Thursday, Aug 18, 2022
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bloody conflict in bengal: dozens of houses set on fire in birbhum, 8 people burnt alive

TMC नेता की हत्या के बाद बंगाल में खूनी संघर्ष, बीरभूम में 8 लोग जिंदा जले

  • Updated on 3/23/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत स्तर के नेता की हत्या के बाद बीरपुर जिले के रामपुरहाट में कुछ मकानों को आग लगा दी गई। इन जले मकानों से आठ शव मिले हैं। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से 72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

इससे पहले पश्चिम बंगाल से भाजपा के सांसदों के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से मुलाकात की और इस मामले में उनसे हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की।  केंद्रीय गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इस घटना के मद्देनजर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

राज्य सरकार को इस घटना को लेकर जल्द से जल्द विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। पुलिस ने बताया कि बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मंगलवार तड़के कुछ मकानों में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी।राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज मालवीय ने कोलकाता में बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंचायत स्तर के एक नेता की हत्या के कुछ घंटे बाद हुई। जले हुए मकानों में से एक में सात लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि गंभीर रूप से झुलसे हुए एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई।

11 लोग गिरफ्तार

डीजीपी मनोज मालवीय ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बरशाल गांव के पंचायत उप प्रमुख एवं तृणमूल कांग्रेस के नेता भादु शेख की सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हत्या कर दी गयी थी।

इसके बाद मंगलवार तड़के रामपुरहाट शहर के बाहरी इलाके में स्थित बोगतुई गांव में कथित तौर पर कम से कम आठ घरों में आग लगा दी गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ लोगों ने अपने नेता की हत्या के प्रतिशोध में मकानों में आग लगा दी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और कल रात से गांव में एक पुलिस चौकी स्थापित की गयी है।

हम जांच कर रहे हैं कि गांव के मकानों में आग कैसे लगी और क्या यह घटना बरशाल गांव के पंचायत उप प्रमुख की मौत से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि निजी शत्रुता के कारण उनकी हत्या की गयी है।

पुलिस अधिकारियों को बदला

डीजीपी ने कहा कि एसडीपीओ और रामपुरहाट थाने के प्रभारी को सक्रिय पुलिस ड्यूटी से हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एडीजी (सीआईडी) ज्ञानवंत सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मंत्री फिरहाद हकीम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विधायक दल को मौके पर भेजा है। 

राज्यपाल और सीएम आमने- सामने

राज्य हिंसा एवं अराजकता की संस्कृति की गिरफ्त में है। मुख्य सचिव से शीघ्र ही इसके संबंध में जानकारियां मांगी है। पश्चिम बंगाल में मानवाधिकार धूल चाट रहा है एवं कानून के शासन की नैया पलट गयी है।
 - जगदीप धनखड़, राज्यपाल, पश्चिम बंगाल

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