Wednesday, May 12, 2021
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महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री पर FIR के बाद उनके आवास व अन्य जगहों पर CBI के छापे

  • Updated on 4/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगे रिश्वतखोरी के आरोपों में एक मामला दर्ज कर लिया और शनिवार को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे। ये छापेमारी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद की जा रही है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी की एक टीम शुक्रवार रात नागपुर पहुंची थी और शनिवार सुबह से छापेमारी की जा रही है। देशमुख का घर नागपुर के सिविल लाइन्स इलाके में जीपीओ स्कॉयर में है। उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम देशमुख के निर्वाचन क्षेत्र कातोल कस्बे का भी दौरा कर सकती है जो नागपुर से 60 किलोमीटर दूर है।

सीबीआई ने देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रारंभिक जांच शुरू करने के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई मुंबई में देशमुख से जुड़े परिसरों के अलावा कई अन्य स्थानों पर तलाश कर रही है। देशमुख ने इस महीने की शुरुआत में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जब उच्च न्यायालय ने सीबीआई को उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने को कहा था। 

अधिकारियों के मुताबिक, जांच-पड़ताल के दौरान सीबीआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत देशमुख और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त प्रथम दृष्टया सामग्री मिलीं। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने मुंबई में कई स्थानों पर छापे मारे। इनमें देशमुख से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।

परमबीर सिंह ने 25 मार्च को देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए आपराधिक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत अन्य अधिकारियों को बार एवं रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था।

वाजे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच का सामने कर रहे हैं। यह जांच मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटकों से भरी एसयूवी मिलने के मामले से जुड़ी है। सिंह ने शुरुआत में उच्चतम न्यायालय का रुख किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि देशमुख के भ्रष्ट आचारण’ के बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने के बाद उनका तबादला किया गया। शीर्ष अदालत ने मामले को गंभीर बताया था लेकिन सिंह को उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा था।

इसके बाद सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर देशमुख के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराया और राकांपा नेता के खिलाफ सीबीआई से तत्काल एवं निष्पक्ष’ जांच का अनुरोध किया। महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है।

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