Tuesday, May 17, 2022
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क्या मैं पैसे निकालने में आपकी मदद कर सकता हूँ,सावधान 

  • Updated on 9/19/2021

 
नई दिल्ली।टीम डिजिटल। हम लोग नहीं सुधरेगें! दिल्ली पुलिस और बैंक अधिकारी अक्सर लोगों को बताते हैं कि एटीएम में किसी की भी सहायता नहीं लें,हो सकता है सहायता करने वाला कोई जालसाज हो,जो कुछ सैकेंड में आपके एटीएम कार्ड को बदलकर अगले ही पल आपकी जमापूंजी को निकाल ले। निहाल विहार पुलिस ने ऐसे ही एक गैंग का पर्दाफाश कर दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुमित और रोहित के रूप में हुई है। दोनों सुल्तानपुरी इलाके के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से 16 एटीएम शिकायतकर्ता के कार्ड, डेटा ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एटीएम स्वाइप मशीन और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने के बाद उन जगहों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले रही है,जिन जिन एटीएम बूथ से पीडि़तों को शिकार बनाया था। 


जिला पुलिस उपायुक्त परविन्द्र सिंह ने बताया कि बीते चार सितंबर को निहाल विहार थाने में एक बुजुर्ग व्यक्ति बलराम ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त को वह प्रधान नगर स्थित एसबीआई एटीएम बूथ से पैसे निकालने गया था। जब उसने एटीएम मशीन में अपना कार्ड डाला तो एक लडक़ा आया और उसके पीछे खड़ा हो गया और वह पैसे नहीं निकाल सका। उक्त लडक़े ने उससे कहा कि या तो सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है या उसका कार्ड एक्सपायर हो गया है। उन्होंने मामले को सुलझाने में मदद की।

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आरोपी ने एटीएम कार्ड बदलकर पीडि़त को दिया
 इस पर शिकायतकर्ता ने अपना एटीएम कार्ड लडक़े को सौंप दिया। लडक़े ने मशीन में एटीएम कार्ड डाला और कुछ देर बाद उसने यह कहते हुए कार्ड वापस कर दिया कि एटीएम कार्ड में कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। दोनों एटीएम बूथ से निकल गए। शिकायतकर्ता जब घर पहुंचा तो पता चला कि उसे दिया गया एटीएम कार्ड किसी अमरजीत का है उसका नहीं। वह अभी बैंक अधिकारियों के पास जाने की तैयारी कर ही रहे थे। कुछ समय बाद उनके फोन पर 33 हजार नौ सौ 23 रुपये निकालने का मैसेज आया। जो उन्होंने निकाले ही नहीं थे। बैंक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। जिन्होंने एटीएम कार्ड को सील कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज किया। एसीपी आशिष कुमार की देखरेख में एसएचओ महावीर सिंह के निर्देशन में हेड कांस्टेबल पवन कांस्टेबल देवेंद्र,सुरेंद्र और संदीप को मामले का जिम्मा सौंपा गया। 

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एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता से एटीएम बूथ के बारे में जानकारी लेकर बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। जिसमें संदिगध दिखाई दिये। इसके अलावा जिस स्वाइप मशीन से पैसे पैसे निकालने में मदद ली थी,उसका नंबर और जहां जहां पर कार्ड इस्तेमाल किया था। उन जगहों पर जाकर मामले की जानकारी ली थी। ऐसी वारदात में शामिल बदमाश जो अभी जेल में हैं या फिर जमानत पर बाहर आए हुए हैं। उनके बारे में जानकारी ली गई। हयूमैन सॉर्से का भी सहारा लिया गया। इस बीच एक पुख्ता जानकारी के बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।  

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 कुछ महीने पहले ही स्वाइप मशीन खरीदी 
आरोपियों से पूछताछ चला कि करीब तीन से चार महीने पहले उन्होंने स्वाइप मशीन को खरीदा था। वे एटीएम बूथों में मदद करने के बहाने अनपढ़ या बुजुर्ग व्यक्तियों को टारगेट किया करते थे। उनका मदद के बहाने  पिन नंबर जानने के बाद अपने कार्ड का आदान-प्रदान करते हैं,। वह कार्ड को अपने स्वाइप मशीन से स्वाइप कर दिया करते थे। जिससे जब तक बैंक वाले एटीएम कार्ड ब्लॉक करें,उससे पहले वह पैसे निकाल लें। पैसे से वह मौजमस्ती करते और ब्रांडेड सामान खरीदा करते थे।  

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स्मैकियों से पचास सौ रुपये में लेते थे एटीएम कार्ड
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपी या फिर इनसे पहले पकड़े गए आरोपी सभी की स्मैकियों से दोस्ती होती है। वह स्मैकियों से चोरी के एटीएम कार्ड पचास-सौ रुपये में खरीद लिया करते हैं। इन कार्ड का उस समय इस्तेमाल होता था। जब वह एटीएम बूथ में किसी को शिकार बनाया करते थे। उनका कार्ड लेकर पीडि़त को अपना कार्ड काफी चालाकी से दे दिया करते थे और अगले ही पल उसे स्वाइप कर लिया करते थे। 

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