत्र को बचाने और संघर्ष करने के अपने नैसर्गिक दायित्व का निर्वहन कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि कोई वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं रखने वाला एक पेशेवर राजनीतिक दलों/व्यक्तियों को चुनाव लडऩे के बारे में सलाह देने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन वह हमारी राजनीति का एजेंडा निर्धारित नहीं कर सकता।’’ खेेड़ा ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस क्षेत्रीय नेता का यह दावा बेतुका है कि संप्रग का अब कोई अस्तित्व नहीं है, जो संप्रग का हिस्सा ही नहीं है।

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी ट्विट किया, ‘‘यह समय की जरूरत है कि भाजपा का विरोध करने और पराजित करने के लिए धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक पार्टियों के बीच जनता के मुद्दों को लेकर व्यापक समझ एवं सहयोग हो। यह लोगों की अकांक्षाओं से भी जुड़ा है। कांग्रेस देश की मुख्य विपक्षी पार्टी है और राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले सामूहिक प्रयास का प्रमुख स्तंभ बनी हुई है।’’ कांंग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्विट किया, ‘‘कांग्रेस के बगैर संप्रग बिना आत्मा के शरीर की तरह होगा। यह समय विपक्षी एकजुटता दिखाने का है।’’

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