Thursday, Apr 15, 2021
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bombay high court imposes 3-week stay on arrest of nikita jacob in toolkit case kmbsnt

टूलकिट मामले निकिता जैकब को बॉम्बे HC से बड़ी राहत, मिली 3 सप्ताह की ट्रांजिट बेल

  • Updated on 2/17/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़े टूलकिट मामले में आरोपी निकिता जैकब (Nikita Jacob) को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने निकिता को 3 सप्ताह की ट्रांजिट बेल दी है। इसका मतलब है कि अब 3 सप्ताह तक दिल्ली पुलिस (Delhi Police) निकिता जैबक को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने कहा है कि अगर जैबक की गिरफ्तारी होती भी है तो उन्हें 25 हजार के बॉन्ड पर जमानत मिल सकती है।  

जानाकीर के लिए आपको बता दें कि निकिता जैबक के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा गैर-जमानती वॉरंट जारी किया था। जस्टिस पीडी नाइक की बैंच ने आज यानी बुधवार को ये फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दिल्ली में ही एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं पुलिस ने निकिता जैकब के मोबाइल-लैपटॉप जब्त कर लिया है।

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सबूत जमा करने के लिए निकिता को चाहिए समय
निकिता जैकब के वकीलों ने अदालत में कहा कि निकिता पुलिस के साथ जांच में सहयोग देने को तैयार है। वो पुलिस द्वारा जारी किए गए गैर जमानती वॉरंट के खिलाफ अपील कर कर रही है। दिल्ली कोर्ट में पेश होने से पहले उसे सबूत इकट्ठा करने के लिए समय की जरूरत है, इसलिए गैरजमानती वॉरंट के खिलाफ अपील की गई है। 

निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश
मंगलवार को पुलिस की टीमों ने निकिता जैकब और शांतनु मुकुल की तलाश में छापेमारी जारी रखी। साइबर सेल को पता चला कि वह 26 जनवरी की रैली से पहले शांतनु और दिशा दिल्ली में मौजूद थे। यहां पर उन्होंने उस दिन के पूरे घटनाक्रम को देखा। जबकि यह भी बताया जा रहा है कि दोनों टिकरी बॉर्डर पर भी थे। इसके बाद 27 जनवरी को दोनों दिल्ली से चले गए थे, जबकि इसके कई महत्वपूर्ण एविडेंस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जिसे लेकर आगे छानबीन की जा रही है। 

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दिशा रवि को परिवार से बातचीत करने की अनुमति
उधर एक अदालत ने दिल्ली पुलिस से सोशल मीडिया पर एक ‘‘टूलकिट’’ साझा करने में संलिप्तता के लिए गिरफ्तार पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को प्राथमिकी की एक प्रति और अन्य दस्तावेज मुहैया कराने तथा अपने परिवार से उन्हें बातचीत करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने प्राथमिकी के अलावा पुलिस को गिरफ्तारी आदेश और हिरासत से जुड़े कागजात की प्रतियां भी मुहैया कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने रवि को गर्म कपड़े, मास्क और किताबें मंगाने की भी अनुमति दे दी है। 

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