Saturday, Jul 21, 2018

अफवाह नहीं है देश में बच्चा चोरी का डर,2015 के मुकाबले 30 फीसदी अधिक बच्चे हुए गायब

  • Updated on 7/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक प्रगतिशील समाज के लिए सबसे ज्यादा  जरुरी है कि उसके भविष्य को सुरक्षित रखा जाए। समाज का भविष्य और सबसे नाजुक अंग बच्चे होते है। आज वहीं बच्चे आपराधिक गतिविधियों के शिकार हो रहे है। बच्चों से उनका भविष्य छीना जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिन बच्चे गायब हो रहे है।

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Navodayatimesइसे लेकर माता पिता के मन में जो डर है वो बेबुनियाद नहीं है। गृह मंत्रालय ने कुछ आंकडे जारी किए है जो इस डर को और भी मजबूत कर देते है। मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार 2016 में भारत से करीब 55,000 बच्चों को अगवा कर लिया गया है। इस आंकड़े में पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 

गृह मंत्रालय की 2017-18 की रिपोर्ट 

गृह मंत्रालय ने 2017-18 की जो रिपोर्ट पेश की है उसमें बताया गया है कि साल 2016 में 54,723 बच्चे अगवा हुए है। इनमें से भी महज40.4 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल किए गए है। वर्ष 2016 में बच्चों के अपहरण के मामलों में महज 22.7 फीसदी मामलों में ही दोष साबित हो पाया है। 

Navodayatimes2015 में सामने आए इतने मामले 

वर्ष 2015 में बच्चे गायब होने के  41,893  मामले सामने आए थे। वहीं 2014 में यह आंकड़े 37,854 थे। फिलहाल 2017 के आंकड़े सामने नहीं आए है। 

क्या कहते है अधिकारी 

मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि हाल में हुए पीट-पीटकर हत्या के ज्यादातर मामलों में सोशल मीडिया पर बच्चे उठाने की अफवाहें थी। वहीं ये आंकड़े बया करते है कि बच्चों को अपहरण का डर बेबुनियाद नहीं है खासकर इस तरह के मामले ज्यादा ग्रामीण इलाकों में सामने आ रहे है। 

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मंत्रालय का आदेश 

हाल ही में मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों को आदेश देते हुए कहा है कि वो उन सभी घटनाओं का पता लगाए जिनमें सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की अफवाहों के बाद भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। हाल ही में जुलाई में महाराष्ट्र के धुले में हुई जिसमें बच्चा चोरी होने के शक में पांच लोगों की हत्या कर दी गई। 

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार , बर्ष 2013 और 2014 के बीच भारत में कम से कम 67,000 बच्चे लापता हुए, इनमें 45 फीसदी नाहालिग हैं, जिनकी वेश्यावृति के लिए तस्करी की गई है। 

देश में मानव तस्करी के 8000 मामले

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट  में बताया गया है कि 2016 में मानव तस्करी के 8132 मामले दर्ज किए गए। ये साल 2015 की तुलना में 13.6 फीसदी अधिक थे।

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