Saturday, Jul 21, 2018

शाहबुद्दीन और सरगना रईस का बिहार गैंगवार उतरा दिल्ली की सड़कों पर

  • Updated on 2/15/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार के दो खूंखार सरगना शाहबुद्दीन और उसके विरोधी सरगना रईस के बीच चल रहे रहा गैंगवार दिल्ली तक पहुंच गया है। जो बुधवार शाम दिल्ली के द्वारका इलाके में देखने को मिला, जहां बाइक से आए रईश गिरोह के तीन सुपारी किलर ने वैगन आर कार से जा रहे शाहबुद्दीन गिरोह के एक सदस्य फिरोज अली (32) पर सरेराह ताबड़तोड़ गोलियों चला उसे भून दिया।

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद बाइक से आए तीनों हमलावरों में से एक अपने शिकार का ही वैगन आर कार लेकर फरार हो गया। वहीं भाग रहे अन्य दो हमलावर सबीर हुसैन और अमजद अली को बैरिकेड लगा जांच कर रही स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने दबोच लिया। पुलिस को उनके पास से हमले में उपयोग हथियार भी बरामद हुए। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस सड़क पर घायल पड़े फिरोज अली को पास के अस्पताल में पहुंचाया, जहां चार गोलियां लगने के कारण उसकी मौत हो गई। तीनों ही बिहार के सीवान के रहने वाले हैं। पुलिस तीसरे हमलावर की तलाश में जुट गई है। 

द्वारका जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संतोष के मीना ने बताया कि बुधवार शाम करीब सात बजे पुलिस को द्वारका सेक्टर 22 के चौक पर गोलियां चलने की सूचना मिली थी। पता चला था कि बाइक सवार हो आए युवकों ने वैगन आर से जा रहे एक युवक को कार से उतार गोलियां मार दी है। साथ ही यह भी जानकारी मिली कि वारदात को अंजाम देकर भाग रहे तीन हमलावरों में से दो को द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस द्वारा बैरिकेड लगा कर जांच के दौरान पकड़ लिया है।

बाईक सवार बदमाश तेज रफ्तार में भागने की कोशिश कर रहे थे। पर पुलिस द्वारा रुकवाए जाने पर भागने के दौरान बैरिकेड से टकरा गए। गिरने के बाद भी एक बदमाश भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे वहां उपस्थित आम लोगों ने दबोच पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं सड़क पर पड़े युवक को तत्काल पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

इधर सूचना मिलते ही द्वारका जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जांच करने पर जब दिल्ली पुलिस के सामने असलियत आई तो उनके होश उड़ गए। जांच में पता चला कि मृतक फिरोज के साथ ही गिरफ्तार दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार सीवान के रहने वाले हैं। फिरोज दिल्ली के महिपालपुर में रहकर प्रॉपर्टी का काम करता था। साथ ही यह भी पता चला कि वह तिहाड़ जेल में बंद बिहार के पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शाहबुद्दीन का नजदीकी है।

वहीं, पकड़े गए दोनों हमलावर सुपारी किलर हैं और मोहम्मद शाहबुद्दीन के विरोधी गिरोह के सरगना रईस के नजदीकी हैं। तत्काल रईस भी विभिन्न मामलों में बिहार के जेल में बंद है। तीनों उसी के कहने पर अपने साथी संजय, जोकि फरार हो गया के साथ दिल्ली फिरोज की हत्या के लिए आए थे। 

तीन लाख की मिली थी सुपारी

सूत्रों के अनुसार इस हत्या की साजिश जेल में ही रईस ने रचि थी। उसने सुपारी किलर सचिन को फिरोज की हत्या के लिए तीन लाख रुपये की सुपादी दी थी। फिरोज दिल्ली में रहकर तिहाड़ जेल में बंद शाहबुद्दीन संपर्क में रह उसके गिरोह का एक प्रकार से संचालन कर रहा था। शाहबुद्दीन जेल में रहते हुए भी फिरोज के माध्यम से ही बिहार में अपने गिरोह को चला रहा था। 

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