Thursday, Aug 06, 2020

Live Updates: Unlock 3- Day 6

Last Updated: Thu Aug 06 2020 09:55 PM

corona virus

Total Cases

2,021,407

Recovered

1,374,420

Deaths

41,627

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA479,779
  • TAMIL NADU279,144
  • ANDHRA PRADESH196,789
  • KARNATAKA158,254
  • NEW DELHI141,531
  • UTTAR PRADESH108,974
  • WEST BENGAL86,754
  • TELANGANA73,050
  • BIHAR68,148
  • GUJARAT67,811
  • ASSAM50,446
  • RAJASTHAN48,384
  • ODISHA40,717
  • HARYANA37,796
  • MADHYA PRADESH35,082
  • KERALA27,956
  • JAMMU & KASHMIR22,396
  • PUNJAB18,527
  • JHARKHAND14,070
  • CHHATTISGARH10,202
  • UTTARAKHAND7,800
  • GOA7,075
  • TRIPURA5,643
  • PUDUCHERRY3,982
  • MANIPUR3,018
  • HIMACHAL PRADESH2,879
  • NAGALAND2,405
  • ARUNACHAL PRADESH1,790
  • LADAKH1,534
  • DADRA AND NAGAR HAVELI1,327
  • CHANDIGARH1,206
  • MEGHALAYA937
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS928
  • DAMAN AND DIU694
  • SIKKIM688
  • MIZORAM505
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
bhajanpura murder case delhi police crime

भजनपुरा हत्याकांड: महज 30 हजार रुपये के लिए ले ली 5 जानें, पुलिस के दावों पर उठे सवाल

  • Updated on 2/14/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भजनुपरा (Bhajanpura) में एक ही परिवार के 5 सदस्यों की हत्या महज 30 हजार रुपए न लौटाने के एवज में की गई। हत्या करने वाला मृत परिवार के मुखिया के बुआ का ही लड़का था। पुलिस (Delhi Police) ने 5 हत्याएं करने वाले इस आरोपी प्रभु मिश्रा को 24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया है। किए गए दावे के मुताबिक, आरोपी ने ये हत्याएं 3 फरवरी को की थीं और उसके बाद फरार हो गया और आम दिन की तरह पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में एक निजी शिक्षण संस्थान में काम करने लगा था। 

आरोपी की उम्र 28 साल की है, वह कमेटी के लेनदेन व एक संस्थान में लेबर का काम करता है। पुलिस ने कॉल ट्रेसिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इसे पकड़ा है और दावा किया है कि आरोपी ने खुद कबूल किया है कि उसने ही इस घटना को अंजाम दिया था। बता दें कि भजनपुरा इलाके में एक घर में दंपति और तीन बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मृतकों की पहचान शंभूनाथ चौधरी (45), पत्नी सुनीता (40), बेटे शिवम कुमार (17), सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई थी। हत्या के बाद पुलिस और पड़ोसियों को करीब 9 दिन बाद पता चला था जब उनके कमरे से दुर्गंध आने लगी थी। 

ज्वाइंट सीपी आलोक कुमार के दावे के मुताबिक आरोपी को गली के बाहर लगे सीसीटीवी में 3:30 बजे के आसपास घर में जाते देखा गया और 7 बजे बाहर निकलते देखा गया। इस बीच उसके फोन से केवल एक कॉल शंभू को ही की गई थी। घटना 3 तारीख को इसलिए हुई क्योंकि कोमल आखिरी बार 3 तारीख को ही स्कूल गई थी। सुनीता और शंभू के फोन पर 3 तारीख के बाद कोई ट्रैफिक भी नहीं है। 

निर्भया की मां ने अदालत के बाहर की जमकर नारेबाजी, दोषियों के लिए मांगा डेथ वारंट

घर में थीं चार लाशें और गामड़ी में चल रही थी पार्टी
शंभूनाथ ने सपने में भी सोचा नहीं होगा कि जिस फुफेरे भाई प्रभु मिश्रा के साथ वह शराब पार्टी कर रहा है वह उसकी पत्नी व तीनों बच्चों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर चुका है। और उसे भी मौत के घाट उतारने जा रहा है। प्रभु मिश्रा ने महज चार घंटों में शंभू की पत्नी व तीन बच्चों की हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया था। इसके बाद उसने शंभू को फोन कर शराब पार्टी की लिए गामड़ी में बुलाया वहां दोनों ने शराब पी, प्रभु ने शंभू को जानबूझ कर ज्यादा शराब पिलाई जिससे वह नशे में हो जाए। नशे में धुत्त शंभू को लेकर प्रभु ई-रिक्शे से रात करीब 11 बजे उसके घर पहुंचे। शंभू के अपने घर में घुसते ही प्रभू ने उस पर हमला कर उसकी भी हत्या कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद वह रात करीब 11: 30 बजे वह घर का ताला लगा कर वहां से निकल गया। पुलिस टीम ने शंभू की कॉल डीटेल निकाली। इस दौरान पता चला कि शंभू की आखिरी बार बात उसके फुफेरे भाई प्रभु से हुई थी। जो उसके घर के पास दूसरी गली में रहता है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें प्रभु वारदात के दिन शंभू के घर के पास दिखा। 

