Wednesday, Jun 26, 2019

आखिर कौन थी आगरा की दबंग वकील जिसका उसी के अपनों ने किया कत्ल

  • Updated on 6/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आगरा (Agra) शहर में नाम कमाने वाली महिला अधिवक्ता दरवेश यादव (Bar Council Darvesh Yadav) को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया। बुधवार को कोर्ट परिसर में आने से पहले उन पर लोगों ने कई फूल माला भी चढ़ाए और उन्हें बधाईयां दी साथ ही अधिवक्तागण उनका सम्मान कर रहे थे।

जहां उन्हें इतना सम्मान दिया जा रहा था वहीं उनको इस बात की खबर भी नहीं थी कि ये सम्मान उनकी जिंदगी का आखिरी सम्मान होगा। बुधवार को आगरा शहर की महिला अधिवक्ता दरवेश यादव को सम्मान समारोह के दिन मौत के घाट उतार दिया।

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क्या है पूरी घटना

माना जा रहा है कि दरवेश यादव अपने खास वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के साथ चैंबर में बैठी हुई थी इसके बाद एडवोकेट (वकील) मनीष शर्मा वहां आए और महिला अधिवक्ता दरवेश यादव पर गोलियां दागनी शुरू कर दी। बता दें कि, सम्मान समारोह के दौरान चेंबर में बैठी दरवेश यादव को एडवोकेट (Advocate) मनीष शर्मा ने पिस्तॉल से उन पर तीन बार गोलियों से वार किया था।

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वैसे अभी तक ये बात साफ नहीं हो पाई है कि एडवोकेट मनीष शर्मा ने दरवेश यादव की हत्या के बाद खुद को गोली क्यों मार ली। लेकिन सुत्रों के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि अधिवक्ता दरवेश यादव और एडवोकेट मनीष शर्मा पहले से ही दोस्त थे और जैसा कि आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि दरवेश यादव के सम्मान समारोह में आरोपी मनीष शर्मा भी शामिल हुए थे। लेकिन इस बात कि किसी को खबर नहीं थी की वे सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए नहीं बल्कि दरवेश यादव की मौत की कहानी रच रहे थे।

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कौन - थी महिला अधिवक्ता दरवेश यादव

दरवेश यादव को शख्स ने तीन बार गोलियों से छलनी किया था जो उनके एक सिर पर और एक सीने पर लगी थी। गोली से छलनी हुई दरवेश यादव का शरीर खून से लथपथ हो गया। इससे पहले जब तक लोग आरोपी को पकड़ पाते उसने खुद को भी एक गोली मार ली थी। खून से लथपथ दरवेश यादव को मौके पर अस्पताल (Hospital) पहुंचाया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच घायल आरोपी की हालत नाजूक बताई जा रही है जिसके लिए उसे आगरा से दिल्ली रेफर कर दिया गया है। 

दरअसल, दरवेश यादव मूल रूप से ऐटा की रहने वाली थी। दरवेश ने आगरा के कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी जहां से उन्होंने पहले एलएलबी बाद में एलएलएम किया था। साल 2004 में उन्होंने अपनी करीयर की शुरूआत आगरा के दीवानी कचहरी से की थी जहां वो प्रैक्टिस करती थी। साल 2016 में वह बार काउंसिल की उपाध्यक्ष भी रह चुकी थी। साल 2017 में दरवेश बार काउंसिल की कार्यकारी चेयरमैन भी रह चुकी थीं।

इसके बाद साल 2018 में हुए बार काउंसिल के चुनाव में दरवेश दूसरी बार सदस्य चुनी गईं थी। बता दें कि, दरवेश यादव पहली ऐसी महिला थी जिनको महिला अधिवक्ता के तौर पर चुना गया था। 9 जून को प्रयागराज में हुए बार काउंसिल चेयरमेन के चुनाव हुए थे जिसमें चेयरमेन पद के लिए आगरा से दरवेश यादव और हरिशंकर को चुना गया था। 12-12 वोट मिलने के मुताबिक ये तय नहीं हो पा रहा था कि किसे ये पद सौंपा जाए इसलिए बराबर मतों के चलते दोनों को 6-6 महीनों के लिए चुन लिया गया। परंपरा और सहमति के आधार पर दरवेश सिंह यादव को पहले छह महीनों के लिए अपना पद संभालना था और हरिशंकर सिंह को छह महीनों के लिए चेयरमैन निर्वाचित किया गया था।

 

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