Sunday, Jun 07, 2020

Live Updates: Unlock- Day 6

Last Updated: Sat Jun 06 2020 07:55 PM

corona virus

Total Cases

246,544

Recovered

118,684

Deaths

6,936

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA80,229
  • TAMIL NADU28,694
  • NEW DELHI26,334
  • GUJARAT19,119
  • RAJASTHAN10,084
  • UTTAR PRADESH9,733
  • MADHYA PRADESH8,996
  • WEST BENGAL7,303
  • KARNATAKA4,835
  • BIHAR4,598
  • ANDHRA PRADESH4,112
  • HARYANA3,281
  • TELANGANA3,147
  • JAMMU & KASHMIR3,142
  • ODISHA2,608
  • PUNJAB2,415
  • ASSAM2,116
  • KERALA1,589
  • UTTARAKHAND1,153
  • JHARKHAND889
  • CHHATTISGARH773
  • TRIPURA646
  • HIMACHAL PRADESH383
  • CHANDIGARH304
  • GOA166
  • MANIPUR124
  • NAGALAND94
  • PUDUCHERRY90
  • ARUNACHAL PRADESH42
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA33
  • MIZORAM22
  • DADRA AND NAGAR HAVELI14
  • DAMAN AND DIU2
  • SIKKIM2
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
bike boat scam rs 42 thousand crore from delhi ncr also

बाइक बोट घोटाला : दिल्ली-एनसीआर से भी 42 हजार करोड़ की ठगी

  • Updated on 7/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक साल में पैसा डबल कर जल्दी पैसा कमाने के झांसे में आकर एक बार फिर लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी। लालच में फंस कर धोखा खाने वालों की संख्या एक या दो नहीं लगभग दो लाख से ज्यादा है। यही सभी लोग  मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं। जिन्होंने पाई-पाई कर पूंजी जोड़ी थी। लालच में पड़ कर अपनी मेहनत की कमाई इन लोगों ने खुशी-खुशी ठगों के हवाले कर दी। 

आर्थिक अपराध शाखा ने की एफआईआर दर्ज  
देश में गूंजने वाले चर्चित बाइक बोट घोटाले की धमक दिल्ली में सुनाई देने लगी है। स्कीम चला कर लोगों का लगभग 42 हजार करोड़ हड़पने वाली कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के खिलाफ  दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने मिली शिकायक के आधार कंपनी के खिलाफ पुलिस को मिली हजारों शिकायतें : एफआईआर के मुताबिक, 42 हजार करोड़ रुपए के इस घोटाले में लाखों लोगों के साथ ठगी की गई है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में नोएडा के बीएसपी नेता संजय भाटी सहित डेढ़ दर्जन आरोपियों का नाम दर्ज किया गया है। यह फर्जीवाड़ा 42 हजार करोड़ से भी ४यादा का हो सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शनिवार को दर्ज हुई इस एफआईआर के लिए पुलिस को हजारों शिकायतें मिली थीं।

Image result for बाइक बोट घोटाला : दिल्ली-एनसीआर से भी 42 हजार करोड़ की ठगी

दो मॉह बाद ही कंपनी ने मुनाफा देना किया बंद 
कंपनी ने बाइक बोट स्कीम में लोगों से पैसा लगवाकर उनको अच्छा मुनाफा देने का वादा किया था। लेकिन महज दो महीने लोगों को मुनाफे की रकम देने के बाद कंपनी ने रिटर्न देने से मना कर दिया। जब लोगों ने कंपनी में जाकर पूछताद की तों कंपनी प्रबंधन ने उन्हें धमका कर वापस भेज दिया।  दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने महिला अनीता चौहान की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू को कई अन्य शिकायतें भी मिली थी। सामने आया है कि कई सेना के जवान भी इस गौरख धंधे का शिकार बने हैं।  

ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम
उत्तर प्रदेश के नोएडा के बीएसपी नेता संजय भाटी ने साल 2010 में कंपनी शुरू की और साल 2018 में बाइक बोट नाम की स्कीम लांच की। ऐप बेस्ड टैक्सियों की तर्ज पर शुरू हुई इस स्कीम में बाइक टैक्सी चलाई जाती थी। कंपनी ने लोगों के पैसे से हजारों मोटरसाइकिल ली थी, एक भी मोटरसाइकिल खुद संजय भाटी के पैसे से नहीं खरीदी गई थी। लोगों को अ४छे मुनाफे का लालच देकर पैसा लिया जाता और पैसे से मोटरसाइकिल खरीद ली जाती। 

मुख्य आरोपी अदालत में कर चुका है समर्पण 
नोएडा ईओडब्लयू में पहले से ही कंपनी के खिलाफ बाइक बोट फर्जीवाड़ा की एफआईआर दर्ज है। इसके अलावा भी इस स्कीम में फर्जीवाड़े की दर्जनों एफआईआर की गई हैं। नोएडा पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, फर्जी वाड़े का मुख्य आरोपी संजय भाटी पिछले मॉह ही अदालत के समक्ष समर्पण कर चुका है। 

एक साल में 62 हजार के डबल करने का दिखाया था सपना
कंपनी ने लोगों को आश्वासन दिया था कि एक बाइक की कीमत करीब 62 हजार रुपए जमा करावाने होंगे और साल भर करीब दस हजार रुपए प्रतिमहा का मुनाफा दिया जाएगा। सिर्फ एक साल में पैसा लगभग डबल। लोगों ने इस स्कीम को हाथों हाथ लिया और बड़े शहरों के अलावा करीब 50 शहरों में बाइक बोट की बाइक सड़कों पर दिखने लगीं। मानें तो इस स्कीम में दो लाख से अधिक लोगों को ठगा गया। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.