Monday, Aug 08, 2022
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ऑटो ड्राइवर ने अगवा कर किया नाबालिग का यौन उत्पीडन

  • Updated on 11/13/2021

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। एक ऑटो चालक द्वारा 14 वर्षीय लडकी को अगवा कर उसका यौन उत्पीडन किया गया। इस मामले कि शिकायत लडकी की मां ने दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत कार्यालय में की, मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने तुरंत एक्शन लिया और 8 घंटे के भीतर लडकी को रेस्क्यू करवाया है। वहीं आयोग ने पीड़िता से मिलने के बाद एफआईआर में संबंधित धाराओं को जोड़ने के मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 72 घंटे के भीतर जवाब भी मांगा है। पीडिता की मां ने इस मामले में थाना हजरत निजामुद्दीन में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी, जिसमें 25 अक्तूबर से लडकी के लापता होने की बात बताई गई थी।
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ऑटो चालक की पत्नी ने किया बच्ची के बंदी बनाए जाने का विरोध
आयोग ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही लडकी की मां से संपर्क किया, उन्होंने एक नंबर दिया जिसके माध्यम से उनकी बेटी ने संपर्क करने की कोशिश की थी। जिसके बाद हजरत निजामुद्दीन थाने से संपर्क कर एक टीम भी आयोग की ओर से भेजी गई। साथ ही मां द्वारा बताए गए नंबर को पुलिस अधिकारियों से ट्रेस करने को कहा गया। काफी मेहनत के बाद उस नंबर की लोकेशन मिली और पुलिस व आयोग की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर 14 वर्षीय बच्ची को रेस्क्यू करवाया। बच्ची ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उसे दिल्ली में एक ऑटो चालक ने अपहरण कर लिया था और जबरदस्ती अपने घर ले आया था। बच्ची ने बताया कि आरोपी ऑटो चालक ने अपने घर पर कई बार उसका यौन शोषण किया और उसे बंदी बनाकर रखा। ऑटो चालक की पत्नी ने उसकी मदद मां से संपर्क करने में की। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। आयोग ने मामले में प्राथमिकी जो धारा 363 के तहत दर्ज की गई थी, उसमें अन्य संबंधित धाराओं को जोडने की मांग करते हुए पुलिस को नोटिस भेजकर 72 घंटे में जवाब मांगा है।
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पत्नी को भी करता था प्रताडित क्योंकि वो नहीं करने देती थी बलात्कार
बच्ची ने बताया कि ऑटो चालक अपनी पत्नी को भी प्रताडित करता था क्योंकि वो उसे बंदी बनाने व यौन शोषण करने का विरोध करती थी। पीडिता ने बताया कि ऑटो चालक की पत्नी के चलते ही उसके साथ बलात्कार नहीं हुआ क्योंकि वो उसे पुलिस को बताने की धमकी देती रही।


दोषी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: स्वाति
आयोग की अध्यक्षा ने नाबालिग लडकी के साथ हुई यातना पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है और बच्ची के पुनर्वास की बात कही है। उन्होंने कहा कि हमें शिकायत मिलने के 8 घंटे के भीतर लडकी अपने मां-बाप के पास सुरक्षित पहुंच गई है। बच्ची ने काफी यातनाएं झेली हैं।

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