Wednesday, Jun 26, 2019

UP: रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार को पुलिस ने बुरी तरह पीटा, कपड़े उतरवा पेशाब पिलाया

  • Updated on 6/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अभी पत्रकार प्रशांत(prashant) के मामले में सुप्रीम कोर्ट(supreme court) के आदेश के बाद चौतरफा आलोचना झेल रही उत्तरप्रदेश (up) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) के राज में फिर एक पत्रकार के साथ पुलिस की मारपीट का मामला सामने आया है। जिससे खलबली मच गई है। यह मामला एक निजी टीवी चैनल के पत्रकार अमित शर्मा (amit sharma) का है जिसने मंगलवार देर रात शामली (shamli) में मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना का कवरेज करने गया था। तभी जीआरपी के जवानों ने उसकी पिटाई कर दी।

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हालांकि प्रशासन ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और घटना में शामिल जीआरपी के दो पुलिस को तुरंत सस्पेंड कर दिया। लेकिन मामला ने तूल पकड़ लिया है। जिससे एक बार फिर योगी की किरकिरी हो रही है। माना जा रहा है कि इससे पहले पत्रकार अमित ने दिल्ली-सहारनपुर ट्रेन में जीआरपी पुलिस के कथित वेंडर्स से हफ्ता वसूली का उजागर किया था। जिसको लेकर उसे निशाना बनाया गया है।

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पत्रकार अमित के अनुसार जब वो मालगाड़ी की कैमरा से शूटिंग कर रहा था तभी वहां सादे वर्दी में तैनात पुलिस ने उनसे बदसूलकी करने लगे। इतना ही नहीं फिर उनकी पिटाई भी की गई। वे यहीं नहीं रुके उसे गंदी गालियां भी दी। वहां से ले जाकर लॉकप में बंद करके वह किया जिसकी उसने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी। अमित ने बताया वहां तैनात पुलिस ने उनके मुंह में पेशाब तक कर दी। उनसे मोबाइल छीन लिया। 

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मुरादाबाद के जीआरपी अधिकारी ने कहा कि मामले की तेजी से छानबीन की जा रही है। इंस्पेक्टर राकेश कुमार और कॉन्सटेबल संजय पवार को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। उनसे पूछताछ अभी होनी बाकी है। बता दें कि यह घटना शामली जिले के धीमानपुर फाटक के पास घटित हुआ है।

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बीते शनीवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पत्रकार प्रशांत की गिरफ्तारी दिल्ली से यूपी पुलिस ने की थी। जिससे पुलिस के साथ-साथ मुख्यमंत्री को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार प्रशांत को अविलंब रिहा करने का आदेश दिया था।
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