पुलिस का ने दावा किया गया कि ये हत्या उसने आवेश में उस समय की जब वह मृतक के घर दोपहर में पहुंचा और उस दौरान शंभु की पत्नी सुनीता से उसका झगड़ा हो गया, जिसके बाद उसने सबसे पहले सुनीता को मारा उसके बाद सभी की हत्या की   

कमरा बदलने के कारण हुआ शक
आरोपी प्रभु ने इसी महीने शंभू के मकान के पास से कमरा दूसरी जगह ले लिया था। आरोपी अक्सर शंभू के घर आता-जाता था, लेकिन आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने करीब 10 दिनों तक खबर नहीं ली। इससे पुलिस का शक और गहरा गया था। 

स्कूल के बच्चे व शिक्षक भी हैं दुखी
पुलिस ने मकान में रहने वाले सभी किराएदारों को निकालकर मकान को सील कर दिया है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। वहीं जानकारी होने पर गुरुवार को बच्चों के स्कूल से छात्र व शिक्षक भी पहुंचे। उन्होंने साथी छात्रों की हत्या हो जाने पर दुख प्रकट किया। 

गार्गी कॉलेज में छात्राओं के साथ छेड़खानी मामले में 10 लोग गिरफ्तार


ये उठे हैं सवाल 
जिस घर में हत्या की गई, उस घर से सटे कई कमरों में लोग रहते हैं, उसके बाद भी किसी ने शोर क्यों नहीं सुना? आरोपी पेशेवर हत्यारा नहीं, तो फिर हत्या के बाद सामान्य जिंदगी कैसे बिताता रहा? 4 घंटे शंभू कहां था, उस दौरान की लोकेशन की जानकारी पुलिस ने छिपाई? सुनीता की हत्या 4 बजे के करीब हो चुकी थी, ऐसे में कैसे संभव है कि शंभू ने उसे कॉल न किया हो। शंभू पैसे को लेकर टेंशन में था, उसके बाद भी देर रात तक वह शराब पीता रहा और फिर उसी शख्स के साथ घर पहुंचा।

हत्या कर ताला लगाया...फिर आम जिंदगी जीने लगा
सवाल ये भी है कि हत्या करने के बाद आरोपी अपने घर पहुंचा और अगले दिन रोजमर्रा की तरह जीने लगा। न तो उसने कभी उस स्थल को देखने की कोशिश की और न ही कभी उत्सुक्ता ही जताई कि जिन लोगों की उसने हत्या की है, उनका क्या हुआ। यही नहीं वह दिल्ली में रहा और भागा तक नहीं, जबकि ऐसे केस में आरोपी गिरफ्त से काफी दूर जा सकता था।

पहला सवाल: जब बेइज्जती का बदला सुनीता से ले लिया, फिर आरोपी क्यों रुका रहा घर में?
पुलिस के दावे के मुताबिक आरोपी ने पहले शंभु को पैसे देने के लिए लक्ष्मी नगर बुलाया था और इसी दौरान वह उसके घर पहुंच गया, जहां सुनीता ने उसकी बेइज्जती कर दी, जिसके बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी। सवाल है कि जब सुनीता की हत्या कर दी गई तो हत्यारा घर में क्यों रुका रहा? वह भाग सकता था, लेकिन उसने किसी अन्य के आने का इंतजार किया। जबकि अमूमन ऐसा नहीं होता?

कंपनी के नाम से बुकिंग कर लोगों को ठगने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

हत्यारा 4 घंटे से ज्यादा रुका रहा घर में और कर दी 4 हत्याएं, पता क्यों नहीं चला?
पुलिस का दावा है कि सुनीता की हत्या के बाद वह घर में बैठा रहा। सुनीता की हत्या के करीब 20 मिनट बाद कोमल घर में पहुंची और उसे वह दूसरे कमरे में ले गया, जहां उसकी हत्या की। फिर दावा किया गया कि 17 वर्षीय शिवम पहुंचा, जिसे उसे भी आसानी से मार दिया, लेकिन सवाल है कि शिवम का शरीर ठीक -ठाक है और आरोपी का शरीर उससे कमजोर। उसके बावजूद बगैर शोर हुए उसने शिवम पर काबू पा लिया। यही नहीं उस दौरान भी कोई शोर नहीं हुआ। इसके बाद भी हत्यारा फिर किसी का इंतजार करने लगा, जैसे उसे पता था कि सभी बारी-बारी से आएंगे। इसके बाद सचिन घर पहुंचा और उसकी भी उसी कमरे में हत्या की जहां पहले से ही दो लाशें पड़ी थीं। क्या दो लाशों को देख सचिन भागा नहीं, या चिल्लाया नहीं। उसे भी हत्यारे ने बड़े इत्मीनान से मारा और फिर बैठा रहा। 

5 हत्याओं के बाद भी दाग कोई नहीं..
पुलिस ने पूरी घटना में ये तक नहीं बताया कि आरोपी ने 4 हत्याएं पहले कीं, उस दौरान उसके शरीर पर एक भी खून का छींटा नहीं आया। हत्या के बाद न तो उसने कपड़े बदले और न ही शंभू से उसका 4 घंटों के बीच कोई विवाद या फोन पर ही बात हुई। जबकि हत्या बड़ी निर्ममता से की गई है। ऐसा कैसे हो सकता है कि हत्या हो और खून का एक दाग भी आरोपी पर न लगे। 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.