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अरुणाचल में उग्रवादी ने गोली मारकर विधायक समेत 11 लोगों को उतारा मौत के घाट

  • Updated on 5/22/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में उग्रवादी संगठन एनएससीएन (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड) के संदिग्ध सदस्यों ने मंगलवार को वर्तमान विधायक और एनपीपी (नेशनल पीपुल्स पार्टी) के विधानसभा प्रत्याशी तिरोंग अबो और 10 अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों में विधायक का बेटा और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। तिरप जिले की खोंसा पश्चिम विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक अबो (41) इस सीट से फिर से चुनाव मैदान में थे।

 अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसबीके सिंह ने बताया कि मृतकों की संख्या 11 है। सिंह ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि एनएससीएन के उग्रवादियों ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिले के 12 मील क्षेत्र के पास विधायक के वाहनों पर गोलियां चलाईं। उस समय वह अपने परिजनों, तीन पुलिसकर्मियों और एक चुनावी एजेंट के साथ असम से अपने चुनावी क्षेत्र लौट रहे थे। डीजीपी के मुताबिक घटना में घायल एक सुरक्षाकर्मी को असम के डिब्रूगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में इस घटना पर दुख जताया और इसे पूर्वोत्तर में शांति भंग करने का ‘क्रूर प्रयास’ करार दिया। राजनाथ ने ट्वीट किया, ‘विधायक तिरोंग अबो जी, उनके परिवार के लोग तथा अन्य की हत्या से दुखी हूं। इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मेरी संवेदना शोकसंतप्त परिवार के साथ हैं।’ घटना पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे।

घटना की ङ्क्षनदा करते हुए एनपीपी के अध्यक्ष व मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड पी संगमा ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एनपीपी इस घटना में अपने विधायक तिरोंग अबो (अरुणाचल प्रदेश) और उनके परिजनों की मौत से स्तब्ध और दुखी है और वह इस हमले की ङ्क्षनदा करते हैंैं। इस बीच, अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में ‘अराजकता तथा अव्यवस्था’ के लिए सत्तारूढ़ भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि अगर राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधि केंद्र तथा राज्य की वर्तमान सरकार में सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता सुरक्षित महसूस कैसे कर सकती है?

घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उनकी सरकार राज्य में अराजकता तथा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार है। गौरतलब है कि अबो 2014 में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) की टिकट पर खोंसा पश्चिम सीट से निर्वाचित हुए थे। राज्य में विधानसभा के चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ संपन्न हुए थे। 

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