Saturday, Jul 31, 2021
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big relief to op chautala will be released soon after delhi government djsgnt

ओ पी चौटाला को बड़ी राहत! दिल्ली सरकार के सजा में छूट के आदेश के बाद जल्द होंगे रिहा

  • Updated on 6/23/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में 10 साल कैद की सजा काट रहे और फिलहाल पेरोल पर बाहर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला तिहाड़ जेल से रिहा कर दिए जाएंगे क्योंकि दिल्ली सरकार ने सजा छह महीने कम करने की छूट दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली सरकार ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर जेलों में से भीड़ कम करने के लिए सोमवार को एक आदेश पारित कर 10 साल की सजा में से साढ़े नौ साल की सजा काट चुके कैदियों को छह महीने की विशेष छूट दी थी। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि 86 वर्षीय चौटाला पहले ही नौ साल नौ महीने की सजा काट चुके हैं इसलिए वे जेल से रिहा होने के पात्र हैं।

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, चौटाला को 16 जनवरी 2013 को जेल हुई थी। कोविड महामारी की वजह से वह 26 मार्च, 2020 से आपातकालीन पेरोल पर हैं और उन्हें 21 फरवरी, 2021 को आत्मसमर्पण करना था। हालांकि, उनकी पेरोल की अवधि को उच्च न्यायालय ने बढ़ा दिया था।

अधिकारी ने बताया कि 21 फरवरी को, उन्हें जेल में दो महीने और 27 दिनों का और समय बिताना था जिसे अब छूट के तहत माना जाएगा। उन्हें औपचारिक तौर पर तब रिहा किया जाएगा जब वह जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे। दिल्ली सरकार ने 10 साल की सजा प्राप्त दोषियों जिन्होंने हिरासत में नौ साल छह माह का वक्त पूरा कर लिया है उनको सजा में छह महीने की विशेष छूट देने को लेकर एक आदेश पारित किया था जिसमें नियमित छूट भी शामिल है।

आदेश में कहा गया, “ऐसे दोषी जिन्हें सात साल या उससे ज्यादा लेकिन 10 वर्ष से कम की सजा दी गई है और जिनकी सजा पूरी होने में अब बस पांच माह का वक्त बचा है उन्हें पांच महीने की छूट मिलेगी। दोषी जिन्हें पांच साल या ज्यादा की लेकिन सात साल से कम की सजा मिली है और जिनकी सजा पूरी होने में केवल चार माह का वक्त बचा है, उन्हें चार महीने की छूट मिलेगी।”

इस तरह तीन साल की सजा प्राप्त कैदियों को तीन महीने की और एक साल से ज्यादा लेकिन तीन साल से कम की सजा पाने वालों को दो महीने की छूट दी गई है। ओ पी चौटाला, उनके बेटे अजय चौटाला और आईएएस अधिकारी संजीव कुमार समेत 53 अन्य को 2000 में 3,2016 जूनियर बेसिक शिक्षकों (जेबीटी) की अवैध भर्ती के मामले में दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई थी।

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