Sunday, Oct 02, 2022
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charges framed against yasin malik in rubaiya sayeed kidnapping case sohsnt

जम्मू की TADA कोर्ट में रूबिया सईद अपहरण मामले में अलगाववादी नेता यासीन के खिलाफ आरोप तय

  • Updated on 1/12/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अलगाववादी नेता मोहम्मद यासिन मलिक (Yasin Malik) के खिलाफ जम्मू की एक विशेष टाडा/ पोटा अदालत ने बीते सोमवार को पूर्व सीएम और देश के तत्कालीन गृहमंत्र मुफ्ती मोहम्मद सईद (
Mufti Mohammad Sayeed ) की बेटी रूबिया सईद (Rubaiya sayeed) अपहरण मामले में आरोप तय किए हैं।

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यासिन मलिक समेत इनके खिलाफ आरोप तय

बता दें कि रूबिया सईद अपहरण मामले में 31 साल पहले दर्ज मामले में आखिरकार स्पैशल जज टाडा जम्मू सुनित गुप्ता ने जे.के.एल.एफ सुप्रीमो यासिन मलिक, अली मोहम्मदमीर, मोहम्मद जमान मीर, इकबार अहमद गांडरू, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीर पाहलू उर्फ नना जी उर्फ सलीम, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराज-उद-दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी के विरुद्ध आरोप तय करने के निर्देश जारी किए।

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दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है मलिक
दरअसल, विशेष टाडा अदालत ने 31 साल पहले तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण के मामले में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक और नौ अन्य के खिलाफ आरोप तय किये हैं। मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने अप्रैल 2019 में आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में मलिक को गिरफ्तार किया था। इससे एक महीने पहले ही केंद्र सरकार ने मलिक के संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। विशेष टाडा अदालत ने जनवरी 1990 में श्रीनगर के बाहरी इलाके में भारतीय वायु सेना के चार जवानों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में पिछले साल मार्च में जेकेएलएफ प्रमुख और छह अन्य के खिलाफ आरोप तय किये थे।  

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विशेष टाडा न्यायाधीश सुनीत गुप्ता ने दिए आदेश
विशेष टाडा न्यायाधीश सुनीत गुप्ता ने सोमवार को मलिक और नौ अन्य लोगों- अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद जमान मीर, इकबाल अहमद गंदरू, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीक पहलू, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराजुद्दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। ये दस लोग उन दो दर्जन आरोपियों में शामिल हैं जिनके नाम टाडा अदालत में दाखिल सीबीआई के आरोप-पत्र में हैं। इनमें जेकेएलएफ के शीर्ष कमांडर मोहम्मद रफीक डार और मुश्ताक अहमद लोन की मौत हो चुकी है जबकि 12 अन्य फरार हैं।   

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श्रीनगर से रुबैया सईद का किया था अपहरण
जेकेएलएफ के सदस्यों ने आठ दिसंबर 1989 को श्रीनगर से रुबैया सईद का अपहरण कर लिया था और विभिन्न जेलों में बंद अपने साथियों को छोडऩे की मांग की थी। विशेष न्यायाधीश ने कहा, 'आरोपियों के इकबालिया बयानों, अपहृत की गईं रुबैया सईद तथा अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों के आधार पर प्रथमदृष्टया यह साबित होता है कि आरोपियों ने सईद के अपहरण की साजिश रची ताकि जम्मू-कश्मीर सरकार और भारत सरकार के साथ अपने साथियों को छुड़वाने के लिए सौदेबाजी कर सकें। आरोपी अपने नापाक इरादों में कामयाब रहे और उन्होंने अपने लोगों को छुड़वा भी लिया।'

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