Monday, Jan 24, 2022
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भिखारी गैंग दिल्ली में एक्टिव, क्राइम ब्रांच पड़ताल में जुटी

  • Updated on 11/9/2021

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। किडनैप कर बच्चों को डरा धमकाकर धार्मिक स्थल, रेड लाइट पर भीख मंगवाने वाला गैंग इन दिनों एक्टिव है लेकिन दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश आस्थना ने इन गैंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए सख्त निर्देश दिए। हालांकि अब क्राइम ब्रांच इस बात की पड़ताल करेगी कि आखिरकार इस रैकेट के पीछे कौन-कौन से गैंग शामिल है।
जानकारी के अनुसार,दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसरों के साथ की बैठक में आयुक्त राकेश अस्थाना ने बच्चों की गुमशुदगी पर चिंता जताई है। उन्होंने बैठक में कहा कि दिल्ली की सडक़ों पर छोटे बच्चे भीख मांगते हुए देखे जाते हैं यह बच्चे अपनी मर्जी से भीख मांग रहे हैं या उनके पीछे कोई गैंग सक्रिय है। यह पता लगाना बेहद आवश्यक है उन्होंने क्राइम ब्रांच के डीसीपी को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में भीख मांग रहे इन बच्चों के पीछे सक्रिय गैंग का पता लगाएं। अगर ऐसे किसी गैंग का पता चलता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लें इससे छोटे बच्चों की तस्करी के मामलों में कमी आएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक,दिल्ली में रेड लाइट के आसपास काफी बच्चे भीख मांगते हुए देखे जाते हैं कई बार महिलाएं भी गोद में छोटे बच्चों को लेकर भीख मांगते हुए दिखती हैं। कभी बच्चे की दवा तो कभी उसके लिए दूध के नाम पर महिलाएं भीख मांगती हैं। कई बार उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि बच्चा उनका नहीं है इसलिए पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना द्वारा जताई गई आशंका सच भी हो सकती है। क्राइम ब्रांच एक स्पेशल यूनिट है जो जांच करने में माहिर है इस मामले में भी वह जांच कर सही तथ्य सामने लाएंगे और अगर कोई गैंग इसके पीछे होगा तो उसका बचना मुश्किल है। इस तरह से बच्चों से भीख मंगवाना आईपीसी के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर सादे कपड़ों में रहने वाले क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी निश्चित तौर पर सच्चाई सामने ले आएंगे अगर इसके पीछे कोई संगठित गैंग है तो उस पर ठोस कानूनी कार्रवाई होगी। बता दें राजधानी में औसतन 15 बच्चे रोजाना लापता होते हैं इनमें से कुछ बच्चों को पुलिस वापस तलाश भी लेती है लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में बच्चों का कुछ पता नहीं चल पाता। ऐसे बच्चों को तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा बीते कुछ वर्षों से ऑपेरशन मिलाप चलाया जा रहा है। इसके तहत हजारों बच्चों को ढूंढकर उनके परिवार से मिलवाया भी गया है। लेकिन जो बच्चे नहीं मिले, उनके किसी गैंग के हाथ लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जाता है।
 

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